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Friday, March 18, 2011

बीएसएनएल-एमटीएनएल की मुश्किलें बढ़ी


प्राइवेट कंपनियों की कंपीटीशन और गिरती कॉल दरों की वजह से सरकारी टेलीकॉम कंपनियों बीएसएनएल और एमटीएनएल बहुत ही बुरे हालात से गुजर रही हैं। अब इन कंपनियों के लिये एक नई समस्या आ खड़ी हुई है, यह नई मुसीबत है नंबर पोर्टेबिलिटी की।

दरअसल ग्राहकों को मिली इस सुविधा का इस्तेमाल इन दोनों के खिलाफ कुछ ज्यादा ही हो रहा है। 20 जनवरी को शुरु हुई यह सुविधा बीएसएनएल को ज्यादा ठेस पहुंचा रही है। फरवरी के अंत में बीएसएनएल के पास साढ़े आठ करोड़ ग्राहक थे लेकिन 20 जनवरी से 2 मार्च तक बीएसएनएल के 323000 ग्राहकों ने उसकी सेवा बदलने का आवेदन किया है। हालाकि 131000 ने उसकी जीएसएम सेवा से जुड़ने की भी इच्छा जताई है जिससे उसे कुछ संतोष भी हुआ है। यानी उसे कुल 192000 ग्राहकों का नुकसान हुआ है। वहीं दूसरी सरकारी टेलीकॉम कंपनी एमटीएनएल को भी करारा झटका लगा है दिल्ली मुंबई में सेवा देने वाली इस कंपनी के 15,898 ग्राहकों ने इससे हाथ खींच लिए हैं।

जानकारों के मुताबिक दोनों सरकारी कंपनियों को अपनी सेवा सुधारने का मौका आ गया है। उनके पास बहुत बड़ा नेटवर्क है लेकिन उन्हें जरुरत है कुशल सेवा की।

Thursday, January 20, 2011

अब अपने ही नंबर पर बदले कंपनी.....


नई दिल्ली: अपने नंबर को बदले बिना मोबाइल ऑपरेटर बदलने की सेवा (पोर्टेबिलिटी सेवा) आज से शुरू हो गई है। ऑपरेटर बदलने के लिए बस आपको एक एसएमएस करना होगा।

माना जा रहा है कि इस सेवा के शुरु होने के बाद उपभोक्ताओं की शिकायतों के प्रति कंपनियों की बेरूखी में परिवर्तन आ जाएगा। जो सेल्युलर कंपनियां अब तक आपकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दे रही थी, उपभोक्ता अब सर्विस बदलकर उन्हें रास्ता दिखा सकते हैं।

इस सुविधा की शुरूआत सबसे पहले पिछले साल नवंबर में हरियाणा के कुछ इलाकों में लागू की गई थी, पर आज से प्रधानमंत्री इस सर्विस को देशभर में एक साथ लॉंच करने जा रहे हैं। टेलिकॉम मिनिस्टर कपिल सिब्बल के मुताबिक, इससे ब़डा फायदा यह होगा कि अगर आप अपने सर्विस प्रवाइडर से खुश नहीं हैं तो नंबर के बारे में डरे बिना आप दूसरे सर्विस प्रवाइडर की सेवा ले सकेंगे। लॉंच से पहले ही सेल्युलर कंपनियां तरह-तरह से उपभोक्ताओं को लुभाने लगी है और कई ने टोल-फ्री लाइनें भी शुरू कर दी है। इनमें लोगों को बिना नंबर बदले सर्विस बदलने के बारे में बताया जा रहा है।

यह प्रक्रिया पूरी होने में सात दिन का वक्त लगेगा। ऑपरेटर को कोड दिखाकर और फार्म भरने के बाद आपको नया सिम मिल जाएगा। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद आपका नया सिम कार्ड एक्टिवेट हो जाएगा। अगर आप जीएसएम टू जीएसएम, सीडीएमए 2 जीएसएम या फिर कोई दूसरा कनेक्शन यूज कर रहे हैं, तब भी आप इस सर्विस का फायदा उठा सकते हैं। इस सुविधा के लिए आपको महज 19 रूपए चुकाने होंगे।

कैसे बदलें सर्विस: मैसेज बॉक्स में जाकर टाइप करें पोर्ट, फिर अपना मोबाइल नंबर और भेज दीजिए 1900 पर। इसके बाद आपको एक यूनिक पोर्टिग कोड मिलेगा। इस कोड की मदद से आप अपना पंसदीदा ऑपरेटर चुन सकेंगे। एमएनपी के तहत आपका सेल नंबर नए सर्विस प्रवाइडर के पास पहुंच जाएगा।

Monday, November 1, 2010

अब मोबाइल कंपनी बदलो सिर्फ 19 रुपए में



मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी के लिए ग्राहकों को अभीं और इंतजार करना पड़ेगा। दूरसंचार विभाग ने अब ये जानकारी दी है कि 25 नवंबर को सबसे पहले हरियाणा से इस खास सर्विस की शुरूआत की जाएगी। इसके बाद धीरे धीरे पूरे देश में मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी लागू हो जाएगी।

आपको बता दें कि ये वह सुविधा है जिसके जरिए ग्राहकों बिना नंबर बदले मोबाइल ऑपरेटर बदलने की छूट मिल जाएगी। 1 नवंबर से सरकार ने इस सर्विस को शुरू करने की बात कही थी, लेकिन अब ये मामला 25 नवंबर तक के लिए टल गया है।

इस सर्विस के शुरू हो जाने के बाद अगर कोई मोबाइल उपभोक्ता अपनी मोबाइल कंपनी बदलना चहता है तो उसे अपने फोन से 1900 पर एक एसएमएस भेजना होगा। जिसके बाद उस उपभोक्ता को वर्तमान सेवा प्रदाता कंपनी की ओर से एसएमएस के रूप में एक यूनिक पोर्टिंग कोड प्राप्त होगा। उसके बाद नए सेवा प्रदाता के पास अपना नम्बर स्थानांतरित करने के लिए उपभोक्ता को उस कोड के साथ एक आवेदन पत्र भरना होगा। दूरसंचार विभाग का कहना है कि आवेदन करने के चार दिनों के भीतर उपभोक्ता की मोबाइल कंपनी बदल जाएगी। इतना ही नहीं अपनी मोबाइल कंपनी को बदलने के लिए ग्राहकों को शुल्क के तौर पर केवल 19 रुपए चुकाने होंगे।

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