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Thursday, January 6, 2011

दीपिका-बिपाशा एक बार फिर आमने-सामने


एक बार फिर बिपाशा बसु और दीपिका पादुकोण की आमने-सामने की टक्कर होगी। बचना ऐ हसीनों की शूटिंग के समय दोनों के बीच की प्रतिद्वंद्विता किसी से छिपी नहीं थी। ऐसे में फिल्म दम मारो दम में दोनो फिर एक बार आमने-सामने हैं। उन दोनों की इस टक्कर का कारण भी यही फिल्म है।

दरअसल, दम मारो दम में बिपाशा नायिका हैं, जबकि दीपिका एक आइटम डांस कर रही हैं। ऐसे में बिपाशा को यह चिंता है कि दीपिका एक आइटम करके ज़्यादा सुर्खीयां ना बटोर लें। आखिर देखा जाये तो आजकल शीला की जवानी और मुन्नी बदनाम हुई जैसे आइटम सांग के जमाने में बिपाशा का ड़र सही भी है। अगर ऐसा कुछ होगा तो एक बार फिर दीपिका और बिपाशा के रिश्तों में दरार पड़ सकती है।

आम जनता पर पड़ती महँगाई की मार


नई दिल्ली: महँगाई की मार से परेशान आम आदमी की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। सरकार के महँगाई को थामने के लिए उठाये जा रहे कदम भी फिलहाल कारगर नजर होते नहीं दिखाई दे रहे हैं।

चाहे दूध, सब्जियां हो या फिर गेहूँ, चावल और दाल इस तरह की रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजों के लगातार बढ़ते दाम ने आम आदमी का जीना मुहाल कर दिया है। रोज के इस्तेमाल में आने वाली इन चीजों के छलाँग भरने से खाद्य वस्तुओं की महँगाई 25 दिसम्बर को समाप्त हुए सप्ताह में 3.88 प्रतिशत की लंबी उड़ान भरकर एक वर्ष से अधिक के उच्च स्तर 18.32 प्रतिशत पर पहुँच गई। इतना ही नहीं बेमौसमी बारिश की वजह से 20-21 दिसम्बर को देश में प्याज की कीमतें भी बढ़कर 80 रुपए प्रति किलो पर पहुँच गई थी।

एक तरफ जहां प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने वर्ष 2011 में महँगाई को थामने के लिए दो गुने प्रयास किए जाने का आश्वासन दिया है वहीं वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी की नजर में भी महँगाई का बढ़ना बहुत ही चिंता का विषय है। केन्द्रीय गृहमंत्री पी चिदम्बरम का कहना है कि महँगाई का डंक, करों के डंक से भी खराब है। हांलाकि प्याज की कीमतों में वृद्धि के बाद सरकार ने डीजल और रसोई गैस के कीमतों में होने वाली वृद्धि के प्रस्ताव को टाल दिया था।

चीन में भारी हिमपात, हजारों लोग बेघर


बीजिंग: भारी हिमपात की वजह से चीन में 200 से ज्यादा मकानों के ध्वस्त होने की खबर है। इतना ही नहीं इस हिमपात के कारण 22,800 से ज्यादा लोगों को अपना घर छोड़ कर किसी सुरक्षित जगह पर शरण लेनी पड़ी।

आपातकालीन सेवा विभाग के प्रवक्ता का कहना है कि इन मकानों की छत हिमपात के कारण जम गयी थी। उसके बाद बर्फ का बोझ नहीं सह पाने की वजह से गिर गई। माना जा रहा है कि हिमपात की वजह से इस प्रांत में चार करोड़ की वित्तीय क्षति हुई है और 79,100 हेक्टेयर में लगी फसल भी बर्बाद हो गई।

हालांकि चीन की समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने 1,455 मकानों के ध्वस्त होने की बात कही है। एजेंसी के अनुसार सड़कों पर जमी बर्फ की चादर को हटाने के काम में आई तेजी की वजह से 30 घंटों से बंद राजमार्ग खुलने लगे हैं और घंटों से फंसे लोग भी निकलने लगे हैं।

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