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Monday, May 9, 2011

सरकार को मिले पीओके के 700 आतंकियों के आवेदन



श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को कहा कि सरकार को पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) से घर वापस आने और हिंसा त्यागकर मुख्यधारा में लौटने की इच्छा व्यक्त करने वाले करीब 700 स्थानीय आतंकवादियों के आवेदन प्राप्त हुए हैं।

उमर ने कहा कि पुनर्वास नीति (पाक अधिकृत कश्मीर के आतंकवादियों के लिए) को उम्मीद से बेहतर प्रतिक्रिया मिली है। हमें इस बारे में 600 से 700 आवेदन प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि अब तक प्राप्त आवेदनों में राज्य प्रशासन ने 125 चरमपंथियों को राज्य में वापस लौटने की अनुमति प्रदान कर दी है। उन्होंने कहा कि इस आशय में उनके परिवार को सूचना भेजी जा रही है कि वह किस प्रकार से वापस लौटें।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने पिछले वर्ष पाक अधिकृत कश्मीर से घर वापस लौटने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए पुनर्वास पैकेज को मंजूरी दी थी।

Tuesday, April 5, 2011

महाराष्ट्र विस: सचिन को भारत रत्न देने की मांग



मुम्बई: टीम इंडिया को वर्ल्ड कप जीतने पर बधाई देते हुए महाराष्ट्र विधानसभा ने केंद्र सरकार से सिफारिश की है कि मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को भारत रत्न से सम्मानित किया जाए।

मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने टीम को धन्यवाद देने और तेंदुलकर के लिए भारत रत्न दिए जाने की सिफारिश के संबंध में प्रस्ताव रखा, जिसका सभी दलों ने समर्थन किया। इस प्रस्ताव को आम सहमति से पारित किया गया।

इससे पहले चव्हाण ने सदन में कहा, हम तेंदुलकर को खेल में उनके योगदान के लिए भारत रत्न देने की सिफारिश करते हैं। उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार महाराष्ट्र के खिलाड़ियों सचिन तेंदुलकर और जहीर खान को एक-एक करोड़ रुपये का नगद पुरस्कार और प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित करेगी। साथ ही टीम के सपोर्ट स्टाफ में शामिल मयंक पारेख और रमेश माने को 50-50 लाख रुपये देकर सम्मानित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने मुंबई में विश्वकप फाइनल के दौरान पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन के लिए पुलिस और यातायात अधिकारियों को भी बधाई दी।

Saturday, March 26, 2011

हरियाणा: जाटों ने वापस लिया आंदोलन


चंडीगढ़: केंद्र सरकार की नौकरियों में आरक्षण की मांग कर रहे हरियाणा के जाटों ने कल रात आंदोलन वापस ले लिया। उन्होंने मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा के साथ बातचीत के बाद आंदोलन वापस ले लिया।

मुख्यमंत्री हुड्डा ने बताया कि आंदोलनकारी जाट तत्काल सारी बाधाएं हटाने और धरने खत्म करने के लिए सहमत हो गए हैं। इतना ही नहीं उनका कहना है कि एक महीने के भीतर 'हरियाणा बैकवर्ड क्लासेज कमीशन' बनाने का भी फैसला किया गया है।

गौरतलब है कि जाटों द्वारा सरकारी नौकरियों में आरक्षण की माँग लेकर यह आंदोलन पिछले तीन सप्ताह से चल रहा था।

Friday, March 25, 2011

देश की 99 फीसदी सरकारें भ्रष्ट:रामदेव


पणजी: योग गुरु स्वामी देव ने काला धन के मुद्दे पर देश की 99 फीसदी सरकारों [केंद्र और राज्य सरकार] को भ्रष्ट और जन विरोधी करार दिया है।

उन्होंने आज गोवा चेंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज द्वारा आयोजित व्याख्यान को संबोधित करते हुए मौजूदा भूमि अधिग्रहण कानून में बदलाव की मांग की और इसमें संशोधन नहीं करने के लिए सरकार को आड़े हाथ लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में करीब एक तिहाई जमीन को राज्य सरकार ने अधिग्रहित कर लिया है।

स्वामी रामदेव के अनुसार, केंद्र और राज्य सरकारें भूमि अधिग्रहण कानून में बदलाव करना चाहती हैं। लेकिन इस कानून के चलते देश में लाखों लोग भूमिहीन और बेघर हो रहे हैं क्या सरकार इससे बेखबर है? क्योंकि देश की 99 प्रतिशत सरकारें भ्रष्ट हैं।

Wednesday, March 16, 2011

किसी भी समय बंद हो सकता है आपका इंटरनेट


नई दिल्ली : दुनिया भर में इंटरनेट का इस्तेमाल दिनों दिन काफ़ी तेज़ रफ़्तार से बढ़ रहा है। दुनिया भर में अधिकतर लोग अपने भिन्न-भिन्न कार्यों को अंजाम देने के लिये इंटरनेट का इस्तेमाल करने लगे हैं। या फिर यूं भी कहा जा सकता है कि विश्व भर में हज़ारों लोग पूर्ण रूप से इंटरनेट पर ही निर्भर हैं।

इसी प्रकार हमारे भारत में इस समय सात करोड़ इंटरनेट कनेक्शन हैं और इसकी रफ्तार 25 प्रतिशत की दर से बढ़ती जा रही है लेकिन इंटरनेट को लेकर एक बात ऐसी भी है जिसकी जानकारी बहुत कम लोगों को हैं। वह ये है कि किसी का भी इंटरनेट कनेक्शन केंद्रीय सरकार द्वारा कभी भी बंद किया जा सकता है।

भारत सरकार ने 2008 के आईटी ऐक्ट में एक संशोधन करके यह अधिकार अपने हाथ में ले लिया है कि वह या उसकी कोई भी सुरक्षा एजेंसी किसी भी व्यक्ति यचा संस्थान का इंटरनेट कनेक्शन कभी भी बंद कर सकती है। इंटरनेट कनेक्शन देश की सुरक्षा के नाम पर काटा जा सकता है और इसकी अवहेलना करने वाले को सात साल की सजा भी हो सकती है।

इंटरनेट कनेक्शन काटने को ’किल स्विट’ कहते हैं। इसके समर्थकों का कहना है कि इससे अफवाहें फैलने से रोका जा सकता है साथ ही झूठी सूचना देने पर भी रोक लगाई जा सकती है। दुनिया में ऐसे देशों की संखया कम ही है जहां यह व्यवस्था मौजूद है लेकिन बहुत से लोग इसका विरोध भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि देश की सुरक्षा के नाम पर ऐसे अधिकार लेना उचित नहीं है।

Friday, March 11, 2011

केंद्र से वार्ता विफल होने पर भड़के जाट आंदोलनकारी


मेरठ : आरक्षण के लिये क़रीब एक हफ़्ते से एड़ी चोटी का ज़ोर लगा देने वाले जाट आंदोलनकारियों को एक झटका लगा है जिस कारण उनका गुस्सा और भड़क उठा है। केंद्र सरकार के साथ हुई जाट आंदोलनकारियों की वार्ता विफल रही। इसके बाद आरक्षण की मांग कर रहे उत्तर प्रदेश और हरियाणा के जाट ताव में आ गए हैं। जेपी नगर के काफूरपुर में चल रहे जाट आंदोलन की आग गुरुवार को पूरे पश्चिम उत्तर प्रदेश में फैल गई। जहां एक ओर काफूरपुर रेलवे स्टेशन पर जाट समाज का कब्जा जारी है। तो वहीं अब हरियाणा के जाटों ने भी तेवर कड़े करते हुए आरक्षण की घोषणा तक रेलवे ट्रैक पर जमे रहने का एलान कर दिया है। एक तो हिसार से जुड़े तीन रेलमार्गो पर जाट पहले से ही जमे हुए हैं। साथ ही अब प्रदेश के उन रेलमार्गो की पहचान की जा रही है जहां जाम लगाया जा सकता है।

केंद्र सरकार के सचिव स्तरीय प्रतिनिधिमंडल से वार्ता विफल होने के कारण और उग्र हुए जाट समाज के लोगों ने बागपत, मुजफ्फरनगर में भी आंदोलन शुरू कर दिया है। गाजियाबाद में गंगनहर रेग्युलेटर पर प्रशासन ने एहतियातन फोर्स तैनात कर दी है क्योंकि पिछली बार के आंदोलन में जाट आंदोलनकारियों ने यहां से दिल्ली की वॉटर सप्लाई रोक दी थी। आंदोलनकारियों ने 14 सदस्यीय समिति का गठन कर कहा कि हाईकमान के निर्देश पर आगे फैसला किया जाएगा। बागपत में अखिल भारतीय जाट संघर्ष समिति व भाकियू ने संयुक्त रूप से कासिमपुर खेड़ी रेलवे स्टेशन पर कब्जा कर दिल्ली-सहारनपुर रेल मार्ग जाम कर दिया। अखिल भारतीय जाट संघर्ष समिति के राष्ट्रीय सचिव अभिषेक तोमर और भाकियू नेता उपेंद्र तोमर के नेतृत्व में पहुंचे सैकड़ों लोगों ने दिल्ली से हरिद्वार जा रही ट्रेन को रोक लिया। इससे दूसरी ट्रेनों पर भी असर पड़ा।

जबकि चेतावनी देते हुए आधे घंटे बाद उन्होंने ट्रैक खाली कर दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही जाटों को केंद्र में आरक्षण देने की घोषणा न की गई तो दिल्ली सहारनपुर रेल मार्ग को बंद कर दिया जाएगा। काफूरपुर में जाट संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने सरकार के रुख पर नाराजगी जताते हुए शुक्रवार से पंजाब में भी आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया। उधर, हरियाणा में हिसार-जयपुर और हिसार-लुधियाना रेलमार्ग पर तीसरे दिन भी अलग-अलग स्थानों पर जाटों का कब्जा रहा। वहीं मय्यड़ में आठ लोगों की भूखहड़ताल जारी है। हिसार-लुधियाना मार्ग पर भी भूख हड़ताल शुरू कर दी गई है।

जाट आरक्षण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक और प्रदेश अध्यक्ष हवा सिंह सांगवान ने केंद्र सरकार द्वारा एक माह का समय मांगे जाने को अव्यावहारिक बताया। साथ ही उन्होंने धमकी दी अब जाट दिल्ली की रणनीति में जुट गए हैं। इस बीच लगातार पांचवें दिन गुरुवार को हिसार-भिवानी-दिल्ली रेल टै्रक पर मय्यड़ के पास जाटों का कब्जा बना रहा। बुधवार को केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों से जाट नेताओं की वार्ता विफल रही थी।

समिति के प्रदेश अध्यक्ष कैप्टन हवा सिंह सांगवान ने कहा है कि आंदोलन को तीव्र रूप देने के लिए 12 मार्च को दिल्ली के जंतर-मंतर पर रोहतक से जाट नेता धरना देने के लिए जाएंगे। दो और ट्रेनें रद जाट आरक्षण की मांग को लेकर कई दिनों से हरियाणा के जिला हिसार में रेल लाइन पर बैठे आंदोलनकारियों के कारण फिरोजपुर रेल मंडल ने वीरवार को दो और ट्रेनें रद कर दी। इनमें फिरोजपुर छावनी से दिल्ली जाने वाली पैसेंजर 342 एवं लुधियाना सतलुज एक्सपे्रस 4629 शामिल हैं।

Tuesday, March 8, 2011

हसन अली मामले में कल होगी सुनवाई


मुंबई : काला धन मामले में कार्रवाई की पहली कड़ी साबित हुए हसन अली के ख़िलाफ़ चलने वाले मामले की सुनवाई कल तक के लिए स्थगित कर दी गई है। काला धन और टैक्स चोरी के आरोप में गिरफ्तार हसन अली खान को मंगलवार को मुंबई की एक अदालत में पेश किया गया। अदालत ने हसन अली को एक दिन के लिए प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में भेज दिया है।

धन शोधन और कर चोरी के आरोपी हसन अली खान को गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को नियमित चिकित्सीय परीक्षण के लिए अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने बताया कि 53 वर्षीय खान को सुबह लगभग सात बजे नियमित जाच के लिए जेजे अस्पताल ले जाया गया। खान को बुधवार को दिन में अदालत में पेश किया जाएगा।

प्रवर्तन निदेशालय के कई अधिकारियों ने सोमवार को मुंबई से पुणे जाकर काले धन से जुड़े मामले में खान के परिसरों पर छापे मारे थे। खान को इसके बाद मुंबई लाया गया। निदेशालय के अधिकारियों ने सोमवार देर रात तक उससे पूछताछ की। खान को आधी रात के बाद से नजरबंदी में रखा गया है। पुणे के इस व्यापारी को धन शोधन निरोधक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपी बनाया गया है।

जेजे अस्पताल में खान की ईसीजी और खून की जांच समेत कई परीक्षण किए गए। अस्पताल के डीन डा. सीटी लहाने के मुताबिक़, खान के चिकित्सा परीक्षणों में उसका स्वास्थ्य सामान्य होना बताया गया है। चिकित्सकों ने परीक्षणों के बाद जाचकर्ताओं को खान को वापस ले जाने की सलाह दी।

अस्पताल के डीन लहाने ने बताया कि मरीज के हृदय और गुर्दे संबंधित परीक्षण किए गए। पेट में दर्द की शिकायत के बाद उसके सर्जिकल परीक्षण भी किए गए, जिसके बाद पता चला कि उसका स्वास्थ्य सामान्य है। लहाने ने बताया कि खान के परीक्षण लगभग चार घटे चले। इसके बाद पता चला कि उसका रक्तचाप और ईसीजी सामान्य है।

सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद जागी सरकार को तेज़ी से इस काला धन मामले में कार्रवाई के लिये तेज़ी से क़दम उठाने होंगे। क्योंकि अभी भी ना जाने कितने ’हसन अली’ सरकार की पकड़ से बाहर हैं, जिन्होंने अपना काला धन विदेशी बैंकों में जमा कर भारत को दुनिया के क़र्ज़दारों की सूची में ५वें पायदान पर ला खड़ा किया है।

Saturday, March 5, 2011

मुंबई के अस्पताल में भर्ती है, हसन अली



मुंबई: देश में कर चोरी का सबसे बड़ा आरोपी और घोड़ा कारोबारी हसन अली मुंबई के अस्पताल में भर्ती है। इस बात का खुलासा उसके चार्टर्ड अकाउंटेंट सुनील शिंदे ने किया है।

प्रवर्तन निदेशालय ने कल अली के खिलाफ 'लुक आउट सर्कुलर' जारी किया था। सुप्रीम कोर्ट ने भी एक दिन पहले केंद्र सरकार को हसन मुद्दे पर फटकार लगाई थी। यह पूछे जाने पर कि हसन अली कहां है, शिंदे ने कहा कि वह मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती है, लेकिन उसने अस्पताल का नाम-पता नहीं बताया। शिंदे के अनुसार अली ने अभी अपना कोई वकील भी नहीं नियुक्त किया है, लेकिन अगले 15 दिन में 'सब ठीक हो जाएगा।

माना जा रहा है कि अली की 35, 952 करोड़ रुपये की संपत्ति का जो बड़ा हिस्सा ज्यूरिच,स्विट्जरलैंड के यूएसबी बैंक में है, वह उसका नहीं बल्कि एक प्रभावशाली महिला राजनीतिज्ञ का है और वह महिला उसे बलि का बकरा बना रही है। जांच एजेंसियों के अधिकारियों के मुताबिक अली इतनी बड़ी संपत्ति का अकेले मालिक नहीं हो सकता। उनका कहना है कि एक दक्षिण भारतीय राज्य की मुख्यमंत्री रह चुकी यह महिला इस काले धन की मुख्य स्रोत है। अधिकारियों के अनुसार अली को 'प्रभावशाली राजनेताओं' द्वारा बचाने की कोशिशें भी की जा रही हैं।

गौरतलब है कि 2007 में इनकम टेक्स अफसरों द्वारा कोरेगांव [पुणे] स्थित वेलेंटीना सोसायटी की ट्यूलिप बिल्डिंग पर मारे गये छापे में हसन अली का नाम पहली बार सुर्खियों में आया था। तब अफसरों ने यहां से सैकड़ों कीमती चीजें, महंगी-विदेशी कारें, सोने और चांदी के गहने बरामद किए थे।

Sunday, February 27, 2011

देश के गद्दारों के खिलाफ है ये आंदोलन: बाबा रामदेव


नई दिल्ली : स्वामी रामदेव ने आज दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बड़ी रैली को संबोधित करते हुए स्वाभिमान यात्रा को लेकर मच रहे बवाल के बीच अपनी सफ़ाई पेश की। बाबा ने कहा कि भ्रष्टाचार और काले धन के खिलाफ छेड़ा गया उनका अभियान किसी व्यक्ति या पार्टी विशेष के खिलाफ नहीं है बल्कि यह देश के गद्दारों के खिलाफ है। बाबा की रैली में स्वामी अग्निवेश, सुब्रमण्यम स्वामी, अरविंद केजरीवाल सहित कई व्यक्तियों ने हिस्सा लिया। रैली में अलग-अलग धर्मों के धर्मगुरु भी शामिल थे।

बाबा रामदेव ने कहा कि यह आंदोलन उनके खिलाफ है, जिन्होंने देश को लूटा और विदेशी बैंकों में धन जमा किया। बाबा ने कहा कि जब केंद्र सरकार ने इसके ख़िलाफ़ कोई सख्त कानून नहीं बनाया है तो इन परिस्थितियों के लिए केंद्र सरकार निश्चित ही जिम्मेदार है। उन्होंने बिना दिग्विजय सिंह का नाम लिए कहा कि एक राजा ने उनके खिलाफ बोला, लेकिन प्रजातंत्र में न कोई राजा बड़ा है और न रानी, सबसे बड़ी जनता की ताकत है, जो इस समय भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़ी है। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार नहीं सुधरी तो जल्दी ही दिल्ली में एक करोड़ लोग हल्ला बोलेंगे। उन्होंने याद दिलाया कि आज महर्षि दयानंद का जन्मदिवस और क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद का बलिदान दिवस है। उन्होंने कहा कि इन महापुरुषों ने भी अन्याय के खिलाफ संघर्ष किया था।

इस रैली का आयोजन, भारत स्वाभिमान आंदोलन के बैनर तले हुआ। रैली में बोलते हुए स्वामी अग्निवेश ने कहा कि 5 अप्रैल को जब समाज सेवी अन्ना हजारे काले धन के खिलाफ आंदोलन करेंगे तो करीब 1 करोड़ लोग उनके समर्थन में जुटेंगे। अग्निवेश ने कहा कि यदि भारत में भ्रष्टाचार इसी तरह बढ़ता रहा तो ट्यूनिशिया, मिस्र और दूसरे अरब देशों की तरह भारत में भी विद्रोह हो सकता है। उन्होंने प्रधानमंत्री को चेतावनी दी कि भ्रष्टाचार के खिलाफ देश की जनता एकजुट हो रही है और अब समय आ गया है कि जब इसे रोकने के लिए कड़े कानून बनाने की जरुरत है।

जनता पार्टी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि आज देश को बाबा रामदेव का नेतृत्व मिल गया है और देश फिर एक बार सोने की चिड़िया के रूप में स्थापित होगा।

Tuesday, February 22, 2011

क्या साल के अंत तक दिवालिया होगी बीएसएनएल..?


भारत संचार निगम लिमिटेड यानी बीएसएनएल को तेजी से हो रहे नुकसान को देखते हुए यह लगता है कि इस साल के अंत तक यह कंपनी दिवालिया हो जाएगी।

दरअसल इस सरकारी टेलीकॉम कंपनी को हर महीने भारी भरकम नुकसान हो रहा है। खबर के मुताबिक बीएसएनएल को हर महीने 400 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है। जबकि 2004 में जब पहली बार यूपीए की सरकार बनी थी, तब इस कंपनी के नाम पर कुल 30,000 करोड़ रुपए की नकदी थी, और इस कंपनी की गिनती अच्छा खासा मुनाफा कमाने वाली कंपनियों में की जाती थी। लेकिन तब लेकर अब तक सिर्फ, 7 सालों के अंदर ही यह कंपनी दिवालिया होने की कगार पर जा पहुंची है। साल 2009-10 के दौरान बीएसएनएल का रेवेन्यू 10 फीसदी से ज्यादा घट गया। इसके अलावा इस कंपनी को 3जी स्पेक्ट्रम की फीस के तौर पर 18,500 करोड़ रुपए की रकम भी चुकानी पड़ी जिसके चलते इस कंपनी की स्थिति बद से बदत्तर हो गई है।

हालाकि केंद्र सरकार इस बात का वादा कर चुकी है कि इस कंपनी को डूबने नहीं दिया जाएगा, और यह वादा प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने किया है। लेकिन अब देखना यह है कि 3 लाख से ज्यादा कर्मचारियों और करोड़ो ग्राहकों वाली इस कंपनी का उद्धार किस तरह किया जाता है।

Saturday, February 19, 2011

केंद्र सरकार ने लगाया दो दवाओं पर प्रतिबंध


नई दिल्ली: गेटीफ्लोक्सेसिन और टेगासेरोड नाम की दो हानिकारक दवाओं, पर केंद्र सरकार ने प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। ड्रग टेक्नीकल एडवायसरी बोर्ड (डीटीएबी) ने गुरुवार को यह अंतिम फैसला लिया है।

ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (एम्स) के वरिष्ठ डॉक्टर वाईके गुप्ता की अध्यक्षता वाली कमेटी ने अपने फैसले में लिखा है कि डीटीएबी गेटीफ्लोक्सेसिन और टेगासेरोड को सेहत के लिए खतरनाक पाया गया है। यही वजह है कि इसे जल्द से जल्द बंद करने पर सबकी सहमति बनी है। और इस फैसले की प्रति बहुत जल्द स्वास्थ्य मंत्रालय को भेज दी जाएगी।

सूत्रों के मुताबिक इन दोनों दवाओं को दो हफ्ते के अन्दर पूरे बाजार से हटाने के निर्देश दे दिए गए हैं। गेटीफ्लोक्सेसिन एक ऐसी एंटीबायोटिक है, जिससे डायबीडिज जैसे गंभीर बीमारी के होने का खतरा रहता है। जबकि टेगासेरोड, को अमेरिका समेत कई देशों में गंभीर रिएक्शन की वजह से पहले ही प्रतिबंधित किया जा चुका है।

इन दो घातक दवाओं के अलावा एक और दवा डीनसीट पर भी प्रतिबंध लगाने पर कमेटी ने विचार किया। लेकिन आंकड़ों के अभाव के कारण इस पर फैसला कुछ दिनों के लिए टाल दिया गया है। गेटीफ्लोक्सेसिन, टेगासेरोड और डीनसीट पूरे भारत में सालाना करीब 7 करोड़ का कारोबार करती हैं। गेटीफ्लोक्सेसिन दवा को रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। जबकि टेगासेरोड को आंतों में परेशानी और कब्ज दूर करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

अब टीवी चैनलों पर पैनी नज़र रखेगी केंद्र सरकार


नई दिल्ली : पिछले काफ़ी समय से टीवी चैनलों पर प्रसारित किये जा रहे कार्यक्रमों में अशलील की हदें पार की जा रही हैं। जिनको लेकर देश भर में काफ़ी हल्ला भी मच चुका है। कई टीवी चनलों पर ऐसे कार्यक्रम प्रसारित किये जाते रहे हैं जिसमें दोस्ती, मोहब्बत, भविष्य, ख़बर व स्टाइल के नाम पर अशलीलता को परोसा जाता है। लेकिन अब इनके ख़िलाफ़ उजागर हुई केंद्र सरकार, अब चैनलों पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रमों या खबरों पर नजर रखने के लिए ‘प्रसारण सामग्री शिकायत परिषद’ बनाने जा रही है।

मनोरंजन चैनलों की प्रतिनिधि संस्था ’इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन’ की सलाह पर इस 13 सदस्यीय परिषद का गठन किया जा रहा है। सूचना-प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने उद्योगों की प्रतिनिधि संस्था सीआईआई द्वारा टीवी कार्यक्रमों की गुणवत्ता पर आयोजित सेमिनार में कहा कि परिषद के गठन से टीवी कार्यक्रमों पर नजर रखने के लिए एक सही तंत्र बनाया जा सकेगा। मंत्री ने कहा कि उनका मंत्रालय आत्मनियंत्रण का पक्षधर है।

उन्होंने कहा कि न्यूज चैनलों की संस्था न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन ने अच्छी पहल की है और मंत्रालय के साथ मिलकर आत्मनियंत्रण का प्रमाण पेश किया है। सोनी ने कहा कि दूरदर्शन की मुफ्त डीटीएच सेवा पर मौजूदा 57 की जगह 97 चैनल उपलब्ध कराने को स्वीकृति दे दी गई है। दिसंबर तक 97 चैनल उपलब्ध हो जाएंगे। 12वीं योजना तक चैनलों की संख्या 200 करने की योजना है

Thursday, February 17, 2011

आख़िरकार रद्द हुई ’इसरो-देवास’ डील


देश में अब तक के सबसे बडा आंका जाने वाला एस-बैंड स्पक्ट्रम घोटाले में घिरी केंद्र सरकार ने अपने इस फ़ैसले से विपक्ष को कुछ हद तक शांत करने का प्रयास किया है। एस-बैंड स्पेक्ट्रम में इसरो-देवास के बीच हुई डील में राजस्व को २ लाख करोड के नुक़सान पहुंचने का अनुमान लगाया था। अब कैबिनेट ने इस क़रार को रद्द कर, इस घोटाले के कारण बढ़ी सरकार की मुसीबतों को घटाने की कोशिश की है।

कैबिनेट सुरक्षा समिति ने इसरो-देवास डील रद्द करने का फैसला किया है। सरकार ने इस एस-बैंड डील को रद्द कर दिया है। इस डील में देवास मल्टीमीडिया को लाइसेंस सस्ते में दिये जाने की बात सामने आने के बाद से ही यह डील कई आरोपों से घिरी हुई थी। रक्षा मंत्री ने भी इस मामले में चेतावनी देते हुए कहा था कि किसी भी तरह की हेराफेरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आज सुबह से ही इस डील को लेकर मीटिंग चल रही थी। मीटिंग के दौरान आख़िरकार इस डील को रद्द करने का फ़ैसला लिया गया।

ग़ौरतलब है कि इसरो ने जनवरी, 2005में देवास मल्टीमीडिया के साथ हुए एस बैंड करार की जानकारी चार महीने बाद मई, 2005 में अंतरिक्ष आयोग और कैबिनेट को नहीं दी थी। जबकि एक निजी समाचार चैनल ने दावा किया था कि मई, 2005 में कैबिनेट मीटिंग के नोट के मुताबिक इसरो ने कहा था कि एस बैंड स्पेक्ट्रम को लेकर एक सर्विस प्रोवाइडर उनके संज्ञान में है। जबकि हकीकत यह है कि इस नोट के लिखे जाने से चार महीने पहले ही इसरो की कारोबारी ईकाई एंट्रिक्स और देवास मल्टीमीडिया के बीच समझौता हो चुका था।

चूंकि, अंतरिक्ष विभाग उन दिनों प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के पास था। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या इस मामले की जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय को नहीं थी? क्या देश की बेशकीमती बैंड से जुड़े इस मामले में किसी कैबिनेट मंत्री की इजाजत नहीं ली गई?

या फिर यूं कहा जाए कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कल एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान अपनी व्यथा ज़ाहिर करते हुए ये बात कहकर कि "गठबंधन की अपनी मजबूरियां होती हैं", कोई राज़ छुपाने की कोशिश की है।

Wednesday, February 16, 2011

भ्रष्टाचार का धर्म निभा रही है संप्रग सरकार : गडकरी


नई दिल्ली : जहां एक ओर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने संवाददाता सम्मेलन क्र इस बात के साफ़ संकेत दे दिये हैं कि वो किसी भी जांच के लिये तैयार हैं। तो वही दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष नितिन गडकरी ने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और मौजूदा संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार गठबंधन धर्म के नाम पर भ्रष्टाचार धर्म को निभा रहे हैं। आज, भ्रष्टाचार के मुद्दों पर पीएम द्वारा दिये गए जवाबों के मद्देनज़र गड़करी ने ये बातें कहीं।

गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री के जवाबों से यह स्पष्ट हुआ है कि भ्रष्टाचार को रोकने में वह असफल ही रहे हैं। इसके लिए उन्होंने गठबंधन धर्म को जिम्मेदार ठहराया है लेकिन यह गठबंधन धर्म नहीं बल्कि भ्रष्टाचार धर्म है। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने भी गठबंधन सरकार चलाई लेकिन इस तरह के घोटाले कभी नहीं होने दिए।

गडकरी के मुताबिक़ मौजूदा सरकार में भ्रष्टाचार से लड़ने की ताकत ही नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले के अलावा अन्य घोटालों में गठबंधन की अन्य पार्टियों की भागीदारी नहीं थी फिर भी इन घोटालों को नहीं रोका जा सका। गडकरी ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि सरकार भ्रष्टाचार को रोकने के बजाय इसे छुपाने का प्रयास करती रही है।

Tuesday, February 8, 2011

एस बैंड घोटाला: प्रधानमंत्री को घेरने की तैयारी में विपक्षी दल


नई दिल्ली : घोटालों के कारण विपक्ष के निशाने पर आ चुकी केंद्र सरकार के लिये मुसीबतों का पहाड़ बनता जा रहा है। हाल ही में प्रकाश में आए ’एस बैंड घोटाले’ ने सरकार के लिये घोटालों की आग में घी डालने का काम किया है। जैसे-जैसे घोटालों की संख्या बढ़ती जा रही है वैसे ही सरकार पर विपक्ष के हमले तेज़ होते जा रहे हैं। घोटालों का जिन्न सरकार का पीछा नहीं छोड़ रहा है और सरकार की छवि धूमिल होती जा रही है।

2जी स्पेक्ट्रम घोटाले के बाद ’इसरो’ से जुड़े एस बैंड स्पेक्ट्रम आवंटन में सरकार को दो लाख करोड़ रुपए के राजस्व के नुकसान का आरोप लगाते हुए विपक्ष ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को कठघरे में खड़ा कर दिया है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि इसरो विभाग सीधे प्रधानमंत्री के तहत आता है, वहां पर इतना बड़ा घोटाला होना बेहद गंभीर मामला है। इसलिए प्रधानमंत्री तत्काल ही स्थिति स्पष्ट करें और इस आवंटन को रद्द करें।

2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में केंद्रीय मंत्री ए राजा की बलि देने के बाद भी सरकार संसद नहीं चला पा रही है। शीतकालीन सत्र हंगामे की भेंट चढ़ जाने के बाद अब बजट सत्र भी संकट में आ गया हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री के तहत आने वाले विभाग में एक और घोटाला सामने आने से सरकार के सामने मुसीबतें का अंबार लग गया है। इस घोटाले ने विपक्ष को और ज्यादा हमलावर बना दिया है। अब विपक्ष द्वारा इसरो और देवास मल्टीमीडिया के बीच हुए समझौते की जांच कराने की भी मांग की जा रही है। भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने प्रधानमंत्री से सवाल पूछा है कि इस स्पेक्ट्रम को एक निजी कंपनी को बिना नीलामी के किस आधार पर दिया गया?

ग़ौरतलब है कि इसरो ने इस दुर्लभ स्पेक्ट्रम में से 70 मेगा हर्टज देवास मल्टीमीडिया नाम की कंपनी को 20 साल के लिए दिया है। इस कंपनी के चेयरमैन इसरो के पूर्व वैज्ञानिक सलाहकार एमजी चंद्रशेखर है। इस स्पेक्ट्रम के आवंटन के लिये एमटीएनएल व बीएसएनएल से लगभग साढ़े बारह हजार करोड़ रुपए लिये गये, जबकि देवास मल्टीमीडिया को मात्र एक हजार करोड़ में आवंटित किया गया। कैग ने सरकार को थोड़ी राहत देते हुए कहा कि मीडिया में जो बाते आ रही है, वह उसके आडिट का निष्कर्ष नहीं है। अभी यह काम जारी है।

वामपंथी दलों ने भी इस मामले पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इस आवंटन में लगभग 2 लाख करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान हुआ है। माकपा नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि अंतरिक्ष विभाग को सीधे प्रधानमंत्री के तहत आता है। इसे तो वह किसी और पर डाल भी नहीं सकते हैं। इससे सीधे देश की सुरक्षा पर असर पड़ेगा। चारों वामपंथी दल इस मुद्दे को भी अपनी जेपीसी मांग के साथ जोड़ेगे। चाहे सरकार इसके लिए अलग से जेपीसी बनाए या फिर बाकी तीन के लिए जो मांग कर रहे हैं, उसके साथ ही कराए।

कांग्रेस ने इस पर रक्षात्मक रवैया अपनाते हुए कहा कि कैग रिपोर्ट की एक प्रक्रिया होती है। उसे सदन में रखा जाता है, उसके बाद पीएसी को जाती है और वहां से जांच होकर सदन के सामने आती है। कांग्रेस प्रवक्ता शकील अहमद ने उम्मीद जताई है कि यह मामला भी पीएसी के पास जा सकता है।

Saturday, February 5, 2011

बाबा रामदेव ने दी अहिंसक क्रांति की चेतावनी

नई दिल्‍ली : योग गुरु बाबा रामदेव ने भारत सरकार को चेतावनी देते हुए भारत में भी मिस्र की तरह क्रांति का आह्वान किया है। उन्‍होंने काला धन रखने के मामले में कुछ भारतीय लोगों और ट्रस्टों के नाम के खुलासे को सरकार की पूर्व नियोजित साजिश बताते हुए कहा कि केन्द्र सरकार इस मामले में देश के लोगों और उच्चतम न्यायालय दोनों को गुमराह कर रही हैं।

एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बाबा रामदेव ने कहा कि अगर मिस्र में अहिंसक क्रांति हो सकती है तो भारत में क्यों नहीं हो सकती ? उन्होंने कहा, ' हम अहिंसक क्रांति करेंगे और सरकार के खिलाफ जनता को खड़ा करेंगे। ' उन्होंने देश का काला धन हर हाल में वापस लाए जाने पर जोर देते हुए कहा कि सभी मंत्रियों का नार्को टेस्ट कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विदेश में जमा काला धन वापस लाना केंद्र की जिम्मेदारी है और केंद्र की सरकार उन लोगों को संरक्षण दे रही है जिनका पैसा विदेशी बैंको में जमा है।

रामदेव ने भ्रष्टाचार, बलात्कार, कालाधन, जमाखोरी और मिलावट के खिलाफ कठोर कानून बनाए जाने की मांग की। उनका कहना था कि अगर इन अपराधों के लिए हमारे पड़ोसी देश चीन में फांसी की सजा हो सकती है तो भारत में कड़े कानून क्यों नहीं बनाये जा सकते? रामदेव ने कहा कि अगर जनता का पैसा इसी तरह विदेश में जमा किया जाता रहा तो कल को लोग टैक्स देने से इनकार कर दें तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा? उन्‍होंने सरकार से मीडिया के जरिए सात सवाल पूछते हुए कहा कि सरकार काले धन का स्रोत बताए और यह भी बताए कि विदेश में कितना काला धन जमा है। उन्‍होंने कहा कि देश की आंतरिक अर्थव्यवस्था में लगभग 100 लाख करोड़ रुपये का कालाधन चल रहा है।

Thursday, February 3, 2011

केंद्र ने कहा, कश्मीरियों को बेवजह निशाना न बनाया जाए

नई दिल्ली : आख़िरकार जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा लगातार की जा रही माग को केंद्र सरकार ने सुन ही लिया। उमर ने केंद्र से अपील की थी कि देश के सभी राज्यों और संघशासित क्षेत्रों में रह रहे कश्मीरियों को जांच के मामले में पुलिस द्वारा निशाना ना बनाया जाए। अब, उमर की इस अपील पर केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से सभी राज्यों और संघशासित क्षेत्रों को सलाह भेजी गई, जिसमें कहा गया है कि देश के विभिन्न हिस्सों में रह रहे कश्मीरियों को विशेष तौर पर निशाना न बनाया जाए और उनके बारे में कोई भी जाच करने की स्थिति में पूरी संवेदनशीलता बरती जाए।

मंत्रालय ने राज्यों से कहा कि वे सभी पुलिस थानों को उचित निर्देश जारी करें कि पुलिस, रिपोटिंग के दौरान केवल कश्मीरियों को अलग कर निशाना ना बनाए, वह भी सिर्फ इसलिए क्योंकि वे मूल रूप से कश्मीर के रहने वाले हैं। मंत्रालय ने राज्यों और संघशासित क्षेत्रों से ऐसे मामलों में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट करने को कहा।

केंद्र ने जम्मू-कश्मीर की समस्या के समाधान के लिए जिन वार्ताकारों के दल की नियुक्ती की थी, उस दल ने भी मुख्यमंत्री उमर के समक्ष ही राय व्यक्त की थी। वार्ताकारों ने राज्य का कई बार दौरा किया है और इस दौरान आम लोगों द्वारा ये बात कही गई थी कि जम्मू-कश्मीर के बाहर के राज्यों में रह रहे कश्मीरी युवकों और युवतियों से पुलिस स्टेशन में सिर्फ इसलिए रिपोर्ट करने के लिए कहा जाता है क्योंकि वे कश्मीरी हैं। मंत्रालय ने कहा कि इस तरह का बर्ताव राज्य के निवासियों की समझ को प्रभावित करता है और उन्हें अलगाव और अन्याय की भावना महसूस होती है। भारतीय संविधान और कानून धार्मिक, जातिगत या रंग के आधार पर इस तरह के भेदभाव की इजाजत नहीं देता।

उल्लेखनीय है कि मुंबई पुलिस ने अपने थानों को एक नोटिस जारी किये गये थे जिसमें कश्मीरी लोगों पर नजदीकी निगाह रखने को कहा गया था। उमर अब्दुल्ला यह मुद्दा कई बार केंद्रीय गृह मंत्रालय के समक्ष उठा चुके हैं और उन्होंने यह भी कहा है कि इस तरह की घटनाएं उनके राज्य के निवासियों का अपमान है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने यह आश्वासन भी दिया है कि यदि किसी अन्य राज्य या संघशासित क्षेत्र से किसी के बारे में कोई जानकारी मांगी जाती है या किसी तरह का सवाल किया जाता है तो उसकी पूरी मदद की जाएगी।

Tuesday, February 1, 2011

अब 12 साल के बच्चे को सेक्स की अनुमति...


नई दिल्ली: केन्द्र सरकार ने कानूनी रूप से 12 साल के बच्चों को आपसी सहमति से सेक्‍स करने की इजाजत देने की तैयारी कर ली है। "महिला एवं बाल विकास मंत्रालय" ने बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा दिलाने संबंधी "प्रोटेक्शन ऑफ सेक्सुअल ऑफेंस बिल 2010" का मसौदा सभी राज्यों को भेज दिया है।

इसमें कहा गया है कि 12 से 14 साल के आयु वर्ग के मामले में सेक्स करने वाले बच्चों की उम्र में कम से कम दो साल , जबकि 14 से 16 साल के आयु वर्ग के मामले में तीन साल का अंतर होना चाहिए। फिलहाल अमेरीका में आपसी सहमति से सेक्स की उम्र 16 और 18 साल है। वहीं, ब्रिटेन में 16 साल और स्पेन में 13 साल के बच्चों को आपसी सहमति से सेक्स करने की कानूनन इजाजत मिली हुई है।

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस बिल का मसौदा राज्य सरकारों को भेजे जाने की पुष्टि की है। उधर कानून मंत्री वीरप्पा मोइली का कहना है कि 12 साल की उम्र सेक्स की इजाजत देने के लिए उपयुक्त नहीं है

Tuesday, January 18, 2011

मंत्रिमंडल विस्तार संभव, सोनिया-मनमोहन की भेंट

नई दिल्ली : केंद्रीय मंत्रिमंडल में जल्दी ही कुछ नये मंत्री शामिल किये जा सकते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच मंगलवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की। सोनिया के साथ उनके राजनीतिक सचिव अहमद पटेल भी थे।

वहीं प्रधानमंत्री ने सोमवार को राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से मुलाकात की थी। इसे हालांकि शिष्टाचार मुलाकात बताया जा रह है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक इस हफ्ते में यूपीए मंत्रिमंडल में फेरबदल और विस्तार की संभावना है। सूत्रों का यह भी कहना है कि मनमोहन सिंह इस बार मंत्रिमंडल में युवा चेहरे शामिल कर सकते हैं। शरद पवार और कपिल सिब्बल जैसे मंत्रियों के पास एक से अधिक मंत्रालयों का प्रभार है।ऎसे में उनसे कुछ मंत्रालय लिए जा सकते हैं।

मंत्रिमंडल में ए. राजा, पृथ्वीराज चव्हाण और शशि थरूर के इस्तीफे के बाद कुछ पद रिक्त भी हैं। फेरबदल और विस्तार का मुख्य उद्देश्य इन मंत्रालयों को भरना बताया जा रहा है।

Thursday, September 30, 2010

बल्क एसएमएस और एमएमएस पर 1 अक्टूबर तक रोक


नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने बल्क एसएमएस और एमएमएस पर लगे प्रतिबंध की सीमा बढ़ाकर एक अक्टूबर कर दी है। केंद्रीय गृह मंत्री ने बुधवार को कहा था कि अयोध्या विवाद पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ द्वारा फैसला सुनाए जाने के मद्देनजर बडे पैमाने पर एक साथ भेजे जाने वाले एसएमएस [बल्क एसएमएस] और एमएमएस पर केंद्र की ओर से लगाया गया प्रतिबंध अगले आदेश तक जारी रहेगा।
ऐसा इसलिये किया गया जिससे भड़काऊ माहौल पैदा करने की किसी भी कोशिश को नाकाम किया जा सके। केंद्र सरकार ने 22 सितंबर को बल्क एसएमएस और एमएमएस पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया था, जिसे बढ़ाकर पहले 29 सितंबर और फिर 30 सितंबर कर दिया गया था। चिदंबरम ने कहा कि गड़बड़ी फैलाने की कथित कोशिश के रूप में सरकार को एक संकेत मिला था कि बल्क एसएमएस के जरिए संदिग्ध संदेश भेजे जा रहे हैं इसी वजह से इस पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया गया था।
बुधवार को सुप्रीमकोर्ट के फैसले के बाद सरकार ने देशभर में बल्क शार्ट मैसेज सर्विसेज (एसएमएस) और मल्टी-मीडिया मैसेजिंग सर्विसेज (एमएमएस) पर लगी पाबंदी को कल तक के लिए बढ़ा दी है।

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