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Saturday, February 19, 2011

केंद्र सरकार ने लगाया दो दवाओं पर प्रतिबंध


नई दिल्ली: गेटीफ्लोक्सेसिन और टेगासेरोड नाम की दो हानिकारक दवाओं, पर केंद्र सरकार ने प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। ड्रग टेक्नीकल एडवायसरी बोर्ड (डीटीएबी) ने गुरुवार को यह अंतिम फैसला लिया है।

ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (एम्स) के वरिष्ठ डॉक्टर वाईके गुप्ता की अध्यक्षता वाली कमेटी ने अपने फैसले में लिखा है कि डीटीएबी गेटीफ्लोक्सेसिन और टेगासेरोड को सेहत के लिए खतरनाक पाया गया है। यही वजह है कि इसे जल्द से जल्द बंद करने पर सबकी सहमति बनी है। और इस फैसले की प्रति बहुत जल्द स्वास्थ्य मंत्रालय को भेज दी जाएगी।

सूत्रों के मुताबिक इन दोनों दवाओं को दो हफ्ते के अन्दर पूरे बाजार से हटाने के निर्देश दे दिए गए हैं। गेटीफ्लोक्सेसिन एक ऐसी एंटीबायोटिक है, जिससे डायबीडिज जैसे गंभीर बीमारी के होने का खतरा रहता है। जबकि टेगासेरोड, को अमेरिका समेत कई देशों में गंभीर रिएक्शन की वजह से पहले ही प्रतिबंधित किया जा चुका है।

इन दो घातक दवाओं के अलावा एक और दवा डीनसीट पर भी प्रतिबंध लगाने पर कमेटी ने विचार किया। लेकिन आंकड़ों के अभाव के कारण इस पर फैसला कुछ दिनों के लिए टाल दिया गया है। गेटीफ्लोक्सेसिन, टेगासेरोड और डीनसीट पूरे भारत में सालाना करीब 7 करोड़ का कारोबार करती हैं। गेटीफ्लोक्सेसिन दवा को रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। जबकि टेगासेरोड को आंतों में परेशानी और कब्ज दूर करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

Saturday, February 5, 2011

मिस्र: उग्र हुए प्रदर्शनकारी, उप राष्ट्रपति पर हमला


मिस्र में पिछ्ले कई दिनों से सरकार के खिलाफ किया जा रहा प्रदर्शन अब बेहद ही खतरनाक मोड़ ले चुका है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि हाल ही में राष्ट्रपति होस्नी मुबारक द्वारा नियुक्त किये गये मिस्र के उप राष्ट्रपति उमर सुलेमान पर प्राणघातक हमला किया गया। इस हमले में सुलेमान के दो अंगरक्षकों की मौत हो गई हालाँकि वे पूरी तरह सुरक्षित है।

एक अमेरिकी न्यूज चैनल पर दिखाई गई ख़बर के मुताबिक़ सुलेमान पर जानलेवा हमले के प्रयास को राष्ट्रपति होस्नी मुबारक के खिलाफ चल रहे विद्रोह के सिलसिले में खतरनाक संकेत माना जा सकता है। हाल ही में मुबारक ने सुलेमान को उप राष्ट्रपति नियुक्त किया है। ऐसा माना जा रहा है कि सुलेमान को नियुक्त करने का उनका प्रयास विरोध प्रदर्शन को शांत करने तथा सुलेमान को अपने संभावित उत्तराधिकारी की कतार में खड़ा करने के लिए है।

मिस्र के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक काहिरा के तहरीर चौक पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान पिछले कुछ दिनों में आठ लोगों की मौत हो चुकी है और 800 से ज्यादा लोग जख्मी हुए हैं। वहीं संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि 25 जनवरी से जारी प्रदर्शन में कम से कम 300 लोगों की मौत हो चुकी है और 4000 हजार से ज्यादा घायल हो चुके हैं।

Monday, November 1, 2010

अब तंबाकू पर भी करें ध्यान केंद्रित




नई दिल्ली: स्वास्थ्य मंत्रालय के सहयोग से ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे (जीएटीएस) के अध्ययन में सामने आया है कि भारत में कुल तम्बाकू खपत में सिगरेट की हिस्सेदारी 5.7 प्रतिशत है। इससे बड़ा हिस्सा तम्बाकू खाने और बीड़ी पीने वालों का है जो घरेलू खपत का कुल 35 प्रतिशत तंबाकू चट कर जाते हैं।

भारतीय तंबाकू संस्थान (टीआईआई) के मुताबिक भारत में तंबाकू खपत दुनिया के अन्य देशों की तरह नहीं है। अन्य देशों में औसतन 90 प्रतिशत तंबाकू की खपत सिगरेट के द्वारा होता है। संस्थान के मुताबिक खपत में यह विभिन्नता मुख्य रूप से कर नीति की वजह से है। पीने और खाने दोनों तरह के तंबाकू समान रूप से स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। टीआईआई के मुताबिक सिगरेट का कुल तंबाकू खपत में 5.7 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि तंबाकू पर कर का 70 प्रतिशत हिस्सा सिगरेट से आता है।

टीआईआई के निदेशक उदयन लाल ने कहा कि सिगरेट पर एक्स कारखाने कीमत पर लगभग 150 से 260 प्रतिशत कर लगाया जाता है। भारत प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के प्रतिशत के रुप में सिगरेट पर सर्वाधिक कर लगाने वाले देशों में शामिल है। दूसरे तंबाकू उत्पादों की तुलना में सिगरेट पर 16 गुना अधिक कर लगाया जाता है।

टीआईआई के मुताबिक सिगरेट पर अधिक कर लगने से तंबाकू के कुल खपत में सिगरेट की हिस्सेदारी घटी है। लेकिन कुल तंबाकू खपत वास्तविक रूप में बढ़ रहा है। फिर भी नीतियों और कर प्रावधानों के समीक्षा के लिए सरकार और ध्रूमपान विरोधी संस्थाओं द्वारा इसे मापदंड के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इतना ही नहीं इस तरह की नीतियों की वजह से सिगरेट का गैर-कानूनी व्यापार बढ़ रहा है। गैर-कानूनी ढंग से सिगरेट के कारोबार करने वाले देशों में भारत का स्थान छठा है। वर्ष 2004-2009 के दौरान सिगरेट के अवैध बिक्री में 57.7 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। टीआईआई भारत में तंबाकू किसानों, तंबाकू निर्यातकों, विनिर्माताओं, कारोबारियों और दूसरे संबंधित उद्योगों का प्रतिनिधित्व करता है।

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