
Friday, July 9, 2010
दिल्ली में दहशत के 24 घंटे

प्रधानमंत्री की सुरक्षा ने ली बच्चे की जान

कानपुर: प्रधानमंत्री के तीन जुलाई के कानपुर दौरे के बाद आज एक महिला ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा और फ़्लीट के चलते उनके आठ साल के बच्चे को अस्पताल ले जाने में हुई देरी जानलेवा साबित हुई। महिला ने पत्र लिख कर गुहार लगाई है कि आगे किसी के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए। उत्तर प्रदेश के एडीजी बृज लाल ने महिला के आरोप को गलत बताया है। वहीं प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस मामले में कोई भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया है।
मिली जानकारी के मुताबिक तीन जुलाई को आठ साल का अमन कार में अपने माता-पिता के साथ था। घर पर एक हादसे में उसके सिर में गंभीर चोटें आई थीं। उसे रीजेंसी अस्पताल ले जाया जा रहा था। पर आईआईटी में प्रधानमंत्री के दौरे की वजह से सड़क आम यात्रियों के लिए बंद कर दी गई थी। अमन की मां का आरोप है कि उन्हें दूसरे रास्ते से अस्पताल जाना पड़ा। नतीजतन उन्हें अस्पताल पहुंचने में एक घंटा लग गया, जबकि वे पांच मिनट में पहुंच सकते थे।
अमन की मां ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखी है। इसमें कहा गया है कि वह सुनिश्चित करें कि दोबारा किसी के साथ ऐसा नहीं हो।अमन के पिता टी. हुसैन के मुताबिक, ‘एसएसपी थे या कमिश्नर, हमें नहीं पता। पर उन्होंने हमें जाने नहीं दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। मैंने कहा भी कि मेरा बेटा बुरी तरह जख्मी है। उसे फौरन डाक्टरी मदद चाहिए। उसके सिर से काफी खून बह रहा है और वह अचेत है। उसे ऑक्सीजन की जरूरत है। इसके बावजूद उन्होंने हमें नहीं जाने दिया।’
प्रधानमंत्री की सुरक्षा देखने वाले एसपीजी ने अमन की मौत पर अफसोस जाहिर किया है। साथ ही, यह भी कहा है कि बच्चे की मौत कार को डाइवर्ट किए जाने से काफी पहले हो चुकी थी। उत्तर प्रदेश के एडीजी बृजलाल ने भी कहा है कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा में तैनात किसी भी अधिकारी के पास इस तरह की घटना की कोई सूचना नहीं है। मां की गुहार
अमन की मां उषा शर्मा ने पत्र में लिखा है कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा में लगे अधिकारियों ने मेरे पति की गुहार पर जरा भी ध्यान नहीं दिया। मेरे बेटे के मुंह और नाक से लगातार खून निकल रहा था। इलाज के अभाव में कोकाकोला चौराहा पर ही मेरे इकलौते बेटे ने दम तोड़ दिया।
उन्होंने पत्र में लिखा है कि प्रधानमंत्री का जीवन पूरे देश के लिए अतिमहत्वपूर्ण है, लेकिन किसी देशवासी का जीवन भी उसके परिवार के लिए कम महात्वपूर्ण नहीं है।
श्रीमती शर्मा ने पत्र में सोनिया गांधी से निवेदन किया है कि मेरा तो चमन लुट गया लेकिन वीआईपी सुरक्षा में फिर किसी का बेटा बलि नहीं चढ़े, किसी का सुहाग न उजड़े, इसलिए वह पुलिस प्रशासन को निर्देश जारी कराए कि वीआईपी दौरे के समय बीमार एवं इमरजेंसी स्थिति में किसी भी देशवासी को रोका न जाए। पुलिस प्रशासन खुद अपनी गाड़ी से उसे अस्पताल पहुंचाए और ऐसी परिस्थितियों के लिए वीआईपी की तरह ही जनता के लिए भी एम्बुलेंस की व्यवस्था की जाए।
अमन की मां ऊषा शर्मा ने पत्र में प्रधानमंत्री राहत कोष से 10 लाख रुपए का मुआवजा मांगते हुए कहा है कि इस पैसे को उनके परिवार का कोई सदस्य नहीं लेगा। वह इस धन राशि का प्रयोग अनाथ बच्चों व किसी प्रकार की घटनाओं से पीड़ित लोगों के कल्याण हेतु करेंगी।
शर्मा ने ऐसा ही एक पत्र प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भी भेजा है। इकलौते बेटे की मौत के बाद मां उषा शर्मा का बुरा हाल है वह किसी से भी बात नहीं कर रही हैं। घर में मातम छाया हुआ है। मुहल्ले के और आस-पास के सभी लोग देश की कानून-व्यावस्था को कोस रहे हैं।
रिपोर्ट : गौरव मिश्रा
न्यूज़लाइन नेटवर्क
औक्सीटोसिन इंजेक्शन के गोदाम पर प्रशासन का छापा
.jpg)
बुलन्दशहर : सिटी कोतवाली के देवीपुरा में औक्सीटोसिन के गोदाम में सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ ने छापा मारा । 50 हज़ार औक्सीटोसिन के इंजेक्शन बरामद हुए हैं । गोदाम मालिक को गिरफ़्तार कर लिया गया है ।
पाकिस्तान में विस्फोट, 50 लोगों की मौत

इस्लामाबाद/पेशावर- पाकिस्तान के क़बायली इलाक़े मोहमंद एजेंसी के गांव याका घुण्ड में एक आत्मघाती धमाके में कम से कम 50 लोग मारे गए हैं और सौ अन्य लोग घायल हो गए हैं | मरने वालों में महिलाएँ और बच्चे शामिल हैं. मृतकों की संख्या में और बढ़ोत्तरी होने की आशंका जताई गई है | स्थानीय प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार एक अज्ञात व्यक्ति याका घुण्ड बाज़ार में जेल और स्थानीय प्रशासन के दफ्तर के पास मोटर साइकिल पर आया और उसने अपने आपको बम से उड़ा दिया | उन्होंने बताया कि जिस समय यह धमाका हुआ उस वक़्त कई लोग ख़रीदारी कर रहे थे और बड़ी संख्या में लोग अपने निजी काम से दफ़्तर में मौजूद थे | प्रशासनिक दफ़्तर के पास ड्यूटी पर मौजूद एक सिपाही ने बताया, "ऐसा लगा कि मोटरसाइकिल वाले ने अपना संतुलन खो दिया है, और वह गिरने वाला है बस उसी समय भीषण विस्फोट हो गया." घायलों को मोहमंद एजेंसी के अस्पतालों में ले जाया गया है लेकिन गंभीर रुप से घायल 40 लोगों को पेशावर भेजा गया है | स्थानीय लोगों का कहना है कि इस हमले में 20 से अधिक दुकानें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं जबकि जेल और सरकारी दफ़्तर को नुक़सान पहुँचा है |
हिंसा भ़डकाने के लिये हुर्रियत नेता शब्बीर वानी गिरफ्तार

श्रीनगर - श्रीनगर में अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद वानी को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आज गिरफ्तार कर लिया है। श्रीनगर में हिंसा भ़डकाने में उसकी भूमिका बताई जा रही है। पाकिस्तान में आतंकवादियों और घाटी के अलगाववादियों के फोन आईबी द्वारा फोन टेप किए जाने के बाद इस साजिश का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस का कहना है कि हुर्रियत कान्फ्रेंस के नेता शब्बीर वानी और गुलाम अहमद डार की भी फोन पर बात हुई है, जिसमें डार ने वानी को हिंसा भ़डकाने के लिए कहा था। ये फोन सुरक्षा एजेंसियों ने टेप किया था। इसके बाद शब्बीर वानी को आज श्रीनगर में गिरफ्तार कर लिया गया है। गुलाम अहमद डार और शब्बीर अहमद वानी के बीच फोन पर बातचीत के दौरान डार ने वानी से कहा था कि, "करीब बीस हजार लोगों का काफिला मगम से चला है और ब़डगाम की ओर जा रहा है। इस प्रदर्शन के दौरान कम से कम 10 से 15 लोगों को शहीद होना चाहिए"। लेकिन वानी और डार अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाए, क्योंकि सुरक्षा बलों ने भी़ड को तितर-बितर कर दिया। पुलिस ने हुर्रियत कान्फ्रेंस के सैयद अली शाह गिलानी की अध्यक्षता वाले गुट के जिलाध्यक्ष शब्बीर अहमद वानी और संगठन के दूसरे कार्यकर्ता गुलाम अहमद डार के बीच फोन पर हो रही बातचीत सुनी, जिसके बाद नारबल-मागाम रोड पर कई स्थानों पर तलाश करके वानी को गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों के मुताबिक वानी पर कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उस पर नागरिक सुरक्षा अधिनियम के तहत भी आरोप दायर किया जा सकता है, जिसके तहत उसे दो वर्ष की कैद की सजा हो सकती है। पुलिस अब डार की तलाश में जुट गई है। वार्ता के सार्वजनिक होते ही वह लापता हो गया है। कश्मीर घाटी में हिंसा फैलाने में कट्टरपंथी अलगाववादियों की भूमिका का खुलासा इन दोनों के बीच की वार्ता के बारे में पता चलने के बाद हुआ ।
विशेष: अंतर्राष्ट्रीय विमान दुर्घटना पीड़ितों का मसीहा

अफजल गुरु कांग्रेसी नेताओं का दामाद:गडकरी

बाढ़ से राहत नहीं, लोगों को मदद का इंतजार

मोबाईल बाज़ार में उतरा एक और कड़ा प्रतिद्वंदी॥

क्या तेल की कीमतें स्थिर रह पायेंगी?

मुग्धा की बिकिनी ने बरपाया कहर !!

नेटवर्क 18 पड़ा कमज़ोर

समुद्री बाबा की अविश्वसनीय भविष्यवाणियां।

ओबेरहाउसेन। फीफा विश्व कप-2010 के मैचों से पहले सटीक भविष्यवाणियां करने वाला ऑक्टोपस पॉल दुनिया भर में सुपरस्टार बन गया है। इसकी लोकप्रियता इस कदर बढ़ चुकी है कि स्पेन के शीर्ष राजनेताओं को इसकी सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। फुटबाल खिलाड़ियों से लेकर प्रशंसकों तक और यहां तक कि राजनेताओं ने भी पॉल की भविष्यवाणियों पर ध्यान देना शुरू कर दिया है। पॉल एक समय इंग्लैंड में रहा करता था लेकिन अब उसे ओबेरहाउसेन लाया जा चुका है। उसने स्पेन और जर्मनी के बीच खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले को लेकर बिल्कुल सटीक भविष्यवाणी की थी। यही नहीं, पॉल ने यह भी भविष्यवाणी की थी कि जर्मनी की टीम आस्ट्रेलिया, घाना, इंग्लैंड एवं अर्जेन्टीना के खिलाफ जीत जाएगी लेकिन स्पेन से उसे हार झेलनी प़डेगी।
स्पेन के मिडफील्डर जावी ओलोंसो ने कहा, "पॉल तो बेहद शानदार है और अद्भुत अजूबा है।" पॉल को दुनिया भर की मीडिया ने बेहद लोकप्रिय बना दिया है। आस्ट्रेलियाई टेलीविज़न, सीएनएन, बीबीसी, वाशिंगटन पोस्ट, न्यूयार्क टाइम्स और दर्जनों खेल समाचार पत्रों ने पॉल की भविष्यवाणियों को सम्मानजनक स्थान दिया है।
पॉल के नाम से "टि्वटर" पर पल्पो पॉल नाम से एक एकाउंट खोला गया है, जिसके साथ अब तक हजारों लोग जु़ड चुके हैं। इसके अलावा फेसबुक पर भी पॉल के नाम से एक एकाउंट खुला है, जो काफी लोकप्रिय हो चुका है। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि पॉल स्पेन और हॉलैंड के बीच खेले जाने वाले खिताबी मुकाबले का विजेता किसे घोषित करता है। पॉल को नियंत्रित करने वाले शुक्रवार को भारतीय समयानुसार 2.30 बजे यह बताने के लिए दुनिया के सामने आएंगे कि शनिवार को जर्मनी और उरूग्वे के बीच खेले जाने वाले तीसरे स्थान के प्लेऑफ मुकाबला का विजेता कौन होगा। इसके बाद पॉल शनिवार को खिताबी मुकाबले को लेकर भविष्यवाणी करेगा।
6th क्लास के छात्र द्वारा आत्महत्या का प्रयास

नई दिल्ली. प्रीत विहार में स्थित मदर टेरेसा स्कूल की छठी कक्षा के छात्र ने क्लास टीचर की पिटाई से आहत होकर स्कूल की दूसरी मंजिल से छलांग लगा दी। घायल छात्र को मेट्रो अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों को सूचना मिलते ही उन्होंने मामले की जानकारी पुलिस को दी। वहीं, स्कूल प्रशासन पूरे मामले को हादसे का रूप देने का प्रयास कर रहा है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। जानकारी के अनुसार राजेश सचदेवा परिवार के साथ मकान संख्या सी-36, जितार नगर में रहते हैं। वह स्वास्थ्य मंत्रालय में एकाउंट अफसर हैं। परिवार में उनकी पत्नी संगीता सचदेवा, दो बेटे साहिल सचदेवा (10) व आदी (3) हैं। साहिल प्रीत विहार स्थित मदर टेरेसा स्कूल में छठी कक्षा का छात्र है। रोज की तरह गुरुवार सुबह साहिल स्कूल गया। सुबह लगभग सवा दस बजे साहिल के घर पर स्कूल से फोन आया कि उसको चोट लगी है और उसे मेट्रो अस्पताल, प्रीत विहार ले जाया गया है। संगीता ने तुरंत ही इसकी सूचना अपने पति राजेश को दी और फिर अपने पिता एलके खन्ना के साथ अस्पताल पहुंची। उस समय साहिल का एक्स-रे आदि कराया जा रहा था। कुछ देर बाद राजेश भी अस्पताल पहुंच गए। साहिल ने उनसे बताया कि पहला पीरियड खत्म होने के बाद वह स्कूल की एक टीचर अनामिका के बुलाने पर उनसे मिलने गया। लौटने में उसे देर हो गई तब तक दूसरा पीरियड शुरू हो चुका था। इस बात से नाराज उसकी क्लास टीचर बी. सुधा ने उसे डांटा और फिर दो-चार थप्पड़ लगाए। टीचर के इस रवैये से साहिल सहम गया और गुमसुम हो अपनी सीट पर जाकर बैठ गया। पीरियड खत्म होते ही वह क्लास से निकला और दूसरी मंजिल पर बालकनी की खिड़की से नीचे छलांग लगा दी। स्कूल प्रशासन ने उसे अस्पताल पहुंचाया। स्कूल प्रिंसिपल नीता जेठी इस मामले को हादसा बता रही हैं। उनका कहना है कि साहिल कूदा नहीं, बल्कि सीढ़ियों से फिसल गया और घायल हो गया। स्कूल के चेयरमैन अशोक जेठी ने इस मामले पर बेहद ही लापरवाह बयान दिया। उन्होंने कहा कि टीचर ने सिर्फ डांटा था और साहिल ने यह कदम हीरो बनने के लिए उठाया है। पूर्वी जिला पुलिस की अतिरिक्त उपायुक्त आई.बी रानी का कहना है कि बच्चे के बयान ले लिए गए हैं। स्कूल टीचर पर मामला दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।