
शुक्रवार को राज्य की राजधानी सहित झारखण्ड के विभिन्न भागों में बंद का व्यापक असर रहा। इस बंद को मुसलमानों का भी समर्थन प्राप्त था। बंद का एलान धार्मिक संगठन महावीर मंडल समिति ने रामगढ़ जिले के एक मंदिर से तीन सौ साल पुरानी छिन्नमस्तिका देवी की मूर्ति चोरी होने के विरोध में किया गया, जिसका समर्थन काली सेना जैसे एक दर्जन से अधिक संगठनों ने किया। पुलिस के अनुसार बंद के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में 17,00 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया।
छिन्नमस्तिका मंदिर देशभर में स्थापित 52 शक्तिपीठों में से एक है, और देवी छिन्नमस्तिका को देवी दुर्गा का अवतार माना जाता है। रांची से लगभग 70 किलोमीटर दूर प्रसिद्ध रजरप्पा मंदिर से दो जुलाई को देवी की मूर्ति गायब हो गई थी। मूर्ति की दोनों आखें सोने की बनी थीं। मूर्ति को पहनाया गया 40 किलो चांदी का वस्त्राभूषण एवं अन्य गहने भी चोरी हो गए।
रांची दैनिक बाजार संगठन के सदस्य मोहम्मद नईम ने कहा कि मूर्ति की चोरी बदकिस्मती है और हम इस वारदात की निंदा करते हैं।साथ ही उन्होंने अपनी दुकानें बंद रखने का फैसला लिया। महावीर मंडल समिति के अध्यक्ष उदय शंकर ओझा ने कहा, मूर्ति की चोरी से सभी धर्मो के लोगों को दुख पहुंचा है। हम पुलिस से त्वरित कार्रवाई करने की मांग करते हैं।
रांची में सड़कों पर टायर जला रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने लाठी चार्ज किया। रांची, हजारीबाग, गुमला, रामगढ़, सिमडेगा जिलों में बंद का पूरा असर दिखाई दिया। इन जिलों में शिक्षण प्रतिष्ठान और दुकानें बंद थीं। कार्यालयों में भी लोगों की उपस्थिति पर असर पड़ा। कुछ इलाकों में बसों की आवाजाही भी बंद हो गई थी। इस मामले को सुलझाने के लिए विशेष कार्रवाई बल (एसटीएफ) का गठन किया गया है। पुलिस ने इस मामले में अब तक 13 लोगों से पूछताछ की है लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
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