नई दिल्ली: देश भर के पेट्रोल पंपों की प्रतिनिधि संस्था फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया पेट्रोलियम ट्रेडर्स ने अपनी पांच सूत्री मांग को लेकर 20 सितंबर से देश के 37 हजार से अधिक पेट्रोल पंपों पर कारोबार को पूरी तरह बंद करने का ऐलान किया है। संस्था ने कहा, कि अगर उनकी मांग को सरकार ने स्वीकार नहीं किया तो इस तिथि से सभी पेट्रोल पंपों पर हड़ताल की जाएगी। फेडरेशन के महासचिव अजय बंसल ने कहा कि हमारी मुख्य मांगों में पहली देश भर में पेट्रोल व डीजल के दामों को एक समान रखना है। जिससे किसी एक राज्य में कम दाम होने का असर दूसरे राज्य के डीलर पर न पड़े। और दूसरी मांग है कि जब तेल कंपनियों को लगातार घाटा हो रहा है तो नए पंप न खोले जाएं। इसके अलावा फेडरेशन यह भी चाहती है कि पंपों पर सप्लाई होने वाले तेल की गुणवत्ता को लेकर अलग से परीक्षण कराए। बंसल ने कहा एक मांग को सरकार ने लिखित में स्वीकार किया था। उसके बावजूद कोई निर्णय अभी तक नहीं लिया गया है। बीस सिंतबर से हड़ताल पर जाने के निर्णय से सरकार को भी अवगत करा दिया गया है।
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Sunday, September 5, 2010
20 सितंबर से पेट्रोल पंप पूरी तरह बंद का ऐलान
नई दिल्ली: देश भर के पेट्रोल पंपों की प्रतिनिधि संस्था फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया पेट्रोलियम ट्रेडर्स ने अपनी पांच सूत्री मांग को लेकर 20 सितंबर से देश के 37 हजार से अधिक पेट्रोल पंपों पर कारोबार को पूरी तरह बंद करने का ऐलान किया है। संस्था ने कहा, कि अगर उनकी मांग को सरकार ने स्वीकार नहीं किया तो इस तिथि से सभी पेट्रोल पंपों पर हड़ताल की जाएगी। फेडरेशन के महासचिव अजय बंसल ने कहा कि हमारी मुख्य मांगों में पहली देश भर में पेट्रोल व डीजल के दामों को एक समान रखना है। जिससे किसी एक राज्य में कम दाम होने का असर दूसरे राज्य के डीलर पर न पड़े। और दूसरी मांग है कि जब तेल कंपनियों को लगातार घाटा हो रहा है तो नए पंप न खोले जाएं। इसके अलावा फेडरेशन यह भी चाहती है कि पंपों पर सप्लाई होने वाले तेल की गुणवत्ता को लेकर अलग से परीक्षण कराए। बंसल ने कहा एक मांग को सरकार ने लिखित में स्वीकार किया था। उसके बावजूद कोई निर्णय अभी तक नहीं लिया गया है। बीस सिंतबर से हड़ताल पर जाने के निर्णय से सरकार को भी अवगत करा दिया गया है।
Saturday, July 10, 2010
मूर्ति चोरी के विरोध में झारखण्ड बंद

शुक्रवार को राज्य की राजधानी सहित झारखण्ड के विभिन्न भागों में बंद का व्यापक असर रहा। इस बंद को मुसलमानों का भी समर्थन प्राप्त था। बंद का एलान धार्मिक संगठन महावीर मंडल समिति ने रामगढ़ जिले के एक मंदिर से तीन सौ साल पुरानी छिन्नमस्तिका देवी की मूर्ति चोरी होने के विरोध में किया गया, जिसका समर्थन काली सेना जैसे एक दर्जन से अधिक संगठनों ने किया। पुलिस के अनुसार बंद के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में 17,00 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया।
छिन्नमस्तिका मंदिर देशभर में स्थापित 52 शक्तिपीठों में से एक है, और देवी छिन्नमस्तिका को देवी दुर्गा का अवतार माना जाता है। रांची से लगभग 70 किलोमीटर दूर प्रसिद्ध रजरप्पा मंदिर से दो जुलाई को देवी की मूर्ति गायब हो गई थी। मूर्ति की दोनों आखें सोने की बनी थीं। मूर्ति को पहनाया गया 40 किलो चांदी का वस्त्राभूषण एवं अन्य गहने भी चोरी हो गए।
रांची दैनिक बाजार संगठन के सदस्य मोहम्मद नईम ने कहा कि मूर्ति की चोरी बदकिस्मती है और हम इस वारदात की निंदा करते हैं।साथ ही उन्होंने अपनी दुकानें बंद रखने का फैसला लिया। महावीर मंडल समिति के अध्यक्ष उदय शंकर ओझा ने कहा, मूर्ति की चोरी से सभी धर्मो के लोगों को दुख पहुंचा है। हम पुलिस से त्वरित कार्रवाई करने की मांग करते हैं।
रांची में सड़कों पर टायर जला रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने लाठी चार्ज किया। रांची, हजारीबाग, गुमला, रामगढ़, सिमडेगा जिलों में बंद का पूरा असर दिखाई दिया। इन जिलों में शिक्षण प्रतिष्ठान और दुकानें बंद थीं। कार्यालयों में भी लोगों की उपस्थिति पर असर पड़ा। कुछ इलाकों में बसों की आवाजाही भी बंद हो गई थी। इस मामले को सुलझाने के लिए विशेष कार्रवाई बल (एसटीएफ) का गठन किया गया है। पुलिस ने इस मामले में अब तक 13 लोगों से पूछताछ की है लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
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