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Wednesday, February 23, 2011

कुलपति के पद पर बने रहेंगे मौलाना वस्तानवी


देवबंद : गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की हिमायत में बयान देने के कारण विवादों से घिरे मौलाना गुलाम मोहम्मद वस्तानवी, देश के प्रमुख इस्लामी शिक्षण संस्थानों में शुमार दारुल उलूम देवबंद के मोहतमिम (वाइस चांसलर) बने रहेंगे। मजलिस-ए-शूरा (दारुल उलूम की गवर्निंग काउंसिल) की बैठक में आमराय से आज यह फैसला लिया गया।

दारुल उलूम देवबंद के नायब मोहतमिम मौलाना खालिक मदासी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि शूरा की बैठक में मौलाना वस्तानवी को मोहतमिम के पद पर बनाए रखने का फैसला किया गया है, जबकि मौलाना अबुल कासिम बनारसी को कारगुजार (कार्यवाहक) मोहतमिम बनाया गया है।

उन्होंने बताया कि वस्तानवी पर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की कथित रूप से तारीफ करने तथा अन्य आरोपों की जांच के लिए एक समिति गठित की गई है। मौलाना मदासी ने बताया कि सुबह 10 बजे शुरू हुई इस बैठक में शूरा के 21 में 15 सदस्यों ने शिरकत की थी। इस बैठक में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना राबे हसन नदवी समेत छह सदस्य शामिल नहीं हुए।

गौरतलब है कि 10 जनवरी को दारुल उलूम देवबंद के मोहतमिम चुने गए गुजरात के वस्तानी इलाके के निवासी मौलाना वस्तानवी ने मोदी की कथित तारीफ के बाद अपने खिलाफ शुरू हुए अभियान के चलते इस्तीफे की पेशकश की थी। बुधवार को इसी सिलसिले में शूरा की बैठक बुलाई गई थी।

Friday, February 18, 2011

मोदी ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधा


अहमदाबाद : देश के प्रधानमंत्री के बयान ने शायद नरेंद्र मोदी के लिये बौखलाहट पैदा कर दी है। प्रधानमंत्री के बयान पर अपनी नाराजगी ज़ाहिर करते हुए गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन पर निशाना साधा है। पीएम ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा था कि गुजरात के मंत्री अमित शाह पर कार्रवाई के बदले भाजपा इस तरह का व्यवहार कर रही है। पीएम के इस बयान पर पलटवार करते हुए मोदी ने इसे साल का सबसे बडा चुटकुला करार दिया।

गौरतलब है कि टीवी संपादकों से रूबरू होने के दौरान प्रधानमंत्री ने शाह का परोक्ष उल्लेख किया था। उन्होंने कहा था, विपक्षी दल विशेषकर भाजपा ने शत्रुतापूर्ण रवैया अपना रखा है और इसके पीछे जो कारण है मैं सार्वजनिक रूप से नहीं कह सकता क्योंकि आपने एक व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की है जो गुजरात में मंत्री था तो आप अपना फैसला पलटे। मैं और कुछ नहीं कहना चाहता हूं।

मोदी ने कहा गुजरात के किसी मंत्री या सरकार पर आरोप लगाने के बजाए प्रधानमंत्री को अपनी विफलता के बारे में सही तथ्य देने चाहिए। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी)पर संविधान संशोधन विधेयक पेश करने में देरी के लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रधानमंत्री ने यह टिप्पणी की थी। मोदी सरकार के मंत्री रहे शाह को सोहराबुद्दीन फर्जी एनकाउंटर मामले में सीबीआई ने गिरफ्तार किया था और अब वह जमानत पर है।

प्रधानमंत्री द्वारा भाजपा पर आरोप लगाने की निंदा करते हुए मोदी ने कहा, प्रधानमंत्री ने सरकार चलाने में अपनी लाचारी स्वीकार ली है, अब उन्हें आर्थिक सुधारों और जीएसटी लागू करने में अपनी सरकार की विफलता के तथ्य पेश करने चाहिए।

Saturday, February 5, 2011

मोदी के बचाव में उतरी बीजेपी

नई दिल्ली : एसआईटी द्वारा अपनी रिपोर्ट में मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को गुजरात दंगों के मामले में आरोपी क़रार दिये जाने के बाद उनकी पार्टी व प्रमुख विपक्षी दल भाजपा ने खुलकर उनका बचाव करना शुरू कर दिया है। भाजपा द्वारा इस मसले पर मीडिया में प्रकाशित खबरों के आधार पर एसआईटी की रिपोर्ट लीक होने के मामले की जांच की मांग की और इसमें केंद्र की यूपीए सरकार का हाथ होने का अंदेशा भी जताया।

पार्टी के विश्वस्त सूत्रों के अनुसार पिछले नौ वर्षो से कांग्रेस मोदी को कुर्सी से हटाने की और उनकी छवी को धूमिल करने की कई नाकाम कोशिशें कर चुकी हैं। लेकिन इसके विपरीत, मोदी हर बार चुनाव जीतकर विरोधियों के मुंह पर ताला लगाने में कामयाब रहे हैं। मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य को देखते हुए पार्टी रणनीतिकारों का मानना है कि रिपोर्ट लीक होना, ए राजा की गिरफ्तारी के बाद प्रधानमंत्री विपक्षी दलों के निशाने पर आ गए हैं। इसी बात से चिंतित होकर यूपीए सरकार द्वारा भाजपा का ध्यान बंटाने की सोची-समझी साज़िश रची जा रही है।

भाजपा के एक महासचिव का कहना है कि कांग्रेस और यूपीए सरकार इस रिपोर्ट के आधार पर विपक्षी हमलों को कूंद करने की फिराक में है लेकिन भाजपा किसी भी कीमत पर भ्रष्टाचार के मुद्दे पर जेपीसी की मांग से पीछे नहीं हटने वाली। भाजपा महासचिव और प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने साफ किया कि वे एसआईटी की रिपोर्ट पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे, क्योंकि अभी यह रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के पास विचाराधीन है और इस पर उसे अपना पक्ष देना है।

लेकिन सवाल यह उठता है कि जब सुप्रीम कोर्ट में एसआईटी की रिपोर्ट बंद लिफाफे में सौंपी गई है तो वह लीक कैसे हो गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट की निष्पक्षता पर कोई संदेह नहीं है लेकिन रिपोर्ट लीक करने के पीछे सरकार के कुछ तत्वों के शामिल होने के आसार हैं। कारण कालेधन मामले में जिन 24 लोगों के नाम सुप्रीम कोर्ट के समक्ष बंद लिफाफे में रखे गए हैं वे आज तक सार्वजनिक नहीं हुए। ऐसे में कोर्ट से रिपोर्ट लीक होने की गुंजाइश नहीं है।

Saturday, January 22, 2011

मोदी के मंच से सम्मानित होंगे दारुल उलूम के कुलपति

अगर सब कुछ ठीक ठीक रहा तो गणतंत्र दिवस के मौके पर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी दारुल उलूम देवबंद के मोहतमिम (कुलपति) मौलाना गुलाम मोहम्मद वस्तानवी को सम्मानित करेंगे। मोदी ने यह घोषणा उस वक़्त की है जब दारुल उलूम के कुलपति के पद पर वस्तानवी की नियुक्ति हुए चंद दिन ही हुए हैं। वहीं मौलाना वस्तानवी ने दो दिन पहले ही गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की दिल खोल कर तारीफ़ की थी।

विश्व की नंबर दो इस्लामिक संस्था के नव नियुक्त कुलपति मौलाना गुलाम मोहम्मद वस्तानवी लगातार सुर्खियों में हैं। इन दिनों मुस्लिम जगत मौलाना गुलाम मोहम्मद वस्तानवी को लेकर दो खेमों में बंट गया है। एक उनके समर्थन में है और दूसरा विरोध में। इसी कड़ी में उनकी मुश्किलें अब और बढने वाली हैं। दरअसल गुजरात में मुसलमानों का भरोसा जीतने की कोशिश कर रही मोदी सरकार ने मौलाना वस्तानवी को गणतंत्र दिवस के मौके पर सम्मानित करने का फैसला किया है। बीजेपी के मुस्लिम नेताओं द्वारा वस्तानवी को गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों सम्मानित किए जाने की योजना को अमली जामा पहनाने की कोशिश की जा रही है।

वुस्तानवी, हाल ही में अपने एक बयान के बाद आलोचकों के निशाने पर आ चुके हैं। और कई उलेमा द्वारा मौलाना वुस्तानवी को दारूल उलूम, देवबंद के कुलपति के पद से हटाए जाने की मांग की जा रही है। मौलाना ने अपने बयान में मुस्लिमों में कट्टरपंथी माने जाने वाले नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार की तारीफ़ की थी जो मुस्लिम जगत को बेहद नागवार गुज़री थी।

ग़ौरतलब है कि मौलाना अपने इस बयान के बाद विवादों में घिर गये थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि मोदी के नेतृत्व वाली गुजरात सरकार में राज्य के अल्पसंख्यकों ने भी तरक्की की है और उनके साथ कोई भेदभाव नहीं किया जा रहा है। गुजरात में मुसलमानों की स्थिति पर खास कर गुजरात दंगों के बाद से हमेशा ही नरेंद्र मोदी पर उंगलियां उठती रही हैं, और ये पहला मौक़ा है जब किसी मुस्लिम धर्मगुरु ने मोदी सरकार की तारीफ की। हालांकि, वुस्तानवी के इस बयान की कई मुस्लिम धर्मगुरुओं ने कडी आलोचना भी की थी।

वहीं उलेमा के एक बड़े संगठन ’जमीयत उलेमा-ए-हिंद’ ने चेतावनी दी है कि यदि मौलाना वुस्तानवी को कुलपति के पद से नहीं हटाया
गया तो जमीयत इसके ख़िलाफ़ एक तहरीक़ चलाएगी।


सूरत जिले के मंगरोल तहसील के वुस्तन गांव के रहने वाले वुस्तानवी आज ही देवबंद लौटे हैं। खबरों के मुताबिक वुस्तानवी के नजदीकी माने जाने वाले बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चे के कुछ नेताओं द्वारा वुस्तानवी को बीजेपी के मंच पर लाने की हर मुमकिन कोशिशें की जा रही हैं। पार्टी गणतंत्र दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों उन्हें सम्मानित करने का मन बना चुकी है।

Friday, October 15, 2010

ईवीएम मशीन ने हराया : बाघेला


अहमदाबाद : गुजरात कांग्रेस ने महानगर पालिका [मनपा] चुनाव में करारी हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शकर सिंह वाघेला ने कहा कि मनपा चुनाव में भाजपा की जीत को मीडिया भले ही मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का जादू बता रही है लेकिन यह जीत 'मशीन मैजिक' के कारण हुई है।

उल्लेखनीय है कि पिछले लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद भाजपा समेत कई राजनीतिक दल ईवीएम की आलोचना करते रहते हैं। लेकिन, तब कांग्रेस को ईवीएम में कोई खोट नजर नहीं आया था। प्रदेश कांग्रेस की ओर से गुरुवार को बुलाई गई पत्रकार वार्ता में वाघेला ने कहा कि दुनिया के किसी भी देश में किसी एक दल को 80 फीसदी मत नहीं मिल सकते। उन्होंने इसे 'मशीन मैजिक' करार दिया।

गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धार्थ पटेल ने भी कहा कि राज्य सरकार ने हैदराबाद की कंपनी से विशेष रूप से ये इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन [ईवीएम] तैयार कराई थीं। चुनाव से पहले मुख्यमंत्री कार्यालय के इशारे पर अमेरिका से आए एक तकनीकी विशेषज्ञ ने इनमें से कई ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की, जिसके कारण कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा।

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