
श्रीनगर - श्रीनगर में अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद वानी को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आज गिरफ्तार कर लिया है। श्रीनगर में हिंसा भ़डकाने में उसकी भूमिका बताई जा रही है। पाकिस्तान में आतंकवादियों और घाटी के अलगाववादियों के फोन आईबी द्वारा फोन टेप किए जाने के बाद इस साजिश का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस का कहना है कि हुर्रियत कान्फ्रेंस के नेता शब्बीर वानी और गुलाम अहमद डार की भी फोन पर बात हुई है, जिसमें डार ने वानी को हिंसा भ़डकाने के लिए कहा था। ये फोन सुरक्षा एजेंसियों ने टेप किया था। इसके बाद शब्बीर वानी को आज श्रीनगर में गिरफ्तार कर लिया गया है। गुलाम अहमद डार और शब्बीर अहमद वानी के बीच फोन पर बातचीत के दौरान डार ने वानी से कहा था कि, "करीब बीस हजार लोगों का काफिला मगम से चला है और ब़डगाम की ओर जा रहा है। इस प्रदर्शन के दौरान कम से कम 10 से 15 लोगों को शहीद होना चाहिए"। लेकिन वानी और डार अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाए, क्योंकि सुरक्षा बलों ने भी़ड को तितर-बितर कर दिया। पुलिस ने हुर्रियत कान्फ्रेंस के सैयद अली शाह गिलानी की अध्यक्षता वाले गुट के जिलाध्यक्ष शब्बीर अहमद वानी और संगठन के दूसरे कार्यकर्ता गुलाम अहमद डार के बीच फोन पर हो रही बातचीत सुनी, जिसके बाद नारबल-मागाम रोड पर कई स्थानों पर तलाश करके वानी को गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों के मुताबिक वानी पर कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उस पर नागरिक सुरक्षा अधिनियम के तहत भी आरोप दायर किया जा सकता है, जिसके तहत उसे दो वर्ष की कैद की सजा हो सकती है। पुलिस अब डार की तलाश में जुट गई है। वार्ता के सार्वजनिक होते ही वह लापता हो गया है। कश्मीर घाटी में हिंसा फैलाने में कट्टरपंथी अलगाववादियों की भूमिका का खुलासा इन दोनों के बीच की वार्ता के बारे में पता चलने के बाद हुआ ।
न्यूज़लाईन ब्यूरो
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