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Wednesday, February 16, 2011

अरुण शौरी पर नहीं होगी कार्रवाई: गडकरी


नई दिल्ली : 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में एनडीए सरकार के कार्यकाल के दौरान दूरसंचार मंत्री रहे अरूण शौरी पर भी जांच की आंच आ पडी है। शौरी को इस सिलसिले में सीबीआई के सामने पेश भी होना है। जबकि अब भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने जांच की संभावनाओं को सिरे से नकार दिया है। गडकरी के मुताबिक़, 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन के बारे में हालिया बयानों के चलते पार्टी के वरिष्ठ नेता अरुण शौरी पर कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती।

गौरतलब है कि शौरी ने एक साक्षात्कार के दौरान कहा था कि उन्होंने काफी पहले लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज और राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली को 2—जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले के बारे में जानकारी दी थी लेकिन उन्होंने संसद में इस मुद्दे को उठाने के उनके सुझाव को नहीं माना था।

शौरी के इस बयान का भाजपा पहले ही खंडन करते हुए कह चुकी है कि पार्टी शुरुआत से इस मुद्दे को संसद में उठाती रही है। शौरी राजग सरकार में दूरसंचार मंत्री थे। उन्हें अब 2—जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच के सिलसिले में सीबीआई के समक्ष 21 फरवरी को पेश होना है।

Tuesday, February 8, 2011

सर्वदलीय बैठक फेल, विपक्ष जेपीसी की मांग पर अडिग


नई दिल्ली : घोटालों के कारण आलोचनाओं का शिकार हो रही केंद्रीय सरकार के सामने अब एक नई चुनौती आ खडी हुई है। पिछले काफ़ी समय विपक्ष द्वारा जेपीसी जांच की मांग की जा रही है, जिसे लेकर सरकार ने हमेशा ही टाल-मटोल वाला रवैय्या अपनाए रखा है। शीतकालीन सत्र के दौरान जेपीसी जांच की मांग कर रहे विपक्ष ने संसद को चलने नहीं दिया। अब महज़ दो हफ्ते बाद संसद का बजट सत्र शुरू होना है। इसी कारण केंद्र सरकार ने आज वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी की अध्यक्षता में 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले पर विपक्ष की जेपीसी की मांग के कारण बने गतिरोध को खत्म करने के लिये एक सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। जो कि बिना किसी हल के ख़त्म हो गई।

विपक्ष अब भी जेपीसी की मांग पर कायम है। भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि जेपीसी से कम पर कोई बात ही नहीं हो सकती है। कांग्रेस अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए भाजपा नेता ने कहा कि सोनिया गांधी किसी भी घोटाले पर कुछ नहीं बोल रही हैं। आदर्श हाउसिंग घोटाला, 2-जी स्पेक्ट्रम घोटाला हुआ लेकिन सोनिया गांधी ने कोई भी बयान नहीं दिया है।

ग़ौरतलब है कि शीतकालीन सत्र विपक्ष की जेपीसी की मांग की भेंट चढ़ गया था। अब जब बजट सत्र को सही रूप से चलाने के लिये सरकार ने फिर प्रयास शुरू किया है। जेपीसी की मांग पर अड़िग भाजपा ने कहा कि इस मसले पर चर्चा की जरूरत नहीं है और सरकार सीधे जेपीसी का गठन करे। हालांकि वाम दलों ने कहा है कि वह जेपीसी की मांग पर चर्चा के लिए तैयार है, बशर्ते सरकार इसके गठन का वादा करे।

जबकि जेपीसी की मांग को लेकर चल रहे गतिरोध को दूर करने के लिए कांग्रेस का कहना है कि पार्टी एक प्रस्ताव पर विचार विमर्श के लिए तैयार है। सरकार संसद में एक प्रस्ताव पारित करना चाहती है जिसमें मतदान के जरिये ये पता लगाने की कोशिश की जायेगी कि कितने सदस्य जेपीसी के पक्ष में और कितने सदस्य जेपीसी के विपक्ष में है।

Monday, December 27, 2010

पीएम ने कहा पीएसी के सामने पेशी को तैयार

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मनमोहन सिहं लोक लेखा समिति (पीएसी) के सामने पेशी को तैयार हैं उन्होंने 2 जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच कर रही लोक लेखा समिति (पीएसी) को आज पत्र लिखकर उसके समक्ष पेश होने की इच्छा जताई। सूत्रों ने विस्तृत ब्यौरा दिए बिना बताया कि कांग्रेस अधिवेशन में की गई घोषणा के बाद प्रधानमंत्री ने समिति के अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी को पत्र लिखकर यह पेशकश की।

मनमोहन सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा था कि वह लोगों से कुछ नहीं छिपाना चाहते और अपनी प्रमाणिकता के सबूत के तौर पर उनका इरादा पीएसी के अध्यक्ष को लिखकर कहना है कि अगर समिति उन्हें पेश होने के लिए कहती है तो वह पेश होने को खुशी से तैयार हैं।

सिंह ने कहा था कि विपक्ष यह गलत प्रचार कर रहा है कि सरकार इसलिए संयुक्त संसदीय समिति से जांच नहीं कराना चाहती ताकि प्रधानमंत्री को उसके समक्ष पेश होने से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि लोगों से छिपाने के लिए कुछ नहीं है।

सिंह ने पत्र ऐसे दिन लिखा है जब नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक [कैग] पीएसी के समक्ष पेश हो रहे हैं। कैग की रिपोर्ट पर ही पिछले दिनों संसद में गतिरोध बना रहा और पूरे शीतकालीन सत्र में कामकाज बाधित हुआ।

कैग की रिपोर्ट से भाजपा और वाम दलों सहित विपक्ष को एक हथियार मिल गया है और वह संयुक्त संसदीय समिति से जांच कराए जाने की मांग पर जोर दे रहा है। विपक्ष का आरोप है कि यह स्वतंत्र भारत का सबसे बड़ा घोटाला है।

कांग्रेस के महाधिवेशन में पीएसी के समक्ष पेश होने की इच्छा प्रकट कर चुके प्रधानमंत्री ने पीएसी के अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी को लिखे पत्र में समिति के समक्ष उपस्थित होने की इच्छा प्रकट की। कांग्रेस महाधिवेशन के अंतिम दिन प्रधानमंत्री ने कहा था कि अभी तक कोई भी प्रधानमंत्री पीएसी के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ लेकिन मैं पीएसी के समक्ष उपस्थित होने को तैयार हूं।

Friday, August 20, 2010

सांसदों का वेतन अब तीन गुणा बढ़ा

मंत्रीमंडल ने सांसदों का वेतन बढ़ाकर अब तीन गुना करने की मंजूरी दे दी है, जो वेतन 16 हजार रुपये है, वो अब बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया गया है। लेकिन लालू प्रसाद यादव मंत्रीमंडल के इस फ़ैसले से नाख़ुश है, उनका कहना है कि यह बढ़ोतरी उम्मीद से बहुत कम है।
वेतन से अलग सांसदों को प्रति माह मिलने वाले कार्यालय खर्च और निर्वाचन क्षेत्र भत्ते को भी बढ़ाकर 20 हजार से 40 हजार रुपये कर दिया गया है। पेंशन को भी आठ हजार रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 20 हजार रुपये प्रति माह किया गया है।
इतना ही नहीं निजी वाहन खरीदने के लिए अब सांसद चार लाख रुपये का ब्याज मुक्त कर्ज ले सकते है। रोड माइलेज रेट भी 13 रुपये प्रति किलोमीटर से बढ़ाकर 16 रुपये प्रति किलोमीटर कर दिया गया है, और अब सांसदों की पत्नियां जितनी बार चाहे फर्स्ट क्लास या इग्जेक्युटिव क्लास में सफर कर सकती है।


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