
लांजीगढ़ (उड़ीसा) : उड़ीसा के लांजीगढ़ मे आदिवासी अधिकार दिवस के अवसर पर एक रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी ने कहा कि वह आदिवासियों के हितों के लिये संघर्ष करेंगे और दिल्ली में उनके सिपाही होंगे और आगे भी उनका संघर्ष जारी रखेंगे। राहुल ने कहा कि मेरे धर्म में सभी व्यक्ति समान हैं फिर चाहे वह अमीर हो या गरीब, दलित हो या आदिवासी। जहां कहीं भी एक व्यक्ति की आवाज दबाई जाएगी तो वह मेरे धर्म के खिलाफ होगी। वेदांता परियोजना का नाम लिये बिना उन्होंने कहा कि भले ही मैं दिल्ली में रहता हूं, मैं आपकी चिंताओं पर ध्यान रखने के लिए हमेशा आपके साथ हूं। मैं यहां यह कहने आया हूं कि आपकी आवाज दिल्ली तक पहुंच गई है और आपने अपनी जमीन बचा ली है। मैं आपके साथ हूं। मैं जो भी कर सकता था, मैंने किया है।
उन्होंने इस आलोचना को खारिज कर दिया कि पर्यावरण मंजूरी से केंद्र का इनकार विकास के खिलाफ है। राहुल ने कहा कि विकास के नाम पर आदिवासियों के अधिकारों का हनन हो रहा है। राहुल ने कहा कि गरीबों के अधिकारों को छीनना विकास नहीं है। विकास का मतलब सबको साथ लेकर चलना होता है। हम विकास के लिए हैं, हम विकास के लिए संघर्ष करेंगे, हम आपकी आवाज के लिए संघर्ष करेंगे।
राहुल ने कहा कि दो तरह का भारत है, एक अमीरों के लिए जिनकी आवाज हर जगह पहुंचती है और दूसरा गरीब लोगों का भारत जिनकी आवाज शायद ही सुनी जाती है। राहुल ने न्याय के संघर्ष में आदिवासियों का पक्ष लेने का वादा किया। उन्होंने कहा कि मैं आपका सिपाही हूं। मेरा काम अभी पूरा नहीं हुआ है। आपको जब भी मेरी जरूरत होगी, मैं आपके साथ हूं।
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि जो लोग औद्योगीकरण करना चाहते हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि गरीबों के अधिकार एवं जमीन छीनकर विकास नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि संप्रग सरकार ने नियामगिरी के गरीब आदिवासियों की आवाज को गंभीरता से सुना एवं उनका सम्मान किया है।
न्यूज़लाईन नेटवर्क (इन्डिपेंडेंट न्यूज़ नेटवर्क)
उन्होंने इस आलोचना को खारिज कर दिया कि पर्यावरण मंजूरी से केंद्र का इनकार विकास के खिलाफ है। राहुल ने कहा कि विकास के नाम पर आदिवासियों के अधिकारों का हनन हो रहा है। राहुल ने कहा कि गरीबों के अधिकारों को छीनना विकास नहीं है। विकास का मतलब सबको साथ लेकर चलना होता है। हम विकास के लिए हैं, हम विकास के लिए संघर्ष करेंगे, हम आपकी आवाज के लिए संघर्ष करेंगे।
राहुल ने कहा कि दो तरह का भारत है, एक अमीरों के लिए जिनकी आवाज हर जगह पहुंचती है और दूसरा गरीब लोगों का भारत जिनकी आवाज शायद ही सुनी जाती है। राहुल ने न्याय के संघर्ष में आदिवासियों का पक्ष लेने का वादा किया। उन्होंने कहा कि मैं आपका सिपाही हूं। मेरा काम अभी पूरा नहीं हुआ है। आपको जब भी मेरी जरूरत होगी, मैं आपके साथ हूं।
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि जो लोग औद्योगीकरण करना चाहते हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि गरीबों के अधिकार एवं जमीन छीनकर विकास नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि संप्रग सरकार ने नियामगिरी के गरीब आदिवासियों की आवाज को गंभीरता से सुना एवं उनका सम्मान किया है।
न्यूज़लाईन नेटवर्क (इन्डिपेंडेंट न्यूज़ नेटवर्क)
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