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Tuesday, March 22, 2011

भारतीय मुसलमानों से कोई बैर नहीं: बाल ठाकरे


मुंबई : शिव सेना अध्यक्ष बाला साहब ठाकरे ने भारतीय मुसलमानों के पक्ष में बयान देकर शायद एक अनोखी बहस को जन्म दे दिया है। ठाकरे के मुताबिक़, वह कभी भी भारतीय मुसलमानों के विरोधी नहीं रहे बल्कि उनका विरोध तो देश के बाहर के मुसलमानों के खिलाफ रहा है। उन्‍होंने कहा कि वे तो उनके खिलाफ हैं जो घुसपैठिए हैं और भारत का माहौल खराब कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और बांगलादेश से बड़े पैमाने पर मुस्लिम भारत में घुसपैठ करते हैं। साथ ही ठाकरे ने ये भी कहा कि जो भारतीय मुस्लिम इन घुसपैठियों की मदद करते हैं, वे भी उतने ही दोषी हैं।

शिव सेना के मुखपत्र सामना में छपे ठाकरे के इंटरव्यू के दूसरे हिस्से के मुताबिक ठाकरे की भारतीय मुसलमानों से न तो कोई शिकायत है और न ही बैर। उन्होंने कहा कि उनकी शिकायत तो उन मुसलमानों से है जो बाहर से आए हैं और देश में समस्याएं पैदा कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, 'मुझे उन मुसलमानों से कोई शिकायत नहीं है जो पीढ़ी दर पीढ़ी से यहां रह रहे हैं। मेरी शिकायत उनसे है जो देश में घुस आए हैं। उन्हें देश से बाहर किया जाना चाहिए।' दरअसल, ठाकरे पाकिस्तान और बांग्लादेश से आए मुसलमानों का जिक्र कर रहे थे।

उन्होंने कहा, 'वे यहां आते हैं और देश के मुसलमानों को उकसाते हैं। महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र में ऐसे तत्व बाहर से आए हैं और कोंकणी मुसलमानों को प्रभावित कर रहे हैं और उन्हें बर्बाद कर रहे हैं।'

इसके अलावा, सोमवार को छपे इंटरव्‍यू के पहले भाग में ठाकरे ने कहा था कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की राजनीतिक समझ के मामले में उनकी सास इंदिरा गांधी से कोई तुलना नहीं की जा सकती। ठाकरे के सोनिया गांधी को निशाने पर लेने से, कांग्रेसी भड़क गए हैं।

ठाकरे के अनुसार सोनिया गांधी ने देश के लिए कुछ नहीं किया है। उनकी इंदिरा गांधी से कोई तुलना नहीं की जा सकती। इंदिरा गांधी की राजनीतिक समझ उनसे काफी बेहतर थी। बड़े बड़े लोगों से मुलाकात और बैठकों के बाद इंदिरा गांधी राजनीति में आईं थीं। उनकी राजनीति को जो खाद पानी मिला था, वो काफी अलग था। सोनिया गांधी में वह बात नहीं है।

Thursday, February 10, 2011

राजस्थान: प्रतिभा पाटिल पर विवादास्पद टिप्पणी करने वाले मंत्री जी बर्ख़ास्त


जयपुर : राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल पर विवादास्पद टिप्पणी कर आलोचनाओं का शिकार हुए राजस्‍थान के वक्फ एवं पंचायतीराज राज्य मंत्री अमीन खां को आख़िरकार इस्तीफा देना पड़ा। मंत्री जी ने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भेजा जिन्होंने इसे राज्यपाल को सौंप दिया। राज्यपाल ने अमीन खां का इस्तीफा मंजूर कर लिया है।

मंत्री जी ने मंगलवार को पाली जिले में हुई कांग्रेस समिति की एक बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा था कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की रसोई में खाना बनाने और चाय तैयार करने के लिए प्रतिभा पाटिल को राष्ट्रपति के पद से नवाजा गया। उन्होंने कहा था कि वर्ष 1977 में इंदिरा गांधी जब चुनाव हार गई थी तो पाटिल उनके रसोई में खाना बनाया करती थी और यहां तक कि उनके बर्तन भी साफ किया करती थी। बकौल खान, ‘अंतत: उन्हें देश के सर्वोच्च पद पर बिठाया गया। पूर्व प्रधानमंत्री के प्रति उनकी निष्ठा का सम्मान किया गया।’

अमीन खां के इस बयान की चौतरफा निंदा की गई, जिससे बौखलाकर उन्होंने इस बारे में मीडिया के समक्ष अपनी सफाई पेश की। उन्होंने कहा, ‘मेरी बातों को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया। मेरे कहने का अर्थ था कि पाटिल एक सामान्य कार्यकर्ता थी और चूंकि वह निष्ठावान और अनुशासित कार्यकर्ता बनी रहीं, इसलिए उन्हें राष्ट्रपति बनने का मौका मिला।’

उनके इस बयान के कारण राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अमीन खां से मंत्री पद से इस्तीफा मांगा था। इस मामले में मुख्यमंत्री ने अमीन खां से फोन पर जवाब तलब किया था। इसके बाद वह बुधवार शाम को दिल्ली पहुंचे। दिल्ली में उन्होंने सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल और प्रभारी महामंत्री मुकुल वासनिक के साथ चर्चा की। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक इस चर्चा के बाद अमीन खां से इस्तीफा देने को कहा गया था।

मंत्री द्वारा दिये गये इस बयान को लेकर राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा "इस सरकार के मंत्री बेलगाम हो गए हैं। राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील के बारे में सरकार के मंत्री की टिप्पणी पूरे देश का, खासकर महिला जगत का अपमान है। इसके लिए पूरी सरकार दोषी है।"

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