Showing posts with label 10-07-2010. Show all posts
Showing posts with label 10-07-2010. Show all posts

Saturday, July 10, 2010

बिहार के नालंदा में अजीब घटनाओ से दहशत का माहौल



बिहार में नालंदा जिले के कई गावों में पिछ्ले कुछ दिनों से जारी अजीबो गरीब घटनाओ ने लोगो में खौंफ पैदा कर रखा है। कई गावों में मकान खुद ब खुद फट रहें है जिससे उनमें दरारें पड़ रही है। यही नहीं कैडी मेयर गांव में अचानक कुएं में लबालब पानी भर गया है, ये हाल तब है जब वहां के लोग इस मौसम में बूंद-बूंद पानी के लिए तरसते है। इन सब घटनाओ से जहां गांव वाले खासे खौंफज़दा है, वही गांव की महिलाएं इसे दैवीय प्रकोप मान कर पूजा पाठ में जुटी है। हालांकि ग्रामीणों ने प्रशासन को इन सब घटनाओं से अवगत करा दिया है, लेकिन किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने इन गांव की सुध लेने के बारे में नहीं सोचा। फ़िलहाल इन गांव के लोग इन घटनाओं को प्राक्रतिक आपदा मानकर धार्मिक अनुष्ठानों में जुटे है।

पीएम सुरक्षा के दौरान बच्चे की मौत, कानपुर सांसद करेंगे जांच

कानपुर में पीएम के काफिले के दौरान हुई एक बच्चे की मौत को यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने पूरे मामले की जांच के लिए कानपुर के सांसद श्रीप्रकाश जयसवाल को भेजा है। गौरतलब है कि मरने वाले बच्चे की मां ने सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखी थी, जिसमें उन्होंने पीएम के कानपुर दौरे के वक्त वीआईपी वाहनों को गुजरने के लिए रोके जाने वाले ट्रैफिक को अपने बेटे अमन की मौत का जिम्मेदार बताया था।

उनका कहना था कि वीआईपी वाहनों को गुजरने के लिए रोके जाने वाले रास्ते से ही 8 साल के घायल अमन को अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन ट्रैफिक रोके जाने के कारण अमन को समय से अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका और रास्ते में ही उसकी मौत हो गई थी। श्यामनगर की रहने वाली ऊषा शर्मा ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिख कर गुहार लगाई थी कि भविष्य में किसी वीआईपी की यात्रा के दौरान ऐसे ट्रैफिक न रोका जाए, जिससे कोई घायल अस्पताल न पहुंच सके। उन्होंने बच्चे अमन की मौत पर 10 लाख रुपये का मुआवजा देने की भी मांग की है। ऊषा शर्मा और उनके पति तसदुद हुसैन का इकलौता बेटा अमन सिविल लाइन इलाके के एक स्कूल में कक्षा 2 का छात्र था। 3 जुलाई को वह घर में खेलते हुए गिर गया था, जिसके कारण उसके सिर में गंभीर चोट लग गई थी। जब ऊषा अपने पति के साथ बच्चे को अस्पताल ले जा रहे थे तो प्रधानमंत्री की सुरक्षा में लगे सुरक्षाकर्मियों ने उनके अनुरोध के बाद भी रास्ते से नहीं गुजरने दिया। लंबे रास्ते से अस्पताल पहुंचने की वजह से अमन ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।

बूंद बूंद तरसता जीवन, बारिश का नाम नहीं


जहां देश में पंजाब और हरियाणा जैसे राज्य पानी की अधिकता से परेशान है वहीं दूसरी तरफ देश में कुछ इलाके ऐसे भी हैं जहां बारिश नहीं होने की वजह से लोगों को पीने का पानी तक नसीब नहीं हो रहा। राजस्थान के जोधपुर में हालात इतने खराब है कि पीने के पानी ने छोटे-छोटे बच्चों की पढ़ाई छुड़वा दी है। पानी से बूंद बूंद तरसते ये बच्चे सुबह से रात तक पानी की बूंदों को समेट कर अपनी और अपने परिवार की प्यास बुझाने की कोशिश में भिड़े रहते हैं।गांव में तालाब के अन्दर एक कुआं है, जहां से गांव के बच्चे सुबह से लेकर शाम तक पानी के लिये खड़े रहते हैं। जिसकी वजह से उन्हें स्कूल जाने के लिए इन्हें वक्त ही नहीं मिलता।

इनके परिजनों का मानना है की जिन्दा रहेंगे, तो बाद में पढ़ाई भी कर लेंगे। गांव की एक महिला का कहना हैं कि बच्चों को ही पानी भरना पड़ता है, क्योंकि बड़े तो मजदूरी पर जाते हैं। एक मटके पानी के लिए बच्चों को कुएं में उतारना पड़ता है। इस काम में बच्चे डरते भी हैं, लेकिन इनकी मजबूरी है कि पानी के लिए खतरों पर खेल जाते हैं।

एक ग्रामीण का कहना है कि कभी कभार जब पानी का टेंकर गांव में आता है, तो वो वक्त गांव के लिए ख़ुशी और संघर्ष का होता है। ख़ुशी पानी आने की और संघर्ष पानी पाने का। पानी के टेंकर का पूरे गांव को इंतजार रहता है। हमेशा प्रेम से रहने वाले ये गांववासी पानी के लिए लड़ भी पड़ते है। बहरहाल पानी के टैंकर तो कभी-कभी ही आते हैं और वक्त का नजारा कुछ खास ही होता है। लेकिन आम तौर पर इस सूखे कुएं में बूंद-बूंद रिसता पानी ही इनके जीवन का आसरा है।


सहारनपुर में 4 फ़र्ज़ी पत्रकार धरे गए


सहारनपुर : देहात कोतवाली के सलेमपुर भूकड़ी से 4 फ़र्ज़ी पत्रकारों को पुलिस ने गिरफ़्तार किया है । ये फ़र्ज़ी पत्रकार आबकारी इंस्पेक्टर बनकर, अवैध वसूली करने में लगे हुए थे ।

: न्यूज़लाइन ब्यूरो
( इंडिपेंडेंट न्यूज़ नेटवर्क )

छात्र नेता पर गोलियां बरसाईं


न्यूज़लाइन "अभी-अभी"

मेरठ : थाना ट्रांस्पोर्ट नगर इलाक़े में दिन दहाड़े छात्र लीडर संदीप पर बदमाशों ने ताबड़तोड गोलियां चलाईं । हमले में घायल लीड़र को गम्भीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है ।

दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने क़ानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा के रख दी हैं । इस वारदात को अंजाम देकर, बदमाशों ने यूपी पुलिस के प्रदेश की सुरक्षा के दावों को एकदम खोखला साबित कर खुली चुनौती दी है ।

: न्यूज़लाइन ब्यूरो

इन्श्युरेन्स कम्पनियों ने बन्द की कैशलैस ट्रीटमैन्ट



150 से ज़्यादा अस्पतालों में इन्श्युरेन्स कम्पनियों ने कैशलैस ट्रीटमैन्ट की सुविधा बन्द कर दी है ।

इन्श्युरेन्स कम्पनियों का कहना है कि अस्पताल के स्टाफ़ के लोग, इन्श्युरेन्स के नाम पर उलटे सीधे बिल चार्ज करते हैं और इन्श्युरेन्स कम्पनियों से फ़ालतू की क़ीमत वसूल करते हैं |

: न्यूज़लाइन एजेंसीज़

मूर्ति चोरी के विरोध में झारखण्ड बंद



शुक्रवार को राज्य की राजधानी सहित झारखण्ड के विभिन्न भागों में बंद का व्यापक असर रहा। इस बंद को मुसलमानों का भी समर्थन प्राप्त था। बंद का एलान धार्मिक संगठन महावीर मंडल समिति ने रामगढ़ जिले के एक मंदिर से तीन सौ साल पुरानी छिन्नमस्तिका देवी की मूर्ति चोरी होने के विरोध में किया गया, जिसका समर्थन काली सेना जैसे एक दर्जन से अधिक संगठनों ने किया। पुलिस के अनुसार बंद के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में 17,00 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया।

छिन्नमस्तिका मंदिर देशभर में स्थापित 52 शक्तिपीठों में से एक है, और देवी छिन्नमस्तिका को देवी दुर्गा का अवतार माना जाता है। रांची से लगभग 70 किलोमीटर दूर प्रसिद्ध रजरप्पा मंदिर से दो जुलाई को देवी की मूर्ति गायब हो गई थी। मूर्ति की दोनों आखें सोने की बनी थीं। मूर्ति को पहनाया गया 40 किलो चांदी का वस्त्राभूषण एवं अन्य गहने भी चोरी हो गए।

रांची दैनिक बाजार संगठन के सदस्य मोहम्मद नईम ने कहा कि मूर्ति की चोरी बदकिस्मती है और हम इस वारदात की निंदा करते हैं।साथ ही उन्होंने अपनी दुकानें बंद रखने का फैसला लिया। महावीर मंडल समिति के अध्यक्ष उदय शंकर ओझा ने कहा, मूर्ति की चोरी से सभी धर्मो के लोगों को दुख पहुंचा है। हम पुलिस से त्वरित कार्रवाई करने की मांग करते हैं।

रांची में सड़कों पर टायर जला रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने लाठी चार्ज किया। रांची, हजारीबाग, गुमला, रामगढ़, सिमडेगा जिलों में बंद का पूरा असर दिखाई दिया। इन जिलों में शिक्षण प्रतिष्ठान और दुकानें बंद थीं। कार्यालयों में भी लोगों की उपस्थिति पर असर पड़ा। कुछ इलाकों में बसों की आवाजाही भी बंद हो गई थी। इस मामले को सुलझाने के लिए विशेष कार्रवाई बल (एसटीएफ) का गठन किया गया है। पुलिस ने इस मामले में अब तक 13 लोगों से पूछताछ की है लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

चाइना में गूगल की कामयाबी


चाइना में देश की सरकार ने "गूगल" को चाइना में ओपरेट करने के लिये लाइसेंस बहाल कर दिया है । सरकार के इस फ़ैसले से पूरे देश में ख़ुशी की लहर दौड़ गई है ।


: न्यूज़लाइन एजेंसीज़

नई दिल्ली की फ़्रैन्डस कालोनी में 2 शव बरामद


न्यूज़लाइन अभी-अभी

नई दिल्ली के पौश इलाकों में गिने जाने वालों में से एक, फ़्रैन्डस कालोनी के पार्क से युवक-युवती का शव बरामद हुआ है । सुबह-सुबह हुई इस घटना के बाद इलाक़े में दहशत फैल गई है ।

: न्यूज़लाइन ब्यूरो

कश्मीर के इतिहास में सबसे काला शुक्रवार


" न्यूज़लाइन एक्सक्लूसिव "

श्रीनगर में लग रही कर्फ्यू की आग ने आज घाटी के इतिहास को बदल कर रख दिया । ऐतिहासिक दरगाह हज़रत बल की मस्जिद में आज जुमे की नमाज़ अदा नहीं की जा सकी । जिस मस्जिद में एक से डेढ़ लाख नमाज़ी, नमाज़ के लिये जुटते हैं, आज वहां ख़ामोश सन्नाटा पसरा रहा ।
जम्मु कश्मीर के हज़ारों सालों के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि जब हज़रत बल की दरगाह में जुमे की नमाज़ अदा नहीं की गई । आतंक और कर्फ्यू की मार झेल रही घाटी में आज का दिन काले शुक्रवार के रूप में दर्ज हुआ है ।
इतिहास गवाह है कि दरगाह हज़रत बल, पूरे विश्व के मुसलमानों के लिये एक ख़ास महत्व रखती है । इस दरगाह का महत्व इसलिये बढ़ जाता है क्योंकि मुसलमानों के आख़िरी पैग़मबर हज़रत मुहम्मद (स.अ.व ) का बाल मुबारिक इस दरगाह शरीफ़ में मौजूद है ।
लेकिन आज पहली बार कर्फ्यू की वजह से मस्जिद में जुमे की नमाज़ अदा नहीं की जा सकी । वादी में पिछ्ले कई दिनों से जारी अशांति ने आज हज़रत बल दरगाह का भी चैन छीन लिया । आज की इस दर्दनाक घटना ने दरगाह हज़रत बल के नमाज़ियों के मुंह शर्म से झुका दिये ।
आज का दिन घाटी के हज़ारों सालों के इतिहास का सबसे काला दिन साबित हुआ है, क्योंकि करोड़ो लोगों की आस्था के केन्द्र हज़रत बल में आज जुमे की नमाज़ के वक़्त बिल्कुल वीरानी छाई रही ।
आखिरकार सवाल सिर्फ़ और सिर्फ़ यही उठता है कि जिस मज़हब की दुहाई देकर ये लोग आम मुसलमानों को अपने मज़हब से भटका रहे हैं, उसी मज़हब के 5 स्तम्भों में से एक, 'नमाज़' को आख़िर कैसे दरकिनार कर सकते हैं ।
मासूम लोगों, मासूम बच्चों, मासूम महिलाओं के ख़ून से रंगे इन संगठनों के हाथ, आख़िर कब जाकर इंसानियत के रंग में रंगेगें । और कब जाकर ये संगठन इंसानियत को मानेंगे और अपनायेंगे ।
रिपोर्ट : सुहेब रहमान

ADS

चिट्ठाजगत तुरंत छापो

चिट्ठाजगत

The Alex hotel New York