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Saturday, February 12, 2011

रेमंड डेविस मामला: असमंजस में पाकिस्तानी सरकार


इस्लामाबाद : दो कथित पाकिस्तानी नागरिकों को मारने के इल्ज़ाम में अमेरिकी राजनयिक रेमंड डेविस को गिरफ़्तार करना पाकिस्तान सरकार केगाले की फांस बनता जा रहा है। अमेरिकी राजनयिक की गिरफ़्तारी पाकिस्तान के लिये वो हड्डी बन चुकी है जिसे निगलना भी बेहद ख़तरनाक है और उगलना भी| इधर अमेरिका द्वारा लगातार अपने राजनयिक की रिहाई के लियेपाकिस्तान पर दबाव बना रहा है तो दूसरी तरफ़ रेमंड की रिहाई के ख़िलाफ़ पूरेपाकिस्तान में आवाज़ें उठनी शुरू हो गई हैं। इस मामले में सरकार बुरी तरह से उलझ चुकी है। पाकिस्तान के एकअखबार के मुताबिक़ राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने विदेश मंत्रालय को साफ शब्दों में निस्देष दे दिया है किडेविस को वे सभी लाभ दिए जाएं, दो किसी राजनयिक को दिए जाते हैं। दूसरे अर्थों में सरकार अब उसे रिहा करनेकी तैयारी में है।

लेकिन वहीं, आतंकवादी और कट्टरपंथियों ने पूरे देश में डेविस की संभावित रिहाई के खिलाफ मुहिम छेड़ दी है।कुख्यात आतंकवादी और जमात-उद-दावा के प्रमुख हफीज मोहम्मद सईद ने कहा कि उपरवाले ने हमें किस्मत सेहमें यह मौका दिया है कि हम अमेरिका की गुलामी से मुक्ति पा लें। उन्होंने डेविस को छोड़ने पर पूरे देश में बगावतकरने की धमकी दी है।

ग़ौरतलब है कि डेविस ने 25 जनवरी को लाहौर के एक व्यावसायिक इलाके में दो युवाओं की गोली मारकर हत्याकर दी थी। इस घटना के बाद डेविस को 27 जनवरी को गिरफ्तार कर लिया गया था। हालांकि डेविस ने अपनेबचाव में कहा था कि वो दोनों युवक उसे लूटने की कोशिश कर रहे थे इसलिए यह हमला आत्मरक्षा में किया गयाथा। तीसरा पाकिस्तानी उस समय मारा गया, जब अमेरिकी दूतावास की कार डेविस की मदद के लिए तेजी से आरही थी। पुलिस ने डेविस के खिलाफ अवैध हथियार रखने का आरोप लगाया है। पाकिस्तान में अमेरिकी विरोधीभावनाएं काफी समय से व्याप्त हैं। रेमंड डेविस की गिरफ्तारी और उसके बाद अब अमेरिकी सरकार द्वारा बनाए जारहे दबाव से नाराज जनता अब सड़कों पर आ रही है।

पाकिस्तान के एक अखबार ने विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के हवाले से कहा है कि राष्ट्रपति ने यह भी कहा है किविदेश विभाग के अधिकारी तत्काल पिछली डेट में एक पत्र जारी करें, जिसमें रेमंड के पाकिस्तान में अमेरिकीदूतावास का सदस्य होने का जिक्र साफ तौर पर हो। लेकिन विदेश विभाग के प्रवक्ता अब्दुल बासित ने इस मुद्दे परकोई टिप्पणी नहीं की। राष्ट्रपति सचिवालय ने भी इसमें कोई बयान देने से इंकार कर दिया।

लेकिन यदि डेविस को रिहा किया गया तो पाकिस्तान नए संकट में फंस जाएगा। यहां आतंकवादियों ने साफतौरपर कहा है कि डेविस को रिहा किया गया तो इसके घातक परिणाम निकलेंगे। इसके अलावा पाकिस्तानी सरकारको अदालतों की नाराजगी भी सहन करनी होगी, जिसने स्पष्ट मत है कि डेविस को देश छोड़ने की इजाजत नहीं दीजा सकती। कोर्ट ने हाल ही में डेविस को 14 दिन की रिमांड पर भेज दिया है।

कट्टरपंथियों के आह्वान पर शुक्रवार को पूरे देश में विरोध दिवस मनाया गया। जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख सईदमुनव्वर हसन ने डेविस को रिहा करने के मुद्दे पर पूरे देश में विरोध प्रदर्शन करने का एलान किया था। राजधानीइस्लामाबाद के अलावा करीब करीब सभी प्रदेशों और बड़े नगरों में डेविस की संभावित रिहाई को लेकर बड़े बड़ेप्रदर्शन किये गए। इनमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। इन रैलियों को विभिन्न संगठनों के नेताओं नेसंबोधित किया।

जमात-उद-दावा के प्रमुख हफीज मोहम्मद सईद ने कहा कि पाकिस्तान के पास खुदा ने एक बेहतर मौका दिया हैजब वह अमेरिका से अपना पीछा छुड़ाए। संगठन के लाहौर स्थित मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करतेहुए सईद ने कहा कि अब सभी को एकजुट होकर अमेरिका का विरोध करना चाहिए। प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैय्यबा के संस्थापक सईद ने पाकिस्तानी सरकार को खुली धमकी दी है कि डेविस को किसी भी हाल मेंअमेरिका को नहीं सौंपा जाना चाहिए और यदि ऐसा हुआ तो जनता बगावत पर उतर आएगी।
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वर्ल्ड कप: बीसीसीआई ने किया खिलाड़ियो का बीमा


भारतीय क्रिकेट कंटोल बोर्ड ने 19 फरवरी से शुरू होने वाले वर्ल्ड कप के लिए बड़े पैमाने पर बीमे की व्यवस्था की है। खिलाड़ियो से लेकर मैच सेंटरों और स्टेडियम तक का इंश्योरेंस कराया गया है।

बीसीसीआई ने क्रिकेट टूर्नामेंट में खिलाड़ियों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर भारतीय खिलाड़ी का पांच-पांच लाख डॉलर (लगभग सवा दो करोड़ रुपए) का पर्सनल ऐक्सीडेंट इंश्योरेंस करवाया है। इतना ही नहीं इसके अलावा बीसीसीआई ने 130 करोड़ रुपए का एक और इंश्योरेंस करवाया है, जो उसे मैच न होने की दशा में घाटे से बचाएगा।

सरकारी बीमा कंपनी ओरियंटल इंश्योरेंस के मुताबिक हर खिलाड़ी को 2.3 करोड़ रुपए तक का बीमा लाभ मिलेगा। ग्रुप पर्सनल ऐक्सीडेंट पॉलिसी के तहत होने वाला यह बीमा 10 फरवरी से 9 अप्रैल तक चलेगा। खिलाड़ी के जख्मी होने पर भी उसे बीमे की रकम मिलेगी।

उसके अलावा ग्राउंड स्टाफ का भी बीमा किया गया है। मैच रद्द होने पर एक करोड़ रुपए की बीमा की रकम मिल जाएगी। खराब मौसम के कारण भी मैच रद्द होने पर भी बीमा की रकम मिलेगी। इसके अलावा आतंकवाद संबंधी घटनाओं पर भी बीमे की रकम मिलेगी।
गौरतलब है कि सेमी फाइनल, फाइनल और भारत से जुड़े मैचों के लिए ज्यादा बीमा की व्यवस्था की गई है।

बेनज़ीर हत्याकांड:मुशर्रफ़ के खिलाफ़ एनबीडब्ल्यू

पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। जनरल के खिलाफ़ बेनज़ीर भुट्टो हत्याकांड में गैर ज़मानती वारंट जारी कर दिये हैं।अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद आतंकवाद निरोधी अदालत ने पूर्व सेना प्रमुख और राष्ट्रपति रह चुके परवेज मुशर्रफ के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया. मुशर्रफ को 19 फरवरी को अदालत में हाजिर रहने का आदेश भी दिया गया है. पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी एफआईए ने अदालत के सामने विस्तृत चार्जशीट पेश की है. चार्जशीट में मुशर्रफ को बेनजीर हत्याकांड का आरोपी बनाया गया है.

एफआईए इसी हफ्ते मुशर्रफ का नाम फरार लोगों की सूची में डाल चुकी है. जांच एजेंसी के मुताबिक पूर्व राष्ट्रपति जांच में सहयोग भी नहीं कर रहे हैं. मुशर्रफ फिलहाल लंदन में हैं. वह खुद अपनी मर्जी से वहां रह रहे हैं. इन परिस्थितियों को देखते हुए एफआईए अब इंटरपोल की मदद से मुशर्रफ के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाने की तैयारी कर रहा है.

अधिकारियों के मुताबिक तहरीक ए तालिबान के प्रमुख बैतुल्लाह महसूद ने भुट्टो को मारने की योजना बनाई थी, जिसका पता तत्कालीन राष्ट्रपति मुशर्रफ को भी चल चुका था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने बेनजीर को पुख्ता सुरक्षा भी मुहैया नहीं कराई। हालांकि परवेज़ मुशर्रफ़ पिछले दो सालों से लंदन में रह रहे हैं।

गौरतलब है कि, बेनजीर भुट्टो की हत्या दिसंबर 2007 में उस समय हुई थी जब वह रावलपिंडी में एक रैली को संबोधित करने के बाद लौट रही थीं।

फिल्म में काम करना चाहती हैं ब्रिटनी



लॉस एंजिलिस: हाल ही में आए अपने एक गीत से काफी लोकप्रियता बटोरने के बाद पॉप मल्लिका ब्रिटनी स्पीयर्स ने कहा है, कि अब वह अभिनय की दुनिया में हाथ आजमायेंगी।


गायिका ब्रिटनी स्पीयर्स का कहना है कि वह निर्देशक टोड फिलिप्स या जुड एपटोव के साथ एक फिल्म में काम करना चाहती हैं। वर्ष 2002 में फिल्म क्रासरोड में काम कर चुकी पॉप गायिका ब्रिटनी दोनों फिल्म निर्माताओं की जर्बदस्त प्रशंसक हैं। ब्रिटनी ने ट्वीट में लिखा है कि अभिनय से मुझे प्यार है और मैं टोड फिलिप्स या जुड एपटोव की फिल्म में काम करना चाहती हूं।

गेम्स ओवरलेज घोटाला, कलमाड़ी का पीए गिरफ्तार




नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति के पूर्व अध्यक्ष सुरेश कलमाडी के विशेष कार्याधिकारी रहे शेखर देवरुखर को गेम्स ओवरलेज घोटाले के केस में पुणे से गिरफ्तार किया।

15 साल से भी ज्यादा समय से कलमाड़ी का पीए रहें शेखर को भारतीय दंड संहित की धारा 420 (धोखाधड़ी), 120 ब (आपराधिक साजिश रचने) के तहत कोठरुड क्षेत्र स्थित उसके आवास से गिरफ्तार किया। राष्ट्रमंडल खेलो के दौरान हुए घोटाले की जांच के मामले में सीबीआई ने शेखर को ट्रांजिट रिमांड के लिए पुणे स्थित एक अदालत में पेश किया गया। सीबीआई की उप महानिरीक्षक विनिता ठाकुर ने आईएएनएस के मुताबिक शनिवार को शेखर को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया जायेगा। इससे पहले 24 जनवरी को नए खेल मंत्री माकन ने सुरेश कलमाडी को आयोजन समिति के प्रमुख पद से हटा दिया था। यह कदम इसलिए उठाया गया था जिससे जांच स्वतंत्र और निष्पक्ष हो सके। सुरेश कलमाडी के साथ-साथ आयोजन समिति के महासचिव ललित भनोट को भी हटा दिया गया था।

गौरतलब है कि शेखर की गिरफ्तारी इस मामले में चौथी गिरफ्तारी है। इससे पहले टीएस दरबारी, एम जयचंद्रन और संजय महिंदूर को गिरफ्तार किया गया था लेकिन सीबीआई उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई थी, अब वे जमानत पर छूट चुके है|

मिस्र में "मुबारक" बदलाव



काहिरा: आखिरकार शुक्रवार को मिस्र के राष्ट्रपति होस्नी मुबारक ने घुटने टेकते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने के साथ ही मुबारक अपने पूरे परिवार के साथ काहिरा छोड़कर जा चुके हैं। इस तरह मिस्र में मुबारक का 30 साल के शासन का अंत हो गया।

मिस्र के उप राष्ट्रपति उमर सुलेमान ने पुष्टि की है कि मुबारक अब राष्ट्रपति नहीं हैं। उन्होंने सरकारी टेलीविज़न पर घोषणा की है कि फ़िलहाल चुनाव होने तक सरकार का संचालन मिलिट्री काउंसिल करेगी। मिस्र की बागडोर सेना के हाथों में आने के बाद जहाँ मिस्र के भीतर जश्न मनाया जाने लगा वहीं दुनिया के अनेक देशों ने मुबारक के इस्तीफ़े का स्वागत किया।

अमेरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि मुबारक का इस्तीफ़ा मिस्र में बदलाव का अंत नहीं बल्कि एक शुरुआत है। अब सेना को देश में आपातकाल ख़त्म कर स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने चाहिए।

उधर स्विट्जरलैंड सरकार ने मुबारक तथा उनके परिवार की सारी संपत्ति जब्त कर ली है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लार्स नूचेल के मुताबिक यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार मिस्र की किसी भी सरकारी संपत्ति की हेराफेरी का खतरा नहीं लेना चाहती। सरकार ने उनकी किसी भी संपत्ति खासकर रियल एस्टेट की बिक्री पर पाबंदी लगा दी है। गौरतलब है कि 2009 के अंत तक स्विस नेशनल बैंक में मिस्र का 3.6 अरब स्विस फ्रैंक्स (3.5 अरब डॉलर) जमा था।

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