
नई दिल्ली : 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में एनडीए सरकार के कार्यकाल के दौरान दूरसंचार मंत्री रहे अरूण शौरी पर भी जांच की आंच आ पडी है। शौरी को इस सिलसिले में सीबीआई के सामने पेश भी होना है। जबकि अब भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने जांच की संभावनाओं को सिरे से नकार दिया है। गडकरी के मुताबिक़, 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन के बारे में हालिया बयानों के चलते पार्टी के वरिष्ठ नेता अरुण शौरी पर कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती।
गौरतलब है कि शौरी ने एक साक्षात्कार के दौरान कहा था कि उन्होंने काफी पहले लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज और राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली को 2—जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले के बारे में जानकारी दी थी लेकिन उन्होंने संसद में इस मुद्दे को उठाने के उनके सुझाव को नहीं माना था।
शौरी के इस बयान का भाजपा पहले ही खंडन करते हुए कह चुकी है कि पार्टी शुरुआत से इस मुद्दे को संसद में उठाती रही है। शौरी राजग सरकार में दूरसंचार मंत्री थे। उन्हें अब 2—जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच के सिलसिले में सीबीआई के समक्ष 21 फरवरी को पेश होना है।
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