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Tuesday, April 5, 2011

ममता की पेंटिंग पचास लाख की



कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी के चुनावी खर्चे की खातिर कोष जुटाने के लिए अपनी पेंटिंग का प्रदर्शन किया। कई दिग्गज कलाकारों ने उनकी कला की तारीफ की और आयोजकों ने उनकी पेंटिंग से 50 लाख रुपए जुटाए।

एक निजी आर्ट गैलरी में प्रदर्शन के लिए रखी गई 98 पेंटिंग में से 20 पेंटिंग तीन दिवसीय प्रदर्शनी के पहले दिन बिक गईं जिसमें से तीन पेंटिंग बिकने के लिए नहीं थीं। इन पेंटिंग्स को खरीदने वालों में उद्योगपति हर्ष नियोटिया, आईपीएल फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स के सह मालिक जय मेहता और बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष जगमोहन डालमिया शामिल थे।

Thursday, February 17, 2011

वरूण ने सोनिया को दिया शादी का न्योता



नई दिल्ली: भाजपा सांसद वरुण गाँधी राजनीतिक मतभेदों को एक किनारे करते हुए बुधवार को अपनी ताई और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी को अपनी शादी का न्यौता देने पहुंचे। जहां सोनिया ने उनका गर्मजोशी से स्वागत करते हुए उन्हें उनके वैवाहिक जीवन के लिए बहुत सारी शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया। साथ ही सोनिया ने वरूण को खाना खिलाकर वापस भेजा और कहा कि वो जरूर उनकी शादी में आयेंगी।


गौरतलब है कि पीलीभीत से सांसद वरुण गांधी की शादी बंगाली बाला यामिनी रॉय से हो रही है जो पेशे से ग्राफिक डिजाइनर हैं। साथ ही कई महीने पहले वरुण की मां और भाजपा सांसद मेनका गांधी ने इस रिश्ते का ऐलान किया था। तभी उन्होंने यह भी बताया था कि शादी में सोनिया गांधी समेत कांग्रेस के प्रथम परिवार के सभी सदस्यों को आमंत्रण दिया जाएगा।


Friday, February 11, 2011

वरुण की शादी, सोनिया के परिवार को न्योता



बरेली: आने वाली छह मार्च को भाजपा नेता वरुण गांधी ग्राफिक डिजाइनर यामिनी रॉय चौधरी के साथ विवाह बंधन में बंध जायेंगे। वरुण की मां मेनका गांधी ने यह जानकारी देते हुए कहा है कि वरुण की शादी वाराणसी के कांची मठ में होने की संभावना है। साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनके परिवार को भी आमंत्रण भेजा जाएगा।

मेनका ने बताया कि विवाह के बाद दिल्ली और पीलीभीत में रिसेप्शन होगा। पीलीभीत वरुण का लोकसभा क्षेत्र है। जब मेनका से पूछा गया कि क्या सोनिया को भी आमंत्रण भेजा जाएगा तो उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी और राहुल समेत परिवार के सभी सदस्यों को न्योता दिया जाएगा। गौरतलब है कि यामिनी आलोचक अरुणा वासुदेव की बेटी है, और दिल्ली में ग्राफिक डिजाइनिंग स्टूडियो चलाती हैं।

Thursday, February 10, 2011

राजस्थान: प्रतिभा पाटिल पर विवादास्पद टिप्पणी करने वाले मंत्री जी बर्ख़ास्त


जयपुर : राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल पर विवादास्पद टिप्पणी कर आलोचनाओं का शिकार हुए राजस्‍थान के वक्फ एवं पंचायतीराज राज्य मंत्री अमीन खां को आख़िरकार इस्तीफा देना पड़ा। मंत्री जी ने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भेजा जिन्होंने इसे राज्यपाल को सौंप दिया। राज्यपाल ने अमीन खां का इस्तीफा मंजूर कर लिया है।

मंत्री जी ने मंगलवार को पाली जिले में हुई कांग्रेस समिति की एक बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा था कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की रसोई में खाना बनाने और चाय तैयार करने के लिए प्रतिभा पाटिल को राष्ट्रपति के पद से नवाजा गया। उन्होंने कहा था कि वर्ष 1977 में इंदिरा गांधी जब चुनाव हार गई थी तो पाटिल उनके रसोई में खाना बनाया करती थी और यहां तक कि उनके बर्तन भी साफ किया करती थी। बकौल खान, ‘अंतत: उन्हें देश के सर्वोच्च पद पर बिठाया गया। पूर्व प्रधानमंत्री के प्रति उनकी निष्ठा का सम्मान किया गया।’

अमीन खां के इस बयान की चौतरफा निंदा की गई, जिससे बौखलाकर उन्होंने इस बारे में मीडिया के समक्ष अपनी सफाई पेश की। उन्होंने कहा, ‘मेरी बातों को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया। मेरे कहने का अर्थ था कि पाटिल एक सामान्य कार्यकर्ता थी और चूंकि वह निष्ठावान और अनुशासित कार्यकर्ता बनी रहीं, इसलिए उन्हें राष्ट्रपति बनने का मौका मिला।’

उनके इस बयान के कारण राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अमीन खां से मंत्री पद से इस्तीफा मांगा था। इस मामले में मुख्यमंत्री ने अमीन खां से फोन पर जवाब तलब किया था। इसके बाद वह बुधवार शाम को दिल्ली पहुंचे। दिल्ली में उन्होंने सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल और प्रभारी महामंत्री मुकुल वासनिक के साथ चर्चा की। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक इस चर्चा के बाद अमीन खां से इस्तीफा देने को कहा गया था।

मंत्री द्वारा दिये गये इस बयान को लेकर राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा "इस सरकार के मंत्री बेलगाम हो गए हैं। राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील के बारे में सरकार के मंत्री की टिप्पणी पूरे देश का, खासकर महिला जगत का अपमान है। इसके लिए पूरी सरकार दोषी है।"

Tuesday, February 8, 2011

सर्वदलीय बैठक फेल, विपक्ष जेपीसी की मांग पर अडिग


नई दिल्ली : घोटालों के कारण आलोचनाओं का शिकार हो रही केंद्रीय सरकार के सामने अब एक नई चुनौती आ खडी हुई है। पिछले काफ़ी समय विपक्ष द्वारा जेपीसी जांच की मांग की जा रही है, जिसे लेकर सरकार ने हमेशा ही टाल-मटोल वाला रवैय्या अपनाए रखा है। शीतकालीन सत्र के दौरान जेपीसी जांच की मांग कर रहे विपक्ष ने संसद को चलने नहीं दिया। अब महज़ दो हफ्ते बाद संसद का बजट सत्र शुरू होना है। इसी कारण केंद्र सरकार ने आज वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी की अध्यक्षता में 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले पर विपक्ष की जेपीसी की मांग के कारण बने गतिरोध को खत्म करने के लिये एक सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। जो कि बिना किसी हल के ख़त्म हो गई।

विपक्ष अब भी जेपीसी की मांग पर कायम है। भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि जेपीसी से कम पर कोई बात ही नहीं हो सकती है। कांग्रेस अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए भाजपा नेता ने कहा कि सोनिया गांधी किसी भी घोटाले पर कुछ नहीं बोल रही हैं। आदर्श हाउसिंग घोटाला, 2-जी स्पेक्ट्रम घोटाला हुआ लेकिन सोनिया गांधी ने कोई भी बयान नहीं दिया है।

ग़ौरतलब है कि शीतकालीन सत्र विपक्ष की जेपीसी की मांग की भेंट चढ़ गया था। अब जब बजट सत्र को सही रूप से चलाने के लिये सरकार ने फिर प्रयास शुरू किया है। जेपीसी की मांग पर अड़िग भाजपा ने कहा कि इस मसले पर चर्चा की जरूरत नहीं है और सरकार सीधे जेपीसी का गठन करे। हालांकि वाम दलों ने कहा है कि वह जेपीसी की मांग पर चर्चा के लिए तैयार है, बशर्ते सरकार इसके गठन का वादा करे।

जबकि जेपीसी की मांग को लेकर चल रहे गतिरोध को दूर करने के लिए कांग्रेस का कहना है कि पार्टी एक प्रस्ताव पर विचार विमर्श के लिए तैयार है। सरकार संसद में एक प्रस्ताव पारित करना चाहती है जिसमें मतदान के जरिये ये पता लगाने की कोशिश की जायेगी कि कितने सदस्य जेपीसी के पक्ष में और कितने सदस्य जेपीसी के विपक्ष में है।

उत्तर प्रदेश: नहीं रूक रहा बलात्कार का सिलसिला


इन दिनों उत्तर प्रदेश में आरोपियों द्वारा ख़ासकर बलात्कार की घटनाओं को धडल्ले से अंजाम दिया जा रहा है। आरोपियों ने मुख्यमंत्री मायावती द्वारा कही गई बात "मेरे राज में महिलाएं सुरक्षित" को सीधी चुनौती दे डाली है। ऐसा लगने लगा है कि देश में सुरक्षा क़ानून नाम की कोई चीज़ मौजूद नहीं है। इस बार उन्नाव में बलात्कार की एक घटना को अंजाम दिया गया है जहां एक शख्‍स ने नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार के बाद उसे जाने से मारने की कोशिश की। पीड़ित लड़की को गंभीर हालत में कानपुर के हैलट अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

उन्नाव के सीतापुर थानाक्षेत्र के गांव के एक किसान की 15 वर्षीय बेटी सोमवार रात में करीब 11 बजे घर के नजदीक ही खेत में शौच करने गई थी। जहां गांव के एक लडका उसे अपनी हवस का शिकार बनाने की फ़िराक़ में वहां ताक लगाए बैठा था। कुछ देर बाद उसके चीखने की आवाज सुन कर ग्रामीण खेत में पहुंचे। उन्‍होंने लड़की को खून से लथपथ, पड़ा पाया। उसके चेहरे, गले और जबड़े पर धारधार हथियार से वार किया गया था। बदहवास हालत में लड़की सिर्फ इतना ही बता पाई की गांव के ही रामसेवक ने उससे बलात्कार किया।

उन्नाव के पुलिस अधीक्षक ए के शुक्ला ने बताया कि आरोपी रामसेवक को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसने जुर्म कबूल कर लिया है। उसने पुलिस को बताया कि बलात्कार के बाद पीड़िता के चिल्लाने पर वो उसकी हत्या करने की कोशिश कर रहा था। इसी बाच ग्रामीण वहां आ पहुंचे। लड़की को गंभीर हालत में उन्नाव के जिला अस्पताल ले जाया गया जहां से उसे कानपुर के हैलट अस्पताल रेफ़र कर दिया गया।

ग़ौरतलब है कि इसी अस्‍पताल में फतेहपुर जिले के उदरौली गांव की वह लड़की भी भर्ती है, जिसने गैंगरेप की कोशिश का विरोध किया था तो आरोपी युवकों ने उसकी नाक, कान और अंगुली काट दी थी। डॉक्‍टर के मुताबिक वह शायद अब जीवन भर सुन नहीं सके और उसका चेहरा भी बदरंग ही रहेगा।

उदरौली गांव के रेप के मामले पर राज्‍य में राजनीतिक पार्टियां भी हरकत में आ गई है। लड़की का हालचाल पूछने कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सूर्यप्रताप साहू, कांग्रेस नेता रीता बहुगुणा जोशी, सपा नेता शिवपाल यादव सहित कई नेता पहुंच चुके हैं।

उत्‍तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती द्वारा महिलाओं की सुरक्षा के लाख दावे किये जाने के बावजूद बलात्‍कार की घटनाएं दिनों-दिन बढ़ती ही जा रही हैं। बीत 7 दिनों में ही ऐसे करीब आधा दर्जन मामले सामने आ चुके हैं।

एस बैंड घोटाला: प्रधानमंत्री को घेरने की तैयारी में विपक्षी दल


नई दिल्ली : घोटालों के कारण विपक्ष के निशाने पर आ चुकी केंद्र सरकार के लिये मुसीबतों का पहाड़ बनता जा रहा है। हाल ही में प्रकाश में आए ’एस बैंड घोटाले’ ने सरकार के लिये घोटालों की आग में घी डालने का काम किया है। जैसे-जैसे घोटालों की संख्या बढ़ती जा रही है वैसे ही सरकार पर विपक्ष के हमले तेज़ होते जा रहे हैं। घोटालों का जिन्न सरकार का पीछा नहीं छोड़ रहा है और सरकार की छवि धूमिल होती जा रही है।

2जी स्पेक्ट्रम घोटाले के बाद ’इसरो’ से जुड़े एस बैंड स्पेक्ट्रम आवंटन में सरकार को दो लाख करोड़ रुपए के राजस्व के नुकसान का आरोप लगाते हुए विपक्ष ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को कठघरे में खड़ा कर दिया है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि इसरो विभाग सीधे प्रधानमंत्री के तहत आता है, वहां पर इतना बड़ा घोटाला होना बेहद गंभीर मामला है। इसलिए प्रधानमंत्री तत्काल ही स्थिति स्पष्ट करें और इस आवंटन को रद्द करें।

2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में केंद्रीय मंत्री ए राजा की बलि देने के बाद भी सरकार संसद नहीं चला पा रही है। शीतकालीन सत्र हंगामे की भेंट चढ़ जाने के बाद अब बजट सत्र भी संकट में आ गया हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री के तहत आने वाले विभाग में एक और घोटाला सामने आने से सरकार के सामने मुसीबतें का अंबार लग गया है। इस घोटाले ने विपक्ष को और ज्यादा हमलावर बना दिया है। अब विपक्ष द्वारा इसरो और देवास मल्टीमीडिया के बीच हुए समझौते की जांच कराने की भी मांग की जा रही है। भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने प्रधानमंत्री से सवाल पूछा है कि इस स्पेक्ट्रम को एक निजी कंपनी को बिना नीलामी के किस आधार पर दिया गया?

ग़ौरतलब है कि इसरो ने इस दुर्लभ स्पेक्ट्रम में से 70 मेगा हर्टज देवास मल्टीमीडिया नाम की कंपनी को 20 साल के लिए दिया है। इस कंपनी के चेयरमैन इसरो के पूर्व वैज्ञानिक सलाहकार एमजी चंद्रशेखर है। इस स्पेक्ट्रम के आवंटन के लिये एमटीएनएल व बीएसएनएल से लगभग साढ़े बारह हजार करोड़ रुपए लिये गये, जबकि देवास मल्टीमीडिया को मात्र एक हजार करोड़ में आवंटित किया गया। कैग ने सरकार को थोड़ी राहत देते हुए कहा कि मीडिया में जो बाते आ रही है, वह उसके आडिट का निष्कर्ष नहीं है। अभी यह काम जारी है।

वामपंथी दलों ने भी इस मामले पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इस आवंटन में लगभग 2 लाख करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान हुआ है। माकपा नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि अंतरिक्ष विभाग को सीधे प्रधानमंत्री के तहत आता है। इसे तो वह किसी और पर डाल भी नहीं सकते हैं। इससे सीधे देश की सुरक्षा पर असर पड़ेगा। चारों वामपंथी दल इस मुद्दे को भी अपनी जेपीसी मांग के साथ जोड़ेगे। चाहे सरकार इसके लिए अलग से जेपीसी बनाए या फिर बाकी तीन के लिए जो मांग कर रहे हैं, उसके साथ ही कराए।

कांग्रेस ने इस पर रक्षात्मक रवैया अपनाते हुए कहा कि कैग रिपोर्ट की एक प्रक्रिया होती है। उसे सदन में रखा जाता है, उसके बाद पीएसी को जाती है और वहां से जांच होकर सदन के सामने आती है। कांग्रेस प्रवक्ता शकील अहमद ने उम्मीद जताई है कि यह मामला भी पीएसी के पास जा सकता है।

Saturday, February 5, 2011

मोदी के बचाव में उतरी बीजेपी

नई दिल्ली : एसआईटी द्वारा अपनी रिपोर्ट में मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को गुजरात दंगों के मामले में आरोपी क़रार दिये जाने के बाद उनकी पार्टी व प्रमुख विपक्षी दल भाजपा ने खुलकर उनका बचाव करना शुरू कर दिया है। भाजपा द्वारा इस मसले पर मीडिया में प्रकाशित खबरों के आधार पर एसआईटी की रिपोर्ट लीक होने के मामले की जांच की मांग की और इसमें केंद्र की यूपीए सरकार का हाथ होने का अंदेशा भी जताया।

पार्टी के विश्वस्त सूत्रों के अनुसार पिछले नौ वर्षो से कांग्रेस मोदी को कुर्सी से हटाने की और उनकी छवी को धूमिल करने की कई नाकाम कोशिशें कर चुकी हैं। लेकिन इसके विपरीत, मोदी हर बार चुनाव जीतकर विरोधियों के मुंह पर ताला लगाने में कामयाब रहे हैं। मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य को देखते हुए पार्टी रणनीतिकारों का मानना है कि रिपोर्ट लीक होना, ए राजा की गिरफ्तारी के बाद प्रधानमंत्री विपक्षी दलों के निशाने पर आ गए हैं। इसी बात से चिंतित होकर यूपीए सरकार द्वारा भाजपा का ध्यान बंटाने की सोची-समझी साज़िश रची जा रही है।

भाजपा के एक महासचिव का कहना है कि कांग्रेस और यूपीए सरकार इस रिपोर्ट के आधार पर विपक्षी हमलों को कूंद करने की फिराक में है लेकिन भाजपा किसी भी कीमत पर भ्रष्टाचार के मुद्दे पर जेपीसी की मांग से पीछे नहीं हटने वाली। भाजपा महासचिव और प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने साफ किया कि वे एसआईटी की रिपोर्ट पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे, क्योंकि अभी यह रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के पास विचाराधीन है और इस पर उसे अपना पक्ष देना है।

लेकिन सवाल यह उठता है कि जब सुप्रीम कोर्ट में एसआईटी की रिपोर्ट बंद लिफाफे में सौंपी गई है तो वह लीक कैसे हो गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट की निष्पक्षता पर कोई संदेह नहीं है लेकिन रिपोर्ट लीक करने के पीछे सरकार के कुछ तत्वों के शामिल होने के आसार हैं। कारण कालेधन मामले में जिन 24 लोगों के नाम सुप्रीम कोर्ट के समक्ष बंद लिफाफे में रखे गए हैं वे आज तक सार्वजनिक नहीं हुए। ऐसे में कोर्ट से रिपोर्ट लीक होने की गुंजाइश नहीं है।

Monday, January 24, 2011

बीजेपी की चेतावनी, नहीं रुकेगी राष्ट्रीय तिरंगा यात्रा

नई दिल्ली: जैसे-जैसे 26 जनवरी नज़दीक आ रही है, वैसे ही, श्रीनगर के लाल चौक पर राष्‍ट्रीय झंडा फहराने का मामले में बीजेपी के तेवर बेहद कडे होते जा रहे है। भाजयुमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद अनुराग ठाकुर ने कडे शब्दों में कहा है कि ’लाल चौक पर ध्वजारोहण का विरोध करने वाली कांग्रेस को लाल किले की प्राचीर पर झंडा फहराने का कोई अधिकार नहीं है। उन्‍होंने कहा, 'अब चाहे जान चली जाए, कोलकाता से शुरू हुई राष्ट्रीय एकता यात्रा नहीं रुकेगी। यात्रा का विरोध करने वाले अलगाववादियों के सामने केंद्र सरकार ने भले ही घुटने टेक दिए हों, देश के युवा अपने फैसले पर अडिग हैं।'

बीजेपी की युवा शाखा, भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा प्रारंभ की गई राष्ट्रीय एकता यात्रा (तिरंगा यात्रा) जारी है और यात्रा का समापन 26 जनवरी को लाल चौक में झंडा फहराने के साथ किया जाना है। जम्मू-कश्मीर सरकार ने केंद्र सरकार की मदद लेकर, हर हाल में यात्रा को पहले ही रोकने के लिए कमर कस ली है। इसे देखते हुए भाजपा के आला नेता भी आगे आ गए हैं और आलाकमान द्वारा जम्‍मू पहुंचने की योजना पर विचार किया जा रहा है।

तिरंगा यात्रा आज, पंजाब के पठानकोट पहुंच रही है। पठानकोट बीजेपी के आलाकमान ने अब इस यात्रा का मोर्चा संभालने का निर्णय लिया है। सोमवार को बीजपी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली समेत पार्टी के कई नेताओं की दिल्ली से जम्मू पहुंचने की संभावना हैं। उधर, यात्रा के मद्देनजर जम्मू-कश्मीर में कानून व्यवस्था की हालत को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्‍दुल्‍ला ने सोमवार को विपक्षी पार्टी पीडीपी की नेता महबूबा मुफ्ती के साथ केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम से मुलाकात की। इससे पहले अब्दुल्ला ने राज्‍य में अपने सहयोगियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर यात्रा को रोकने की नीति पर चर्चा की।

पड़ोसी राज्‍य से लगती राज्‍य की सभी सीमाएं सील कर दिया गया है, ताकि कोई भी प्रदर्शनकारी गुप्त रास्तों से राज्य में घुसपैठ ना कर सके। वैसे तो, भाजपा युवा मोर्चा की एकता यात्र 25 जनवरी तक रियासत में प्रवेश करेगी लेकिन काफी संख्या में युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं के आज यहां पहुंचने की उम्मीद की जा रही है। जम्मू संभाग के चार जिलों कठुआ, सांबा, जम्मू व ऊधमपुर में इस समय काफी हलचल है और असमंजस की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, यात्रा को लखनपुर में रोके जाने की पूरी उम्मीद है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने इस यात्रा पर अपनी सफ़ाई दी और कहा कि भाजपा युवा मोर्चा राजनीतिक लाभ उठाने के बजाय अलगाववादियों की चुनौती से निपटने के लिए यह कोशिश कर रहा है। सरकार अलगाववादियों के सामने समर्पण कर बैठी है। आडवाणी ने कार्यकर्ताओं के खिलाफ जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की भी कडे शब्दों में आलोचना की।

इससे पहले, प्रधानमंत्री ने भाजपा का नाम लिए बगैर कहा था कि गणतंत्र दिवस जैसे मौके पर पार्टियों को विभाजनकारी एजेंडे को बढ़ावा नहीं देना चाहिए। उन्हें राजनीतिक फायदा उठाने से बचना चाहिए।

Sunday, January 23, 2011

कर्नाटक में बीजेपी-कांग्रेस आमने सामने


कर्नाटक में राजनीतिक सरगर्मियां तेज़ हो रही हैं। एक तरफ जहां विपक्षी पार्टियां राज्य के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के इस्तीफे की मांग कर रही हैं तो वहीं बीजेपी ने राज्यपाल हंसराज भारद्वाज को वापस बुलाने की मांग की।

येदियुरप्पा ने कहा कि अगर कोई मुख्यमंत्री के खिलाफ शिकायत दर्ज करता है, तो क्या किसी ने अब तक इस्तीफा दिया है और इसलिए वह ऐसा क्यों करें" दिल्ली में बीजेपी प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी ने कहा है कि राज्यपाल भारद्वाज मामले की तहकीकात वह खुद करेंगे। गौरतलब है कि जमीन घोटाले में नाम आने के बाद मुख्यमंत्री के खिलाफ ये मुकद्दमा दर्ज कराया गया था।

Tuesday, January 18, 2011

जल्द खुलेगा स्विस-बैंक में जमा ’काले धन’ का राज़

लंदन:अहम गोपनीय दस्‍तावेज लीक कर अमेरिका की नाम में दम करने वाली वेबसाइट ’विकीलीक्स’ को स्विस बैंक में काम कर चुके और गोपनीय खातों के रहस्यों से वाकिफ एक अधिकारी ’रूडोल्फ एल्मर’ ने दो हजार बैंक खातों का ब्योरा सौंपा है। अपने खुलासों से तहलका मचाने वाली वेबसाइट विकीलीक्स अब स्विस बैंकों में दुनिया भर के पूंजीपतियों और राजनेताओं के अकूत धन वाले गोपनीय बैंक खातों का भंडाफोड़ करने की फ़िराक में लग गई है। एल्मर ने लंदन में एक प्रेस कांफ्रेंस में इन बैंक खातों की जानकारियां दो सीडी में विकीलीक्स को सौंपी।
एल्‍मर का दावा है कि इसमें अमेरिका, इंग्‍लैंड सहित कई एशियाई देशों के राजनेताओं और बिजनेसमैन के बारे में सूचनाएं हैं।इस बीच, जर्मन बैंक ने भी एक सूची सौंपी है, जिसमें 28 भारतीयों के नाम हैं। हालांकि, अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि इस एल्‍मर की ओर से सौंपी गई सूची में भारत से काला धन स्विस बैंक में जमा कराने वालों के नाम हैं या नहीं। स्विस अखबार ‘डेयर जॉनटाग’ में छपी रिपोर्ट के मुताबिक 1990 से 2009 के बीच स्विस बैंक में काला धन जमा करने वाले लोगों के नाम ही लिस्ट में शामिल हैं।

इस खबर के बाद से भारत में राजनीतिक सरगर्मियों ने ज़ोर पकड लिया है। देश की सरकार चलाने वाली पार्टी ’कांग्रेस’ और प्रमुख विपक्षी दल ’बीजेपी’ इस मुद्दे पर आमने-सामने आ गई हैं। बीजेपी, केंद्र सरकार पर स्विस बैंक के खाताधारकों के नाम जगजाहिर करने का दबाव बनाने में लग गई है। भाजपा का दावा है कि भारत सरकार को जर्मनी की सरकार ने स्विस बैंक के खाताधारकों की सूचना पहले ही सौंप दी है। वहीं, कांग्रेस ने सरकार का बचाव करते हुए कहा है कि जो मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है, उस पर बयानबाजी नहीं करनी चाहिए।
भाजपा प्रवक्‍ता रविशंकर प्रसाद ने नई दिल्‍ली में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘हम इस बैंक के भारतीय खाताधारकों के नाम जानना चाहते हैं और पूरा देश भी यही चाहता है कि सार्वजनिक संपत्ति को लूट कर स्विस बैंक में जमा करने वालों का पर्दाफाश होना चाहिये। इसलिए हम उम्‍मीद करते हैं कि ये नाम जल्‍द से जल्‍द लोगों के सामने आने चाहिए जिससे देश की जनता यह जान सके कि किसने देश की सेवा की, या खुद को अमीर बनाया।’भाजपा ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार के खिलाफ अभियान छेड़ रखा है जिसने सत्‍ता में दोबारा वापसी के बाद 100 दिनों के भीतर विदेशों में जमा भारतीय लोगों के काला धन को देश लाने का वादा किया था।

Monday, January 17, 2011

विदेशों में जमा काले धन के सारे सबूत : भाजपा


विदेशी बैंकों में जमा काले धन के मसले पर एक बार फ़िर आडवाणी मुखर हुए हैं। ऎसे लोगों के खिलाफ़ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग करते हुए भाजपा के वरिष्‍ठ इस नेता ने कहा है कि स्विस बैंक में जमा 20 लाख करोड़ रुपये भारत लाने के लिए कानून बनाना चाहिए। महंगाई और भ्रष्‍टाचार के खिलाफ मुंबई में एक रैली को संबोधित करते हुए आडवाणी ने कहा कि ग्‍लोबल फाइनेंसियल ट्रांसपैरेंसी की रिपोर्ट चौंकाने वाली है जिसमें कहा गया है कि भारत के 20.85 लाख करोड़ रुपये स्विस बैंक में जमा हैं। उन्‍होंने कहा, हमने इस इस बारे में प्रधानमंत्री को चिट्ठी भी लिखी थी लेकिन अभी तक उनका इस मसले पर कोई जवाब नहीं आया है।

आडवाणी ने कहा, कि ऐसा कानून भी बनाना चाहिए जिससे यह रकम स्‍वदेश लाई जा सके। आडवाणी ने चेतावनी देते हुए कहा कि हम आखिर इस मसले पर इसलिए चुप हैं कि कांग्रेस से जुड़े कुछ लोगों का इससे संबंध है। प्रधानमंत्री ने लोकसभा चुनाव के पहले जनता को भरोसा दिलाया था कि वह इस मसले पर गौर करेंगे लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। प्रधानमंत्री को इसका जवाब देना चाहिए।

रैली में भाजपा अध्‍यक्ष नितिन गडकरी ने दावा किया कि उन्‍हें स्विस बैंक के कुछ खातों की जानकारी है जिनका संबंध बोफोर्स केस से है। उन्‍होंने कहा, मुझे स्विस बैंक के ऐसे तीन अकाउंट नंबर की जानकारी है जिनका संबंध बोफोर्स मामले से है। क्‍वात्रोच्चि द्वारा विन चड्ढा के अकाउंट में डाले गए धन की जानकारी सभी को है और उसके गांधी परिवार से नजदीकी संबंध थे। कांग्रेस को इसका जवाब देना चाहिए।

वहीं आडवाणी ने इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट से भी गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि देश को सुप्रीम कोर्ट से बहुत उम्मीदें हैं। देश को उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले को तार्किक अंत तक पहुंचाएगा। आडवाणी ने कहा कि 462 मिलियन अमेरिकी डॉलर एक बहुत बड़ी रकम होती है जो यदि विकास कार्यों में लगा दी जाए तो भारत की तस्वीर बदल जाएगी। आडवाणी ने यह बात उस संदर्भ में कही जिसमें हाल ही में सुप्रीम कोर्ट द्वारा सरकार को विदेशी बैंकों में धन रखने वाले लोगों का नाम सार्वजनिक करने की चेतावनी दी थी।

Tuesday, November 9, 2010

आदर्श घोटाले की भेंट चढ़े अशोक चव्हाण


मुंबई: जैसा कि माना जा रहा था अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ऒबामा की यात्रा के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण की विदाई हो जायेगी वैसा ही हुआ। आदर्श हाउसिंग सोसायटी घोटाले में फंसे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने आज इस्तीफा दे दिया। रक्षा मंत्री एके एंटनी ने घोटाले में सशस्त्र बलों और रक्षा संपदा अफसरों की भूमिका तय करने के लिए सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं।
कांग्रेस आलाकमान से निर्देश मिलने के चंद घंटों बाद चव्हाण राजभवन गए और महाराष्ट्र के राज्यपाल के. शंकर नारायणन को इस्तीफा सौंप दिया। राज्यपाल ने उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया। चव्हाण ने बीते 30 अक्टूबर को पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करके मामले में अपना पक्ष रखा था। उन्होंने इस्तीफे की पेशकश भी की थी। आरोप है कि चव्हाण ने राज्य में कांग्रेस-राकांपा गठबंधन सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान राजस्व मंत्री के रूप में सोसायटी के लिए उपनियमों में अनेक बदलाव किए थे। इसकेबदले उनके ससुराल पक्ष के रिश्तेदारों को इसमें फ्लैट मिले। कांग्रेस ने पार्टी स्तर पर इसकी जांच के लिए प्रणव मुखर्जी और एके एंटनी की दो सदस्यीय समिति बनाई है। जांच अभी चल रही है।
इस पूरे मामले पर सीबीआई की बिंदुऒं पर जांच करेगी।
चव्हाण घोटाले के कारण इस्तीफा देने वाले महाराष्ट्र के तीसरे मुख्यमंत्री हैं। इससे पहले जनवरी, 1982 में सीमेंट घोटाले में नाम आने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री एआर अंतुले को पद छोड़ना पड़ा था। धन ऐंठने के एक मामले में कोर्ट ने उन्हें दोषी भी करार दिया था। 1986 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवाजी राव नीलंगेकर पाटिल ने अंक घोटाले के बाद इस्तीफा दे दिया था। उनकी भतीजी मेडिकल छात्रा थी। मुख्यमंत्री पर उसके अंक बढ़वाने का आरोप लगा था। इन तीनों दागी मुख्यमंत्रियों का कार्यकाल दो साल से कम रहा।

Thursday, October 7, 2010

संघ और सिमी की विचारधारा एक : राहुल

भोपाल : कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) और प्रतिबंधित संगठन स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) को एक समान बताया है। राहुल के मुताबिक दोनों संगठन कट्टरवादी हैं, क्योंकि इन दोनों संगठनों की विचाराधारा समान है। वहीं राहुल के इस बयान के बाद बीजेपी ने कड़ी नाराज़गी ज़ाहिर की है।
युवक कांग्रेस के सदस्यता अभियान पर मध्य प्रदेश के तीन दिवसीय प्रवास के अंतिम दिन राहुल गांधी ने बुधवार को भोपाल में संवाददाता सम्मलेन में कहा कि उन्होंने पहले भी कहा है और अब भी कहते है कि जिन लोगों की विचारधारा सिमी और आरएसएस जैसे संगठनों से मेल खाती है, उन्हें युवक कांग्रेस में प्रवेश नहीं दिया जा सकता। मेरा लक्ष्य युवाओं के लिए राजनीति के दरवाजे खोलना है।
वहीं भाजपा ने राहुल के इस बयान पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए उन्हें मानसिक रूप से असंतुलित, अज्ञानी, उद्दंड और अपरिपक्व करार दिया। संघ ने कहा कि कांग्रेस महासचिव को केवल इटली और कोलंबिया ही नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति का भी कुछ ज्ञान होना चाहिए। यह पहला मौका है जब भाजपा ने राहुल गांधी पर इस तरह की व्यक्तिगत टिप्पणी की है। बहरहाल, राहुल गांधी के इस बयान के बाद कांग्रेस और भगवा खेमा एक बार फिर आमने-सामने आ गये हैं।

Saturday, September 4, 2010

आने वाले 7 सितंबर को देश में महाबंद

बढ़ती महंगाई, श्रम कानूनों की कथित अनदेखी और सार्वजनिक कंपनियों के विनिवेश जैसे मुद्दों से नाराज मजदूर संगठनों ने 7 सितंबर को हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। इस बंद में कांग्रेस से जुड़े मजदूर संगठन ‘इंटक’ समेत देश के आठ बड़े श्रमिक संगठन शामिल हो रहे हैं।
इंटक के अध्यक्ष और कांग्रेस सांसद जी संजीव रेड्डी ने इस सिलसिले में मीडिया को बताया कि सभी केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने मिलकर सात सितंबर को देशभर में आम हड़ताल रखने का फैसला किया है। इस महा-हड़ताल में अलग-अलग क्षेत्रों से लगभग छह करोड़ कर्मचारी शामिल होंगे। इस हड़ताल को लेकर एटक महासचिव गुरूदास दासगुप्ता ने कहा कि भारत के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है कि एटक, सीटू, एचएमएस, एआईयूटीयूसी, टीयूसीसी, एआईसीसीटीयू, एयूटीयूसी और कर्मचारियों के दूसरे संगठन एक साथ हड़ताल में शामिल हो रहे हैं।

Wednesday, September 1, 2010

राहुल गांधी का तीन दिवसीय दौरा:अमेठी

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी अमेठी संसदीय क्षेत्र के तीन दिवसीय दौरे के लिए बुधवार को रवाना हो गये। जहां अमौसी हवाई अड्डे पर कांग्रेसजनों द्वारा राहुल का भव्य स्वागत किया गया।
अमेठी दौरे पर आए राहुल गांधी को रास्ते में शिवानी और सोनिया नाम की दो महिलाओं ने रोक दिया। इन महिलाओं की पुकार सुनकर राहुल गाड़ी से उतरे और महिलाओं की बात सुनी। महिलाओं ने रोते हुए कहा कि इलाके के दबंगों ने उनकी संपत्ति पर कब्जा कर लिया है। राहुल गांधी ने उन दोनों की बात सुनकर उचित कार्रवाई का आश्वासन भी दिया। शिवानी ने बसपा प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन ही उनकी जान का दुश्मन बन गया है। उसने कहा कि मैं मीडिया के सामने खुले तौर पर कहती हूं कि मेरी जान के दुश्मन बने लोग अगर मुझे मारना चाहते हैं तो सबके सामने मारे। मेरा और मेरे परिवार का जीना मुहाल न करें। इन महिलाओं का आरोप है कि उनकी संपत्ति पर कब्जा करने वालों दबंगों को पुलिस का सहयोग प्राप्त है और उन्हें हर स्तर पर सताया जा रहा है। और राज्य सरकार उन्हें कोई राहत नहीं दे रही है

Saturday, August 28, 2010

आतंक की कोई जाति, धर्म या मजहब नहीं:राजनाथ

केंद्रीय गृह मंत्री पी.चिदंबरम की "भगवा आतंकवाद" पर की गई टिप्पणी उन पर बहुत भारी पड़ रही है। जहां इस मुद्दे पर कांग्रेस में रार मच गयी है। वहीं भाजपा नेता राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री पी.चिदंबरम को "भगवा आतंकवाद" पर की गई अपनी टिप्पणी को वापस लेना चाहिए।
उन्होंने भगवा आतंकवाद पर चिदंबरम की टिप्पणी की निंदा करते हुए कहा भगवा रंग समर्पण और भक्ति का रंग है। राष्ट्रवादी ताकतों को हतोत्साहित करने के लिए यह कांग्रेस सरकार की सोची-समझी साजिश है। सिंह ने कहा, कि चिदंबरम ने एक बड़ी गलती की है। क्योकि आतंक की कोई जाति, धर्म या मजहब नहीं होता। जो लोग हिंदुत्व या भारतीय संस्कृति में विश्वास करते हैं, वे कभी भी आतंकी नहीं हो सकते।

Thursday, August 26, 2010

आदिवासी हितों के लिये संघर्ष करता रहूंगा : राहुल गांधी


लांजीगढ़ (उड़ीसा) : उड़ीसा के लांजीगढ़ मे आदिवासी अधिकार दिवस के अवसर पर एक रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी ने कहा कि वह आदिवासियों के हितों के लिये संघर्ष करेंगे और दिल्ली में उनके सिपाही होंगे और आगे भी उनका संघर्ष जारी रखेंगे। राहुल ने कहा कि मेरे धर्म में सभी व्यक्ति समान हैं फिर चाहे वह अमीर हो या गरीब, दलित हो या आदिवासी। जहां कहीं भी एक व्यक्ति की आवाज दबाई जाएगी तो वह मेरे धर्म के खिलाफ होगी। वेदांता परियोजना का नाम लिये बिना उन्होंने कहा कि भले ही मैं दिल्ली में रहता हूं, मैं आपकी चिंताओं पर ध्यान रखने के लिए हमेशा आपके साथ हूं। मैं यहां यह कहने आया हूं कि आपकी आवाज दिल्ली तक पहुंच गई है और आपने अपनी जमीन बचा ली है। मैं आपके साथ हूं। मैं जो भी कर सकता था, मैंने किया है।
उन्होंने इस आलोचना को खारिज कर दिया कि पर्यावरण मंजूरी से केंद्र का इनकार विकास के खिलाफ है। राहुल ने कहा कि विकास के नाम पर आदिवासियों के अधिकारों का हनन हो रहा है। राहुल ने कहा कि गरीबों के अधिकारों को छीनना विकास नहीं है। विकास का मतलब सबको साथ लेकर चलना होता है। हम विकास के लिए हैं, हम विकास के लिए संघर्ष करेंगे, हम आपकी आवाज के लिए संघर्ष करेंगे।
राहुल ने कहा कि दो तरह का भारत है, एक अमीरों के लिए जिनकी आवाज हर जगह पहुंचती है और दूसरा गरीब लोगों का भारत जिनकी आवाज शायद ही सुनी जाती है। राहुल ने न्याय के संघर्ष में आदिवासियों का पक्ष लेने का वादा किया। उन्होंने कहा कि मैं आपका सिपाही हूं। मेरा काम अभी पूरा नहीं हुआ है। आपको जब भी मेरी जरूरत होगी, मैं आपके साथ हूं।
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि जो लोग औद्योगीकरण करना चाहते हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि गरीबों के अधिकार एवं जमीन छीनकर विकास नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि संप्रग सरकार ने नियामगिरी के गरीब आदिवासियों की आवाज को गंभीरता से सुना एवं उनका सम्मान किया है।

न्यूज़लाईन नेटवर्क (इन्डिपेंडेंट न्यूज़ नेटवर्क)

Thursday, June 24, 2010

दिग्विजय सिंह का निधन, लंडन में ब्रेन हैमरेज से मौत!



बिहार के बांका से निर्दलीय सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री दिग्विजय सिंह के निधन को बिहार के नेताओं ने न केवल राज्य बल्कि पूरे देश के लिए अपूर्णीय क्षति करार दिया है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष एवं पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने दिग्विजय के निधन को व्यक्तिगत क्षति बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में इस तरह के मजबूत नेता का चले जाना केवल मेरी ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए अपूर्णीय क्षति है। वह पांच बार सांसद रहे और संसद में मजबूती व बेबाकी से बिहार की समस्याओं को उठाया। उनका निधन बिहार के लिए भी एक बड़ी क्षति है। लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के अध्यक्ष रामविलास पासवान ने कहा कि यह एक चौंकाने वाली खबर है। वह काफी लोकप्रिय नेता थे। उनकी लोकप्रियता का प्रमाण इसी से मिल जाता है कि पिछले लोकसभा चुनाव में उन्होंने बांका से बतौर निर्दलीय जीत दर्ज की। इस दुख की घड़ी में भगवान उनके परिजनों को हिम्मत दे। जनता दल (युनाइटेड) के बिहार इकाई के अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने दिग्विजय सिंह के निधन को बड़ी क्षति बताया। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सही दिशा में राजनीति को बढा़ने वाले नेता रहे हैं। इस दुखद समाचार से पूरा बिहार स्तब्ध है। इधर, कांग्रेस के बिहार प्रभारी मुकुल वासनिक ने पूर्व केंद्रीय मंत्री के निधन को राजनीति के लिए बड़ी क्षति करार दिया। गौरतलब है कि दिग्विजय सिंह का गुरुवार को लंदन में ब्रेन हैमरेज की वजह से निधन हो गया।

Friday, June 18, 2010

राज्य सभा के नये महारथी!!


राज्यसभा की 18 सीटों के लिए गुरुवार को पांच राज्यों में हुए चुनावों में विधायकों ने पार्टी व्हिप का खुलकर उल्लंघन किया। सबसे ज्यादा क्रॉस वोटिंग बिहार में हुई जहां इसी साल चुनाव होने हैं। राजस्थान में जाने-माने वकील राम जेठमलानी भाजपा के टिकट पर आसानी से ऊपरी सदन पहुंच गए, जबकि कर्नाटक में उद्योगपति विजय माल्या की भी भाजपा ने जीत में भरपूर मदद की। बिहार में पासवान के अलावा राजद-लोजपा उम्मीदवार रामकृपाल यादव, जदयू के रामचंद्र प्रसाद सिंह और उपेंद्र कुशवाहा, भाजपा के राजीव प्रताप रूडी चुनाव जीत गए। कर्नाटक से बिहार किस्मत आजमाने गए उद्योगपति बीजी उदय को कुल दो वोट मिले। उन्हें समर्थन देने वाले बसपा उम्मीदवारों में भी चार ने रामकृपाल यादव का साथ दिया। भाजपा के बनवारी राम ने राजद को वोट दे दिया, जबकि राजद के दो विधायकों ने जदयू का साथ दिया। जदयू के दो विधायक मतदान से गैरहाजिर रहे। राजस्थान में मामला दिलचस्प रहा। जेठमलानी को उम्मीद से ज्यादा वोट मिले। उनकी जीत सुनिश्चित करने के लिए भाजपा ने अपने विधायकों को नजरबंद कर रखा था। भाजपा के अलावा कुछ निर्दलीय विधायकों ने भी जेठमलानी का साथ दिया। माकपा ने गैरहाजिर रहकर उनकी मदद की। इससे जेठमलानी को चुनौती देने वाले कांग्रेस नेता और निर्दलीय उम्मीदवार संतोष बागड़ोदिया बुरी तरह हार गए। राजस्थान से कांग्रेस के आनंद शर्मा और अश्क अली टाक व भाजपा के वीपी सिंह भी जीत गए। कर्नाटक में कांग्रेस के ऑस्कर फर्नाडिस और भाजपा के एम वेंकैया नायडू व ए मंजूनाथ तो चुनाव जीते ही, साथ ही जेडीएस समर्थित विजय माल्या को भी भाजपा ने पूरा समर्थन दिया।
प्रसिद्ध उद्योगपति विजय माल्या, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व अध्यक्ष एम. वेंकैया नायडू और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ऑस्कर फर्नाडीस कर्नाटक से राज्यसभा चुनाव जीतने में सफल रहे हैं।
निर्दलीय उम्मीदवार विजय माल्या पर सबकी निगाहें टिकी थे। इसके बावजूद वह शुरू से ही अपनी जीत के प्रति आश्वस्त दिख रहे थे और अंतत: उसे साबित भी कर दिखाया। वह इससे पहले 2002 में राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। माल्या, नायडू और फर्नाडीस के अलावा भाजपा के अयानूर मंजूनाथ ने भी जीत दर्ज की। एकमात्र असफल रहे उम्मीदवार हैं कांग्रेस के टी. वी. मारूती। चौथी सीट के लिए उनके और माल्या के बीच मुकाबला था। माल्या को जनता दल (सेक्यूलर) के 27, एक निर्दलीय और भाजपा के दूसरी वरीयता के मत प्राप्त हुए। कांग्रेस की हार सुनिश्चित करने के लिए भाजपा ने
संघ नेतृत्व के निर्देश को ताक पर रख भाजपा ने माल्या का साथ दिया। झारखंड में धीरज साहू व झामुमो के केडी सिंह जीत गए, मगर भाजपा के अजय मारू हार गए। बिहार में कांग्रेस के राजद-लोजपा के साथ न आने से राजद के पांच विधायकों ने झारखंड में झामुमो उम्मीदवार केडी सिंह को वोट दिया। उड़ीसा में सत्ताधारी बीजद के तीनों उम्मीदवार प्यारे मोहन महापात्र, एसएन बेहेरा और षष्टम ओल्डा चुनाव जीत गए। भाजपा ने गैरहाजिर रहने का एलान किया था, मगर उसके एक विधायक भीमसेन चौधरी ने वोट डाला|

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