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Friday, March 11, 2011

जेपीसी की पहली बैठक 24 मार्च को


नई दिल्ली : विपक्ष के साथ कड़े टकराव के बाद 2जी स्पेक्ट्रम मामले में जेपीसी जांच के लिये रज़ामन्द हुई केंद्र सरकार अब इस ओर पहला क़दम उठाने जा रही है। 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले की जांच के लिए बनी संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की पहली बैठक 24 मार्च को होगी। जेपीसी के अध्यक्ष पीसी चाको ने बताया कि बैठक में समिति के रोडमैप को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसमें यह भी तय किया जाएगा कि किन लोगों को बुलाया जाएगा और कौन-से दस्तावेज मांगे जाएंगे।

तीस सदस्यीय जेपीसी संसद के अगले सत्र में अपनी रिपोर्ट देगी। उधर, इस घोटाले संबंधी कैग की रिपोर्ट पर लोक लेखा समिति (पीएसी) तेजी से जांच में लगी हुई है और लगातार बैठकें हो रही हैं। पीएसी अब प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारियों को बुलाने की तैयारी में है।

इस घोटाले में सरकार को 1 लाख 76 हज़ार करोड़ रूपयों की राजस्व हानि पहुंची थी। एश ओ आराम की ज़िंदगी गुज़ारने वाले इस घोटाले के मुख्य आरोपी पूर्व दूरसंचार मंत्री ए.राजा अपनी काली करतूतों के कारण तिहाड़ जेल में सलाख़ों के पीछे की ज़िंदगी गुज़ार रहे हैं।

Sunday, February 27, 2011

देश के गद्दारों के खिलाफ है ये आंदोलन: बाबा रामदेव


नई दिल्ली : स्वामी रामदेव ने आज दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बड़ी रैली को संबोधित करते हुए स्वाभिमान यात्रा को लेकर मच रहे बवाल के बीच अपनी सफ़ाई पेश की। बाबा ने कहा कि भ्रष्टाचार और काले धन के खिलाफ छेड़ा गया उनका अभियान किसी व्यक्ति या पार्टी विशेष के खिलाफ नहीं है बल्कि यह देश के गद्दारों के खिलाफ है। बाबा की रैली में स्वामी अग्निवेश, सुब्रमण्यम स्वामी, अरविंद केजरीवाल सहित कई व्यक्तियों ने हिस्सा लिया। रैली में अलग-अलग धर्मों के धर्मगुरु भी शामिल थे।

बाबा रामदेव ने कहा कि यह आंदोलन उनके खिलाफ है, जिन्होंने देश को लूटा और विदेशी बैंकों में धन जमा किया। बाबा ने कहा कि जब केंद्र सरकार ने इसके ख़िलाफ़ कोई सख्त कानून नहीं बनाया है तो इन परिस्थितियों के लिए केंद्र सरकार निश्चित ही जिम्मेदार है। उन्होंने बिना दिग्विजय सिंह का नाम लिए कहा कि एक राजा ने उनके खिलाफ बोला, लेकिन प्रजातंत्र में न कोई राजा बड़ा है और न रानी, सबसे बड़ी जनता की ताकत है, जो इस समय भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़ी है। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार नहीं सुधरी तो जल्दी ही दिल्ली में एक करोड़ लोग हल्ला बोलेंगे। उन्होंने याद दिलाया कि आज महर्षि दयानंद का जन्मदिवस और क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद का बलिदान दिवस है। उन्होंने कहा कि इन महापुरुषों ने भी अन्याय के खिलाफ संघर्ष किया था।

इस रैली का आयोजन, भारत स्वाभिमान आंदोलन के बैनर तले हुआ। रैली में बोलते हुए स्वामी अग्निवेश ने कहा कि 5 अप्रैल को जब समाज सेवी अन्ना हजारे काले धन के खिलाफ आंदोलन करेंगे तो करीब 1 करोड़ लोग उनके समर्थन में जुटेंगे। अग्निवेश ने कहा कि यदि भारत में भ्रष्टाचार इसी तरह बढ़ता रहा तो ट्यूनिशिया, मिस्र और दूसरे अरब देशों की तरह भारत में भी विद्रोह हो सकता है। उन्होंने प्रधानमंत्री को चेतावनी दी कि भ्रष्टाचार के खिलाफ देश की जनता एकजुट हो रही है और अब समय आ गया है कि जब इसे रोकने के लिए कड़े कानून बनाने की जरुरत है।

जनता पार्टी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि आज देश को बाबा रामदेव का नेतृत्व मिल गया है और देश फिर एक बार सोने की चिड़िया के रूप में स्थापित होगा।

Tuesday, February 15, 2011

संवाददाता सम्मेलन में घोटालों पर जवाब देंगे प्रधानमंत्री


नई दिल्ली : घोटालों के कारण चौतरफ़ा घिरी केंद्र सरकार ने अब इन मुद्दों पर अपनी सफ़ाई देने का मन बनाया है। भ्रष्टाचार, घोटालों के कारण पूरे देश में केन्द्र सरकार की किरकिरी कर दी है और सरकार को आलोचनाओं का शिकार होना पड़ा है। अब, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इन मुद्दों पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कल [बुधवार को] टीवी चैनलों के संपादकों से सवाल-जवाब के एक सत्र के लिए मुलाकात करेंगे और इस सम्मेलन का सीधा प्रसारण दूरदर्शन पर किया जाएगा।

देश में 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाला, राष्ट्रमंडल खेलों में अनियमितताओं, आदर्श हाउसिंग सोसायटी घोटाला और हाल ही में प्रकाश में आए एस बैंड विवाद को लेकर केंद्र सरकार विवादों से घिरी है और विपक्ष प्रधानमंत्री पर मूक दर्शक बने रहने का आरोप लगा रहा है, ऐसी स्थिति में उनका मीडिया के साथ यह पहला संवाद होगा।

सू़त्रों के मुताबिक़, प्रधानमंत्री भाजपा द्वारा मूक बने रहने के आरोपों पर अपनी बात रखने के लिए इस मौके का इस्तेमाल कर सकते हैं। कल, यह मुलाकात प्रधानमंत्री के रेसकोर्स रोड स्थित आवास पर होगी और दूरदर्शन पर पूर्वाह्न 11 बजे से इसका सीधा प्रसारण किया जाएगा। संसद के बजट सत्र से पहले प्रधानमंत्री की मीडिया से बातचीत में भ्रष्टाचार को रोकने के सरकार के प्रयासों को रेखाकित किया जा सकता है।

प्रधानमंत्री सितंबर में प्रिंट मीडिया के वरिष्ठ संपादकों व पत्रकारों से रूबरू हुए थे और उन्होंने उनके सवालों का जवाब दिया था। बजट सत्र से पहले प्रधानमंत्री और काग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाधी समेत पार्टी के आला नेताओं ने कल कोर समूह की बैठक में जेपीसी माग के मुद्दे पर चर्चा की थी।

Thursday, February 10, 2011

एस-बैंड आवंटन घोटाला: दो सदस्यीय जांच आयोग का गठन


नई दिल्ली : देश में अब तक का सबसे बड़ा घोटाला क़रार दिये गये एस-बैंड स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले की जांच के लिये आयोग का गठन कर दिया गया है। इस घोटाले के कारण विपक्ष की आलोचनाओं का शिकार हो रहे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के व्यावसायिक धड़े एंट्रिक्स और एक निजी कम्पनी के बीच हुए करार मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय आयोग का गठन किया है।

उल्लेखनीय है कि इस करार से करदाताओं को दो लाख करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान लगाया गया है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अम्बिका सोनी ने बताया कि यह आयोग एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगा। दो सदस्यीय इस आयोग में योजना आयोग के सदस्य बी. के. चतुर्वेदी और अंतरिक्ष आयोग के सदस्य रोडेम नरसिम्हा हैं।

उधर, इसरो ने एक बयान जारी कर कहा, "जांच आयोग को अपनी सिफारिश प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को सौंपने का निर्देश दिया गया है।" ज्ञात हो कि अंतरिक्ष मंत्रालय सीधे प्रधानमंत्री के अधीन है।

बयान में कहा गया है, "आयोग एंट्रिक्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड और देवास मल्टीमीडिया प्राइवेट लिमिटेड के बीच हुए करार की तकनीकी, व्यावसायिक और वित्तीय पहलुओं की समीक्षा करेगा और साथ ही वह इस करार को मंजूरी देने के लिए अपनाई गई प्रक्रियाओं की भी जांच करेगा। आयोग मंजूरी प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने और उसमें बदलावों के सम्बंध में सलाह भी देगा।"

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2005 में एंट्रिक्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड और देवास मल्टीमीडिया प्राइवेट लिमिटेड के बीच स्पेक्ट्रम आवंटन को लेकर 20 वर्ष का करार हुआ था। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) का आरम्भिक आकलन है कि इस करार से सरकारी खजाने को कम से कम दो लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

Tuesday, February 8, 2011

एस बैंड घोटाला: प्रधानमंत्री को घेरने की तैयारी में विपक्षी दल


नई दिल्ली : घोटालों के कारण विपक्ष के निशाने पर आ चुकी केंद्र सरकार के लिये मुसीबतों का पहाड़ बनता जा रहा है। हाल ही में प्रकाश में आए ’एस बैंड घोटाले’ ने सरकार के लिये घोटालों की आग में घी डालने का काम किया है। जैसे-जैसे घोटालों की संख्या बढ़ती जा रही है वैसे ही सरकार पर विपक्ष के हमले तेज़ होते जा रहे हैं। घोटालों का जिन्न सरकार का पीछा नहीं छोड़ रहा है और सरकार की छवि धूमिल होती जा रही है।

2जी स्पेक्ट्रम घोटाले के बाद ’इसरो’ से जुड़े एस बैंड स्पेक्ट्रम आवंटन में सरकार को दो लाख करोड़ रुपए के राजस्व के नुकसान का आरोप लगाते हुए विपक्ष ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को कठघरे में खड़ा कर दिया है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि इसरो विभाग सीधे प्रधानमंत्री के तहत आता है, वहां पर इतना बड़ा घोटाला होना बेहद गंभीर मामला है। इसलिए प्रधानमंत्री तत्काल ही स्थिति स्पष्ट करें और इस आवंटन को रद्द करें।

2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में केंद्रीय मंत्री ए राजा की बलि देने के बाद भी सरकार संसद नहीं चला पा रही है। शीतकालीन सत्र हंगामे की भेंट चढ़ जाने के बाद अब बजट सत्र भी संकट में आ गया हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री के तहत आने वाले विभाग में एक और घोटाला सामने आने से सरकार के सामने मुसीबतें का अंबार लग गया है। इस घोटाले ने विपक्ष को और ज्यादा हमलावर बना दिया है। अब विपक्ष द्वारा इसरो और देवास मल्टीमीडिया के बीच हुए समझौते की जांच कराने की भी मांग की जा रही है। भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने प्रधानमंत्री से सवाल पूछा है कि इस स्पेक्ट्रम को एक निजी कंपनी को बिना नीलामी के किस आधार पर दिया गया?

ग़ौरतलब है कि इसरो ने इस दुर्लभ स्पेक्ट्रम में से 70 मेगा हर्टज देवास मल्टीमीडिया नाम की कंपनी को 20 साल के लिए दिया है। इस कंपनी के चेयरमैन इसरो के पूर्व वैज्ञानिक सलाहकार एमजी चंद्रशेखर है। इस स्पेक्ट्रम के आवंटन के लिये एमटीएनएल व बीएसएनएल से लगभग साढ़े बारह हजार करोड़ रुपए लिये गये, जबकि देवास मल्टीमीडिया को मात्र एक हजार करोड़ में आवंटित किया गया। कैग ने सरकार को थोड़ी राहत देते हुए कहा कि मीडिया में जो बाते आ रही है, वह उसके आडिट का निष्कर्ष नहीं है। अभी यह काम जारी है।

वामपंथी दलों ने भी इस मामले पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इस आवंटन में लगभग 2 लाख करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान हुआ है। माकपा नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि अंतरिक्ष विभाग को सीधे प्रधानमंत्री के तहत आता है। इसे तो वह किसी और पर डाल भी नहीं सकते हैं। इससे सीधे देश की सुरक्षा पर असर पड़ेगा। चारों वामपंथी दल इस मुद्दे को भी अपनी जेपीसी मांग के साथ जोड़ेगे। चाहे सरकार इसके लिए अलग से जेपीसी बनाए या फिर बाकी तीन के लिए जो मांग कर रहे हैं, उसके साथ ही कराए।

कांग्रेस ने इस पर रक्षात्मक रवैया अपनाते हुए कहा कि कैग रिपोर्ट की एक प्रक्रिया होती है। उसे सदन में रखा जाता है, उसके बाद पीएसी को जाती है और वहां से जांच होकर सदन के सामने आती है। कांग्रेस प्रवक्ता शकील अहमद ने उम्मीद जताई है कि यह मामला भी पीएसी के पास जा सकता है।

Tuesday, January 18, 2011

मंत्रिमंडल विस्तार संभव, सोनिया-मनमोहन की भेंट

नई दिल्ली : केंद्रीय मंत्रिमंडल में जल्दी ही कुछ नये मंत्री शामिल किये जा सकते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच मंगलवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की। सोनिया के साथ उनके राजनीतिक सचिव अहमद पटेल भी थे।

वहीं प्रधानमंत्री ने सोमवार को राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से मुलाकात की थी। इसे हालांकि शिष्टाचार मुलाकात बताया जा रह है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक इस हफ्ते में यूपीए मंत्रिमंडल में फेरबदल और विस्तार की संभावना है। सूत्रों का यह भी कहना है कि मनमोहन सिंह इस बार मंत्रिमंडल में युवा चेहरे शामिल कर सकते हैं। शरद पवार और कपिल सिब्बल जैसे मंत्रियों के पास एक से अधिक मंत्रालयों का प्रभार है।ऎसे में उनसे कुछ मंत्रालय लिए जा सकते हैं।

मंत्रिमंडल में ए. राजा, पृथ्वीराज चव्हाण और शशि थरूर के इस्तीफे के बाद कुछ पद रिक्त भी हैं। फेरबदल और विस्तार का मुख्य उद्देश्य इन मंत्रालयों को भरना बताया जा रहा है।

Monday, December 27, 2010

पीएम ने कहा पीएसी के सामने पेशी को तैयार

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मनमोहन सिहं लोक लेखा समिति (पीएसी) के सामने पेशी को तैयार हैं उन्होंने 2 जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच कर रही लोक लेखा समिति (पीएसी) को आज पत्र लिखकर उसके समक्ष पेश होने की इच्छा जताई। सूत्रों ने विस्तृत ब्यौरा दिए बिना बताया कि कांग्रेस अधिवेशन में की गई घोषणा के बाद प्रधानमंत्री ने समिति के अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी को पत्र लिखकर यह पेशकश की।

मनमोहन सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा था कि वह लोगों से कुछ नहीं छिपाना चाहते और अपनी प्रमाणिकता के सबूत के तौर पर उनका इरादा पीएसी के अध्यक्ष को लिखकर कहना है कि अगर समिति उन्हें पेश होने के लिए कहती है तो वह पेश होने को खुशी से तैयार हैं।

सिंह ने कहा था कि विपक्ष यह गलत प्रचार कर रहा है कि सरकार इसलिए संयुक्त संसदीय समिति से जांच नहीं कराना चाहती ताकि प्रधानमंत्री को उसके समक्ष पेश होने से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि लोगों से छिपाने के लिए कुछ नहीं है।

सिंह ने पत्र ऐसे दिन लिखा है जब नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक [कैग] पीएसी के समक्ष पेश हो रहे हैं। कैग की रिपोर्ट पर ही पिछले दिनों संसद में गतिरोध बना रहा और पूरे शीतकालीन सत्र में कामकाज बाधित हुआ।

कैग की रिपोर्ट से भाजपा और वाम दलों सहित विपक्ष को एक हथियार मिल गया है और वह संयुक्त संसदीय समिति से जांच कराए जाने की मांग पर जोर दे रहा है। विपक्ष का आरोप है कि यह स्वतंत्र भारत का सबसे बड़ा घोटाला है।

कांग्रेस के महाधिवेशन में पीएसी के समक्ष पेश होने की इच्छा प्रकट कर चुके प्रधानमंत्री ने पीएसी के अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी को लिखे पत्र में समिति के समक्ष उपस्थित होने की इच्छा प्रकट की। कांग्रेस महाधिवेशन के अंतिम दिन प्रधानमंत्री ने कहा था कि अभी तक कोई भी प्रधानमंत्री पीएसी के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ लेकिन मैं पीएसी के समक्ष उपस्थित होने को तैयार हूं।

Monday, November 8, 2010

ओबामा-मनमोहन की बैठक पर दुनिया की निगाहें


हैदराबाद हाउस में चल रही प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की बैठक पर दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं।

हैदराबाद हाउस में चल रही इस बैठक में दोनों नेता द्विपक्षीय समेत कई अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा कर आपसी सहमति बनाएंगे। साथ ही इस बैठक में दोनों नेता कुछ महत्वपूर्ण समझौतों पर भी दस्तख्त करेंगे। अब दुनिया भर के लोग बेसब्री से इस बात का इंतजार है कि कौन कौन से महत्वपूर्ण समझौतों पर दस्तख्त होंगे।

दोनों देशों के बीच भारत में गैस रिजर्व के खोज में सहयोग, वेदर फोरकास्ट, स्वास्थ्य और उर्जा के क्षेत्र में सहयोग संबंधित कई समझौते पर सहमति बन चुकी है और दोनों नेता इस बैठक में इन समझौते के मसौदों को हरी झंडी देंगे। साथ ही दोनों नेताओं के बीच भारत- अमेरिका न्यूक्लियर डील पर अमल, आउटसोर्सिंग और एच1 बी वीजा की फीस में इजाफे जैसे मुद्दे पर भी चर्चा होगी। सूत्रों के मुताबिक साझा बयान में न्यूक्लियर सप्लायर ग्रुप में भारत की सदस्यता पर अमेरिकी समर्थन का ऐलान भी मुमकिन है।

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