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Tuesday, March 8, 2011

दिल्ली के मेट्रो स्टेशनों पर खुलेंगे चिकित्सा केन्द्र


नई दिल्ली : मेट्रो में सफ़र करने वाले दिल्ली वासियों के लिये एक ख़ुशख़बरी है। दिल्ली वासियों के सफ़र को आसान बना देने वाली मेट्रो अब एक और सुविधा से लैस होने जा रही है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) मेट्रो के विभिन्न स्टेशनों पर चिकित्सा केन्द्र खोलने पर विचार कर रहा है। शहरी विकास राज्य मंत्री सौगत राय ने मंगलवार को लोकसभा में एक लिखित सवाल के जवाब में बताया कि दिल्ली मेट्रो ने इस संबंध में निजी क्षेत्र के तथा सरकारी क्षेत्र के एक-एक अस्पताल से संपर्क किया है।

उन्होंने एक अन्य जानकारी देते हुए बताया कि डीएमआरसी ने उत्तर प्रदेश सरकार के अनुरोध पर नौएडा एवं ग्रेटर नौएडा के बीच मेट्रो रेल चलाने की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर ली है। उन्होंने बताया कि हालांकि केन्द्र सरकार को दिल्ली मेट्रो को नोएडा तथा ग्रेटर नौएडा के बीच विस्तारित करने के संबंध में कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार को दिल्ली मेट्रो को कुंडली, सोनीपत तक विस्तारित करने का भी कोई प्रस्ताव नहीं मिला है।

उन्होंने बताया कि दिल्ली मेट्रो के आनंद विहार से वैशाली, गाजियाबाद तक विस्तारित करने पर 320 करोड़ रुपए की जबकि मुंडका से बहादुरगढ तक विस्तारित करने पर 1432 करोड़ रुपए की लागत आने का अनुमान है।

Friday, February 18, 2011

उत्तर प्रदेश: बलात्कारियों का क़हर जारी


हाथरस : उत्‍तर प्रदेश में इन दिनों मनचले युवकों ने बलात्‍कारियों का रूप धारण कर जमकर उत्पात मचाया हुआ है। इन दिनों, ये हवस के पुजारी सारी मान मर्यादा को ताक पे रखते हुए बेख़ौफ़ होकर लडकियों की इज़्ज़त से खेल रहे हैं। मुख्यमंत्री मायावती के "महिलाओं की सुरक्षा" के दावे की जमकर खिल्ली उडाई जा रही हैं। एक ताज़ा घटना में यहां बलात्‍कार में विफल हुए एक युवक ने लड़की को जिंदा जला कर मार डाला।

हाथरस जिले में 21 साल की संगीता को अपनी इज्‍जत बचाने की कीमत जान देकर चुकानी पड़ी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक जब संगीता खेतों की तरफ गई तो उसके पड़ोसी कालू लाल ने उसको अपनी हवस का शिका बनाना चाहा। लेकिन संगीता वहां से भागने में कामयाब रही और इसकी अपने माता-पिता को घटना की जानकारी दे दी।

हालांकि कालू लाल ने लड़की को इस मामले को दबाने की धमकी दी थी लेकिन इसके बावजूद लड़की ने हिम्मत जुटाकर पुलिस से शिकायत कर डाली। ख़बर के मुताबिक़ इससे उत्तेजित होकर कालू ने संगीता के घर में घुस कर उसे घसीटते हुए घर से बाहर निकाल लिया। उसने लड़की के‍ शरीर पर किरोसिन तेल छिड़क कर आग लगा दी।

लड़की को तुरंत जिला अस्‍पताल ले जाया गया। बाद में उसे अलीगढ़ मुस्लिम विश्‍वविद्यालय मेडिकल कॉलेज रिफर किया गया। लेकिन लड़की ने आखिरकार दम तोड़ दिया।


एक ऐसी ही दूसरी घटना को गाजियाबाद के हापुड़ के मोहल्ला पन्नापुरी में अंजाम दिया गया। एक छात्रा को छेड़छाड़ का विरोध करना इतना महंगा पड़ा कि एक मनचले युवक ने उस पर ब्लेड से हमला कर उसे घायल कर दिया। घायल छात्रा को उपचार के लिए तत्काल निजी अस्पताल ले जाया गया।

जब मामले की जानकारी लेने के लिए घायल छात्रा की बहन मनचले युवक के घर पहुंची तो युवक ने अपने परिवार के साथ मिलकर उस पर लाठी डंडों से हमला कर दिया। घटना की सूचना तुरन्त पुलिस को दी गई, लेकिन पुलिस करीब एक घंटे बाद घटनास्थल पर पहुंची। तब तक हमलावर फरार हो चुका था। मामले को ज्यादा तूल पकड़ता देख पुलिस ने मनचले युवक के भाई व उसकी मां को गिरफ्तार कर लिया है।

आए दिन हो रही इन घटनाओं ने उत्तर प्रदेश पुलिस की पोल खोल कर रख दी है। आरोपियों के दिल से पुलिस व क़ानून का ख़ौफ़ ख़त्म हो चुका है। प्रदेश में सुरक्षा नाम की कोई चीज़ बाक़ी नहीं रह गई है। आरोपी, धडल्ले से घटना को अंजाम देकर बेख़ौफ़ होकर घूमते हैं। जबकि उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई ना के बराबर ही होती है।

Tuesday, February 15, 2011

निठारी हत्याकांड़: कोली की मौत की सज़ा बरक़रार


नई दिल्ली : देश भर में चर्चा का विषय बने निठारी हत्याकांड़ के आरोपी को दी गई मौत की सज़ा को बरक़रार रखते हुए आज सुप्रीम कोर्ट ने इस फ़ैसले पर अपनी मोहर लगा दी। सुप्रीम कोर्ट ने 14 वर्षीय रिंपा हलदर की हत्या करने के मामले को भयावह और बर्बर क़रार देते हुए आरोपी सुरिंदर कोली के ख़िलाफ़ ये फ़ैसला सुनाया।

निचली अदालत ने नोएडा के पास निठारी में लड़कियों के बलात्कार और उनकी हत्या के तीन मामलों में भी कोली को फासी की सजा सुनाई थी। अब न्यायमूर्ति मार्कंडेय काटजू और न्यायमूर्ति ज्ञानसुधा मिश्रा की पीठ ने 39 वर्षीय कोली को सुनाई गई मौत की सजा पर अपनी मुहर लगा दी।

कोली के खिलाफ कुल 16 मामले दर्ज किए गए थे। कोली के मालिक मनिंदर सिंह पंढेर को रिंपा हलदर मामले में मौत की सजा सुनाई गई थी लेकिन बाद में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उसे बरी कर दिया था। लेकिन 54 वर्षीय पंढेर पर अन्य मामलों में मुकदमे चल रहे हैं।

पीठ ने कहा कि हमारे विचार से यह मामला दुर्लभ से दुर्लभतम की श्रेणी में आता है और इस मामले में आरोपी के लिये दया की कोई गुंजाइश ही नहीं है। कोली के इकबालिया बयान पर अदालत ने कहा कि मजिस्ट्रेट के समक्ष स्वेच्छा से अपराध कबूला गया है और इसमें कोई कमी नहीं है। कोली ने अपने बयान में इस बात का जिक्र किया था कि वह किस तरह लड़कियों को बहलाता था और उन्हें बाद में मार देता था।

सबसे पहले गाजियाबाद की सीबीआई विशेष अदालत ने कोली को मौत की सजा सुनाई थी, जिसे हाई कोर्ट ने बरकरार रखा था और आज सुप्रीम कोर्ट ने भी अपनी मुहर लगा दी। पीठ ने 16 मामलों में से पहले में उसकी अपील को खारिज कर दिया। वहीं, शीर्ष अदालत ने पंढेर को बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ सीबीआई की अपील पर अपना फैसला लंबित रखा।

कोली को गाजियाबाद की अदालत ने 13 फरवरी 2009 को पंढेर के साथ मौत की सजा सुनाई थी। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 11 सितंबर 2009 को कोली की मौत की सजा को बरकरार रखा लेकिन पंढेर को आरोपमुक्त कर दिया। इसके बाद मृत रिंपा के पिता अनिल हलदर ने पंढेर को बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ चुनौती दी थी और उसे भी मौत की सजा दिए जाने की माग की थी।

अदालत ने कहा कि सीबीआई की अपील पर फैसला करने से पहले वह अन्य मामलों में नतीजों का इंतजार करेगी, जिनमें पंढेर अपने नौकर कोली के साथ आरोपी है।

Wednesday, February 9, 2011

आरुषि हत्याकांड: कोर्ट ने माता-पिता को आरोपी क़रार दिया


गाजियाबाद : देश भर में चर्चा का विषय बने आरुषि हत्याकांड में आख़िरकार अदालत ने अपना अंतिम निर्णय सुना ही दिया। इस मामले में अदालत ने आरुषि के माता-पिता राजेश तलवार और नुपुर तलवार को ही दोषी क़रार दिया है। गाजियाबाद में सीबीआई की विशेष अदालत ने सीबीआई द्वारा पेश की गई क्‍लोजर रिपोर्ट को खारिज करते हुए तलवार दंपति पर हत्‍या का मुकदमा चलाने को कहा। आरुषि के पिता राजेश तलवार ने सीबीआई की क्‍लोजर रिपोर्ट के खिलाफ अदालत में अपील दायर की थी। इसी अपील पर सुनवाई करते हुए अदालत ने यह फैसला सुनाया।

हत्या के अलावा अदालत ने तलवार दंपति को हत्या के सबूत नष्ट करने और आपराधिक साजिश का भी आरोपी माना है। दोनों को आईपीसी की धारा 302 (हत्‍या), 201 (सुबूत नष्‍ट करने) और १२०बी (अपराधिक साज़िश रचने) के तहत अभियुक्‍त बनाया गया है। कोर्ट ने राजेश तलवार और नुपुर तलवार को समन जारी करते हुए उन्हें 28 फरवरी को अदालत में पेश होने का आदेश दिया है।
ग़ौरतलब है कि सीबीआई ने कोर्ट में अपनी क्लोज़र रिपोर्ट पेश की थी। रिपोर्ट में सीबीआई ने ठोस सबूत ना मिल पाने के कारण कोर्ट से ’आरूषि हत्याकांड़ मामला’ बंद करने की अपील की थी। हालांकि अपनी क्लोज़र रिपोर्ट में सीबीआई ने तलवार दंपति को शक़ के घेरे में खड़ा करते हुए कहा था कि हत्‍या के वक्‍त घर पर तलवार दंपती के अलावा कोई नहीं था। इसलिए उनके अलावा किसी पर शक नहीं जाता है।
दूसरी ओर, तलवार के वकील का कहना है कि सीबीआई द्वारा की गई जांच में कई खामियां हैं। आज के अदालती आदेश पर तलवार की दूसरी वकील रेबेका जॉन ने कहा कि वह इस आदेश के खिलाफ ऊंची अदालत में अपील करेंगी। उन्‍होंने मीडिया को निशाना बनाते हुए कहा, 'आपने माहौल बना दिया और उसी के चलते यह हुआ है। देश में कानून का राज है। अदालत के फैसले को चुनौती देने का विकल्‍प खुला है।'

Tuesday, February 8, 2011

सीबीआई ने किया ’आरुषि हत्याकांड’ मामला बंद करने का अनुरोध

गाजियाबाद : देश भर में चर्चा का विषय बने ’आरुषि तलवार हत्याकांड’ में कोई भी निर्णायक ख़ुलासा ना हो पाने के कारण अब इस केस को बंद करने की मांग की गई है। इस मामले की जांच में जुटी एजेंसी केंद्रीय जांच ब्यूरो [सीबीआई] ने आज एक विशेष अदालत में अपील करते हुए कहा कि आरुषि तलवार हत्याकांड मामले में उसे कोई ठोस सबूत नहीं मिल पाया है, लिहाजा इस मामले को बंद करना ही एक मात्र विकल्प है।

सीबीआई के वकील आरके सैनी ने अदालत को जानकारी दी कि दीवार पर पाए गए हाथ और अंगुलियों के निशान को भी फोरेसिक प्रयोगशाला द्वारा सत्यापित नहीं किया जा सका है। सैनी ने कहा कि तलवार दंपति ने जांच में सीबीआई का सहयोग नहीं किया और सीबीआई कोई ठोस सबूत नहीं खोज पाई। इसलिए अब सीबीआई मामले को बंद करना चाहती है और वकील आरके सैनी ने अदालत से मामले की अंतिम रिपोर्ट स्वीकार करने का अनुरोध किया।

Friday, January 21, 2011

आरुषि केस : तलवार दंपत्ति अब भी संदेह के घेरे में

गाजियाबाद: बहुचर्चित आरूषि हत्याकांड मामले में सीबीआई अब भी तलवार दंपत्ति को क्लीन चिट देने के मूड में नहीं है। इस मामले में सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट पर आज सुनवाई की गई। गाजियाबाद में सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी ने दलील दी कि आरूषि हत्याकांड मामले में तलवार वादी नहीं, बल्कि संदिग्ध अभियुक्त है इसलिए उन्हें इस मामले से जुडे दस्तावेज नहीं दिए जा सकते। दरअसल आरुषि के पिता डा. राजेश तलवार ने सीबीआई की क्लोज़र रिपोर्ट की प्रति के लिये अपील की थी।

सीबीआई ने अपनी क्लोजर रिपोर्ट में आरूषि और हेमराज की हत्या के लिए आरूषि के पिता राजेश तलवार को ही मुख्य संदिग्ध आरोपी माना है लेकिन साथ ही ये भी कहा कि कोई ठोस सबूत नहीं होने से जांच किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकता।
सीबीआई ने हत्याकांड पर क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करते हुए आरूषि के पित राजेश तलवार को ही मुख्य संदिग्ध करार दिया है। लेकिन साथ ही अदालत से यह भी कहा कि सबूत नष्ट हो जाने के कारण वे तलवार पर चार्जशीट दायर नहीं कर सकती।

इससे पहले सात जनवरी को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सीबीआई को निर्देश दिया था कि वो राजेश तलवार को क्लोजर रिपोर्ट की कॉपी मुहैया कराए।

Tuesday, January 18, 2011

चलती कार में गैंगरेप, तीन गिरफ़्तार

गाजियाबाद : एनसीआर में एक बार फ़िर शर्मसार कर देने वाली घटना ने कानून-व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। गाजियाबाद के राजनगर इलाके में बीती रात इंटर की छात्रा के साथ सरेआम कार में गैंगरेप हुआ।

गाजियाबाद के राजनगर इलाके में इंटर की एक छात्रा को लिफ्ट देने के बहाने कार में बैठाने के बाद तीन युवकों ने उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया, और उसके बाद तीनों युवक छात्रा को मेरठ रोड पर छोड़कर फरार हो गए। बदहवास हालत में अपने घर पहुंची छात्रा ने इस बाबत परिजनों को बताया। इसके बाद पुलिस को मामले की जानकारी दी गई। पुलिस ने रविवार देर रात तीनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया। एक पुलिस अधिकारी ने बताय कि छात्रा ट्यूशन पढ़ने के लिए जा रही थी तभी उसके जानने वाले एक युवक मोनू ने कार में लिफ्ट देने की बात कही। मोनू के साथ दो और युवक कार में सवार थे। जब छात्रा ने कार में बैठने से इन्कार किया तो इन तीनों ने ज़बरदस्ती छात्रा को कार में खींच लिया और चलती कार में ही उसके साथ रेप किया।

घटना के वक़्त तीनों युवक नशे में थे।और ये तीनों भी इंटर के छात्र बताये जा रहे हैं।

Friday, October 1, 2010

दिल्ली-एनसीआर में बढ़े सीएनजी के दाम


इस महंगाई जमाने में जहां आए दिन चीज़ों का रेट बढ़ता रहता है जिसमें कभी पेट्रोल कभी ड़ीजल तो कभी रसोई गैस। इस बार बारी आयी है सीएनजी की|

जी हां अब दिल्ली-एनसीआर में रहने वालो को गाड़ी में सीएनजी भरवाने के लिए ज्यादा जेब ढ़ीली करनी होगी। दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी की खुदरा बिक्री करने वाली कंपनी इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड यानी आईजीएल ने दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में सीएनजी की कीमत में 25 पैसे से लेकर 40 पैसे प्रति किलो तक की बढ़ोतरी कर दी है।

शुक्रवार की आधी रात से ही लागू होने वाली सीएनजी की कीमत दिल्ली में 25 पैसे बढ़ाई गई है। इस बढ़ोतरी के बाद यहां आपको एक किलो सीएनजी के लिए 27.75 रुपये देने होंगे। तो वहीं नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में सीएनजी 40 पैसे बढकर 31 रुपये किलो हो गई।

Tuesday, September 28, 2010

निठारी कांड के दोषी सुरेंद्र कोली को फांसी

सीबीआई की विशेष अदालत ने आज नोएडा के चर्चित निठारी कांड के रचना हत्याकांड में अपना फ़ैसला सुना दिया है।
ग़ाज़ियाबाद की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने आज निठारी रचना लाल हत्याकांड मामले में दोषी सुरेंद्र कोली को फांसी की सजा सुनाई है। इससे पहले रिंपा हलधर और आरती हत्याकांड में फ़ैसला आ चुका है। रिंपा हलधर मामले में 13 फ़रवरी 2009 को आए फ़ैसले में मोनिंदर सिंह पंधेर और सुरेंद्र कोली को फांसी की सज़ा सुनाई गई थी और बाद में हाईकोर्ट ने पंधेर की सज़ा ख़त्म कर दी थी। वहीं दूसरे मामले में फ़ैसला सीबीआई के विशेष न्यायाधीश डा. एके सिंह की अदालत ने 4 मई 2010 को सुनाया था। इसमें पंधेर के नौकर सुरेंद्र कोली को मुख्य अभियुक्त बनाकर उसे फांसी की सज़ा सुनाई थी। रचना हत्याकांड ऐसा तीसरा मामला है, जिसमें आज फ़ैसला आया है।

Monday, July 12, 2010

गाज़ियाबाद में सुबह सुबह व्यापारी पर हमला

गाज़ियाबाद: साहिबाबाद के राजेन्द्र नगर के सेक्टर 3 इलाके में सुबह सवेरे व्यापारी को घर में घुस कर गोली मारी गई।
लूट के इरादे से आये बाइक सवार 3 बदमाशों ने लूट का विरोध करने पर व्यापारी रवि को गोली मार दी। व्यापारी को गम्भीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

न्यूज़लाइन ब्यूरो


Thursday, June 24, 2010

ऑनर किलिंग मामले में तीन लोग गिरफ्तार


ग़ाज़ियाबाद (उप्र):दिल्ली में रविवार को सिलसिलेवार तरीके से अपने तीन रिश्तेदारों की कथित तौर पर हत्या करने वाले तीनों युवकों को आज ग़ाज़ियाबाद के गढ़मुक्तेश्वर से गिरफ्तार कर लिया गया।
एसएसपी रघुवीर लाल के मुताबिक मनदीप नागर (23), अंकित चौधरी (22) और नकुल खारी (21) को दिल्ली से लगभग 90 किलोमीटर दूर गढ़मुक्तेश्वर से गिरफ्तार किया गया है तथा उनके पास से एक देशी पिस्तौल भी बरामद किया गया है। लाल ने बताया कि एक कार भी जब्त की गई है।
यह तीनों लोग अंकित की बहन मोनिका (24), उसके पति कुलदीप (26) की कथित तौर पर हत्या करने के बाद से फरार थे। अंतरजातीय शादी करने को लेकर इनकी हत्या की गई। इसके अलावा मनदीप की बहन शोभा (22) की भी इन तीनों ने कथित तौर पर हत्या कर दी थी। शोभा भी दूसरी जाति के एक व्यक्ति के साथ भाग गई थी। जैसा के पहले से क़यास लगाया जा रहा था पूरा मामला 'आनर किलिंग' से जुड़ा है।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) बृज लाल ने लखनऊ में बताया कि आरोपियों ने 20 जून को ही इन तीनों हत्याओं को अंजाम दिया था। उन्होंने बताया कि सबसे पहले उन्होंने शोभा की हत्या की। उन्होंने उसे उसकी कार में गोली मार दी। इसके बाद उन्होंने कुलदीप को मिलने के लिये बुलाया और उसकी भी हत्या कर दी। फिर, उसकी पत्नी मोनिका की उसके घर में हत्या कर दी।
लाल ने बताया कि युवकों ने कहा है कि गांव के लोग यह कह कर उनकी बेइज्जती करेंगे कि उनकी बहनों ने जाति के बाहर शादी की है और वे अपमान का सामना नहीं कर सकते।
हत्या को अंजाम देने के बाद यह तीनों लोग उत्तराखंड भाग गये थे और ऐसी खबरें थी कि वे देहरादून, ऋषिकेश और मसूरी में घूम रहे थे। लेकिन गुरुवार को एक गुप्त सूचना मिली कि वे लोग गढ़मुक्तेश्वर में हैं, जहां पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। लाल ने बताया कि उन्हें गाजियाबाद ले जा जाया जा रहा है और इस बारे में दिल्ली पुलिस को सूचना दे दी गई है। पुलिस ने इन तीनों को यहां मीडिया के सामने पेश किया।

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