
गाजियाबाद : देश भर में चर्चा का विषय बने आरुषि हत्याकांड में आख़िरकार अदालत ने अपना अंतिम निर्णय सुना ही दिया। इस मामले में अदालत ने आरुषि के माता-पिता राजेश तलवार और नुपुर तलवार को ही दोषी क़रार दिया है। गाजियाबाद में सीबीआई की विशेष अदालत ने सीबीआई द्वारा पेश की गई क्लोजर रिपोर्ट को खारिज करते हुए तलवार दंपति पर हत्या का मुकदमा चलाने को कहा। आरुषि के पिता राजेश तलवार ने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ अदालत में अपील दायर की थी। इसी अपील पर सुनवाई करते हुए अदालत ने यह फैसला सुनाया।
हत्या के अलावा अदालत ने तलवार दंपति को हत्या के सबूत नष्ट करने और आपराधिक साजिश का भी आरोपी माना है। दोनों को आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 201 (सुबूत नष्ट करने) और १२०बी (अपराधिक साज़िश रचने) के तहत अभियुक्त बनाया गया है। कोर्ट ने राजेश तलवार और नुपुर तलवार को समन जारी करते हुए उन्हें 28 फरवरी को अदालत में पेश होने का आदेश दिया है।
ग़ौरतलब है कि सीबीआई ने कोर्ट में अपनी क्लोज़र रिपोर्ट पेश की थी। रिपोर्ट में सीबीआई ने ठोस सबूत ना मिल पाने के कारण कोर्ट से ’आरूषि हत्याकांड़ मामला’ बंद करने की अपील की थी। हालांकि अपनी क्लोज़र रिपोर्ट में सीबीआई ने तलवार दंपति को शक़ के घेरे में खड़ा करते हुए कहा था कि हत्या के वक्त घर पर तलवार दंपती के अलावा कोई नहीं था। इसलिए उनके अलावा किसी पर शक नहीं जाता है।
दूसरी ओर, तलवार के वकील का कहना है कि सीबीआई द्वारा की गई जांच में कई खामियां हैं। आज के अदालती आदेश पर तलवार की दूसरी वकील रेबेका जॉन ने कहा कि वह इस आदेश के खिलाफ ऊंची अदालत में अपील करेंगी। उन्होंने मीडिया को निशाना बनाते हुए कहा, 'आपने माहौल बना दिया और उसी के चलते यह हुआ है। देश में कानून का राज है। अदालत के फैसले को चुनौती देने का विकल्प खुला है।'
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