
Wednesday, March 30, 2011
छावनी में तब्दील हुआ मोहाली स्टेडियम

Tuesday, March 29, 2011
गायब हुए हवाई अड्डे के 30 सुरक्षा पास

Friday, February 25, 2011
अगले महीने भारत यात्रा पर आएंगी सारा

Tuesday, February 22, 2011
क्या साल के अंत तक दिवालिया होगी बीएसएनएल..?

Saturday, January 22, 2011
प्रधानमंत्री ने किया "बहादुर" बच्चों को सम्मानित

Thursday, January 20, 2011
अब अपने ही नंबर पर बदले कंपनी.....

Thursday, January 6, 2011
आम जनता पर पड़ती महँगाई की मार

Sunday, November 14, 2010
2 जी स्पेक्ट्रम घोटाले में संचार मंत्री ने दिया इस्तीफा

Monday, November 8, 2010
भारत नहीं छीन रहा, अमेरिका की नौकरियां:मनमोहन

Sunday, November 7, 2010
नन्हे-मुन्नों के साथ थिरके ओबामा दंपत्ति

Monday, November 1, 2010
बाजार में सप्लाई को लेकर दिक्कतें हैं:मनमोहन सिंह

Wednesday, September 29, 2010
फ़ैसले को लेकर पूरे देश में हाई अलर्ट

मध्य प्रदेश में भी धारा 144 लागू कर दी गई है और सुरक्षा के मद्देनज़र भोपाल समेत कई जगहों पर सेना का फ्लैग मार्च भी हुआ है। इन्दौर में गतिविधियों पर नज़र रखने के लिये CCTV की मदद ली जा रही है तो जबलपुर में चाकू और तलवारें ज़ब्त कर लिये गये है।
इस फ़ैसले के मद्देनज़र सबसे ज़्यादा पुख़्ता इंतजाम अयोध्या में किये गये है। वहां फोर्स की 24 कंपनी तैनात की गई है और 1 लाख से ज़्यादा पुलिसकर्मी तैनात है। साथ ही जगह जगह पर सेना ने फ्लैग मार्च भी किया है।
गृह मंत्री पी चिदंबरम ने सुरक्षा के इंतजामों का जायज़ा लिया। और प्रधानमंत्री ने जनता से शांति बनाये रखने की अपील की है।
न्यूज़लाईन ब्यूरो
Saturday, July 10, 2010
पीएम सुरक्षा के दौरान बच्चे की मौत, कानपुर सांसद करेंगे जांच
Friday, July 9, 2010
प्रधानमंत्री की सुरक्षा ने ली बच्चे की जान

कानपुर: प्रधानमंत्री के तीन जुलाई के कानपुर दौरे के बाद आज एक महिला ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा और फ़्लीट के चलते उनके आठ साल के बच्चे को अस्पताल ले जाने में हुई देरी जानलेवा साबित हुई। महिला ने पत्र लिख कर गुहार लगाई है कि आगे किसी के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए। उत्तर प्रदेश के एडीजी बृज लाल ने महिला के आरोप को गलत बताया है। वहीं प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस मामले में कोई भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया है।
मिली जानकारी के मुताबिक तीन जुलाई को आठ साल का अमन कार में अपने माता-पिता के साथ था। घर पर एक हादसे में उसके सिर में गंभीर चोटें आई थीं। उसे रीजेंसी अस्पताल ले जाया जा रहा था। पर आईआईटी में प्रधानमंत्री के दौरे की वजह से सड़क आम यात्रियों के लिए बंद कर दी गई थी। अमन की मां का आरोप है कि उन्हें दूसरे रास्ते से अस्पताल जाना पड़ा। नतीजतन उन्हें अस्पताल पहुंचने में एक घंटा लग गया, जबकि वे पांच मिनट में पहुंच सकते थे।
अमन की मां ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखी है। इसमें कहा गया है कि वह सुनिश्चित करें कि दोबारा किसी के साथ ऐसा नहीं हो।अमन के पिता टी. हुसैन के मुताबिक, ‘एसएसपी थे या कमिश्नर, हमें नहीं पता। पर उन्होंने हमें जाने नहीं दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। मैंने कहा भी कि मेरा बेटा बुरी तरह जख्मी है। उसे फौरन डाक्टरी मदद चाहिए। उसके सिर से काफी खून बह रहा है और वह अचेत है। उसे ऑक्सीजन की जरूरत है। इसके बावजूद उन्होंने हमें नहीं जाने दिया।’
प्रधानमंत्री की सुरक्षा देखने वाले एसपीजी ने अमन की मौत पर अफसोस जाहिर किया है। साथ ही, यह भी कहा है कि बच्चे की मौत कार को डाइवर्ट किए जाने से काफी पहले हो चुकी थी। उत्तर प्रदेश के एडीजी बृजलाल ने भी कहा है कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा में तैनात किसी भी अधिकारी के पास इस तरह की घटना की कोई सूचना नहीं है। मां की गुहार
अमन की मां उषा शर्मा ने पत्र में लिखा है कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा में लगे अधिकारियों ने मेरे पति की गुहार पर जरा भी ध्यान नहीं दिया। मेरे बेटे के मुंह और नाक से लगातार खून निकल रहा था। इलाज के अभाव में कोकाकोला चौराहा पर ही मेरे इकलौते बेटे ने दम तोड़ दिया।
उन्होंने पत्र में लिखा है कि प्रधानमंत्री का जीवन पूरे देश के लिए अतिमहत्वपूर्ण है, लेकिन किसी देशवासी का जीवन भी उसके परिवार के लिए कम महात्वपूर्ण नहीं है।
श्रीमती शर्मा ने पत्र में सोनिया गांधी से निवेदन किया है कि मेरा तो चमन लुट गया लेकिन वीआईपी सुरक्षा में फिर किसी का बेटा बलि नहीं चढ़े, किसी का सुहाग न उजड़े, इसलिए वह पुलिस प्रशासन को निर्देश जारी कराए कि वीआईपी दौरे के समय बीमार एवं इमरजेंसी स्थिति में किसी भी देशवासी को रोका न जाए। पुलिस प्रशासन खुद अपनी गाड़ी से उसे अस्पताल पहुंचाए और ऐसी परिस्थितियों के लिए वीआईपी की तरह ही जनता के लिए भी एम्बुलेंस की व्यवस्था की जाए।
अमन की मां ऊषा शर्मा ने पत्र में प्रधानमंत्री राहत कोष से 10 लाख रुपए का मुआवजा मांगते हुए कहा है कि इस पैसे को उनके परिवार का कोई सदस्य नहीं लेगा। वह इस धन राशि का प्रयोग अनाथ बच्चों व किसी प्रकार की घटनाओं से पीड़ित लोगों के कल्याण हेतु करेंगी।
शर्मा ने ऐसा ही एक पत्र प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भी भेजा है। इकलौते बेटे की मौत के बाद मां उषा शर्मा का बुरा हाल है वह किसी से भी बात नहीं कर रही हैं। घर में मातम छाया हुआ है। मुहल्ले के और आस-पास के सभी लोग देश की कानून-व्यावस्था को कोस रहे हैं।
रिपोर्ट : गौरव मिश्रा
न्यूज़लाइन नेटवर्क