
राजधानी दिल्ली पर शुक्रवार का दिन कुछ ज्यादा ही भारी पड़ा है। 24 घंटे में अलग अलग हुई वारदातों में सात लोगों के मौत के घाट उतार दिया गया। इन तमाम वारदातों से दिल्ली में दहशत का माहौल है।
पहली वारदात दिल्ली के पटेल नगर में हुई, जहां बदमाशों ने घर में घुसकर
प्रॉपर्टी डीलर की पत्नी और बेटे की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी, वहीं दूसरी वारदात दिल्ली के सबसे पॉश इलाके लाजपत नगर में हुई, जहां लूट के इरादे से घर में घुसे बदमाशों ने मां-बेटी को रॉड से मार-मार कर घायल कर दिया। दोनों को गंभीर चोटें आई हैं जिसके चलते उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया है। मौत का सिलसिला यहां भी नहीं थमा। तीसरी वारदात दिल्ली के कापसहेड़ा इलाके के बिजवासन की है जहां एक पिता ने अपने दो बेटों की हत्या कर खुद भी जान दे दी। उसने अपने 6 साल के बेटे रोहित और दस साल के बेटे उदित को करंट लगाकर हमेशा के लिए मौत की नींद सुला दिया और बाद में खुद भी करंट लगाकर खुदकुशी कर ली। अब सवाल ये है कि आखिर दिल्ली में रहें तो कैसे? जहां हर तरफ जान का खतरा है। आखिर क्या कर रही है दिल्ली पुलिस?
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