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Thursday, March 10, 2011

मायावती की चेतावनी पर सपा का पलटवार


लखनऊ : समाजवादी पार्टी (सपा) और उत्तर प्रदेश की माया सरकार के बीच छिड़ी ये राजनीतिक जंग अब और तेज़ हो चुकी है। पुलिस की लाठियों से पिटने के बाद तिलमिलाए सपाइयों ने भी अब यूपी सरकार और यूपी पुलिस के ख़िलाफ़ हुंकार भर ली है। मुख्यमंत्री मायावती द्वारा दी गई चेतावनी पर समाजवादी पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया ज़ाहिर की है। मुख्यमंत्री मायावती ने आज प्रेस कांफ़्रेंस कर सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव समेत सभी राजनीति दलों को कानून बिगाड़ने की कोशिश करने पर सख्ती से निपटने की चेतावनी दी थी।

मुख्यमंत्री की चेतावनी का जवाब देते हुए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शिवपाल सिंह यादव ने गुरुवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मुख्यमंत्री विधानसभा में जवाब नहीं देती, विधानसभा चलने ही नही देती, ऐसी मुख्यमंत्री से कानून एवं व्यवस्था की अपेक्षा भी नहीं की जा सकती। सपा ने कहा कि मुख्यमंत्री का कानून से क्या मतलब है।

आंदोलन के दौरान सपा के साथ हुए अत्याचार के कारण गुस्साए शिवपाल ने कहा कि पार्टी के सात से नौ मार्च तक चले तीन दिवसीय जन आंदोलन के शुरू होने के तीन दिन पहले से ही पार्टी कार्यकर्ताओं एवं नेताओं की धरपकड़ शुरू कर दी गई थी। यह दावा करते हुए कि तीन दिन चले आदोलन में पार्टी कार्यकर्ताओं ने न तो कही तोड़फोड़ की और न ही सार्वजनिक सम्पत्ति को कोई क्षति पहुंचाई, इसके बावजूद अनेक स्थानों पर अधिकारियों की शह पर पार्टी कार्यकर्ताओं पर बर्बर लाठीचार्ज किया गया। हजारों कार्यकर्ता अब भी जेल में बंद है।

शिवपाल ने आरोप लगाया कि आज जब वे जिला जेल से रिहा हुए तो वहा नेता प्रतिपक्ष को प्राप्त प्रोटोकाल के अनुसार जिला प्रशासन का कोई अधिकारी तो मौजूद नहीं था। "बाहर कुछ लोग शायद मुख्यमंत्री का पुतला जला रहे थे तभी पुलिस की लाठिया चली, जिसमें उन्हें और उनके सुरक्षाकर्मी को चोटें आई। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे में हमारे सुरक्षाकर्मी ने गोली चला दी होती तो क्या होता।"

यादव ने कहा कि हमारे राष्ट्रीय मुखिया ने तो आपातकाल झेला है, उन्हें क्या कोई चुनौती देगा। उन्होंने कहा कि हमें इस भ्रष्ट मुख्यमंत्री की चुनौती स्वीकार है। साथ ही उनकी और दलाल अधिकारियों को भी चेतावनी है कि सत्ता बदलेगी और उनका भी हिसाब किया जाएगा।

गुस्से से तिलमिलाते सपा नेता ने कहा कि औरत होने के नाते नहीं बोल रहे हैं। नहीं तो कहने को बहुत कुछ है। सौ रुपए की हैसियत नहीं थी और आज करोड़ों की मालिक है। यह सब कैसे हुआ सब जानते है।

उनके साथ मौजूद पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं सासद अखिलेश यादव ने कहा कि कल जिस तरह से अमौसी हवाईअड्डे पर दिल्ली से वापस आने के बाद पुलिस ने उनके साथ दु‌र्व्यवहार किया, वह इस मामले को लोकसभा में उठाएंगे। उन्होंने पार्टी के तीन दिवसीय आदोलन को कामयाब बताते हुए इसमें जनता की भारी भागीदारी का दावा किया और कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं, खासकर नौजवानों और छात्रों की मेहनत तो थी ही ऐसी कामयाबी जनता के सहयोग के बिना संभव नहीं थी।

मायावती ने सपाइयों को दी चेतावनी


लखनऊ : समाजवादी पार्टी द्वारा तानाशाह क़रार दी गईं उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावाती ने पलटवार करते हुए सपा को चेतावनी दे डाली है। मायावती ने कहा है कि यदि सपा, सरकार का विरोध करेगी तो भविष्य में भी उससे ऐसे ही सख्‍ती से निपटा जाएगा। आज यहां प्रेस कांफ्रेंस के दौरान, सीएम ने सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव को आगाह करते हुए कहा कि वह इस तरह के विरोध प्रदर्शनों से बाज आएं, वरना प्रदेश सरकार इसे कत्तई बर्दाश्त नहीं करेंगी।

गौरतलब है कि यूपी में इन दिनों समाजवादी पार्टी के विरोध प्रदर्शन पर उत्‍तर प्रदेश पुलिस का कहर बरस रहा है। यूपी पुलिस द्वारा लोकतंत्र का जमके मज़ाक़ उड़ाया जा रहा है। जहां एक ओर सपा कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने जमकर लठ बरसाएं हैं तो वहीं अब पुलिस ने मुलायम सिंह के सगों को भी नहीं बख़शा। लखनऊ जेल में बंद किए गए सपा कार्यकर्ताओं ने आज रिहाई के दौरान मायावती सरकार और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर जमकर हंगामा किया। पुलिस द्वारा रोके जाने पर उनकी हिंसक झड़प भी हुई। इस दौरान मुलायम के भाई शिवपाल सिंह यादव सहित कई सपा नेताओं पर पुलिस ने जमकर लाठियां बरसाई। इससे पहले बुधवार को मुलायम के बेटे अखिलेश यादव को पुलिस ने अमौसी हवाई अड्डे से घसीटते हुए गिरफ्तार कर लिया था। अखिलेश यादव जैसे ही दिल्ली से लखनऊ पहुंचे, अमौसी हवाई अड्डे के बाहर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव को पुलिस ने सुबह सवा नौ बजे के करीब उस समय गिरफ्तार कर लिया जब वे दिल्ली से लखनऊ पहुंच कर अमौसी हवाई अड्डे से बाहर आ रहे थे। उन्‍होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने एक बार फिर सरकार के निर्देश पर जानबूझकर सपाइयों को निशाना बनाया है। उन्होंने कहा कि पुलिस के लाठीचार्ज में एक दर्जन कार्यकर्ता घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी द्वारा मायावती सरकार के विरूद्ध आंदोलन 'बसपा हटाओ, प्रदेश बचाओ' चलाया गया। प्रदेश की कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार और सरकार की नीतियों के विरोध में समाजवादी पार्टी गत सात मार्च से तीन दिवसीय प्रदेशव्यापी जन-आंदोलन चलाया। अखिलेश यादव को कल इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करना था। प्रदर्शन में हिस्सा लेने से पहले ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था।

Tuesday, February 8, 2011

उत्तर प्रदेश: नहीं रूक रहा बलात्कार का सिलसिला


इन दिनों उत्तर प्रदेश में आरोपियों द्वारा ख़ासकर बलात्कार की घटनाओं को धडल्ले से अंजाम दिया जा रहा है। आरोपियों ने मुख्यमंत्री मायावती द्वारा कही गई बात "मेरे राज में महिलाएं सुरक्षित" को सीधी चुनौती दे डाली है। ऐसा लगने लगा है कि देश में सुरक्षा क़ानून नाम की कोई चीज़ मौजूद नहीं है। इस बार उन्नाव में बलात्कार की एक घटना को अंजाम दिया गया है जहां एक शख्‍स ने नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार के बाद उसे जाने से मारने की कोशिश की। पीड़ित लड़की को गंभीर हालत में कानपुर के हैलट अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

उन्नाव के सीतापुर थानाक्षेत्र के गांव के एक किसान की 15 वर्षीय बेटी सोमवार रात में करीब 11 बजे घर के नजदीक ही खेत में शौच करने गई थी। जहां गांव के एक लडका उसे अपनी हवस का शिकार बनाने की फ़िराक़ में वहां ताक लगाए बैठा था। कुछ देर बाद उसके चीखने की आवाज सुन कर ग्रामीण खेत में पहुंचे। उन्‍होंने लड़की को खून से लथपथ, पड़ा पाया। उसके चेहरे, गले और जबड़े पर धारधार हथियार से वार किया गया था। बदहवास हालत में लड़की सिर्फ इतना ही बता पाई की गांव के ही रामसेवक ने उससे बलात्कार किया।

उन्नाव के पुलिस अधीक्षक ए के शुक्ला ने बताया कि आरोपी रामसेवक को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसने जुर्म कबूल कर लिया है। उसने पुलिस को बताया कि बलात्कार के बाद पीड़िता के चिल्लाने पर वो उसकी हत्या करने की कोशिश कर रहा था। इसी बाच ग्रामीण वहां आ पहुंचे। लड़की को गंभीर हालत में उन्नाव के जिला अस्पताल ले जाया गया जहां से उसे कानपुर के हैलट अस्पताल रेफ़र कर दिया गया।

ग़ौरतलब है कि इसी अस्‍पताल में फतेहपुर जिले के उदरौली गांव की वह लड़की भी भर्ती है, जिसने गैंगरेप की कोशिश का विरोध किया था तो आरोपी युवकों ने उसकी नाक, कान और अंगुली काट दी थी। डॉक्‍टर के मुताबिक वह शायद अब जीवन भर सुन नहीं सके और उसका चेहरा भी बदरंग ही रहेगा।

उदरौली गांव के रेप के मामले पर राज्‍य में राजनीतिक पार्टियां भी हरकत में आ गई है। लड़की का हालचाल पूछने कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सूर्यप्रताप साहू, कांग्रेस नेता रीता बहुगुणा जोशी, सपा नेता शिवपाल यादव सहित कई नेता पहुंच चुके हैं।

उत्‍तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती द्वारा महिलाओं की सुरक्षा के लाख दावे किये जाने के बावजूद बलात्‍कार की घटनाएं दिनों-दिन बढ़ती ही जा रही हैं। बीत 7 दिनों में ही ऐसे करीब आधा दर्जन मामले सामने आ चुके हैं।

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