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Friday, March 18, 2011

आज विकिरण पहुंच सकता है कैलीफोर्निया



बोस्टन: जापान के परमाणु उर्जा संयंत्रों से निकल रही रेडियोधर्मी सामग्री के आज कैलीफोर्निया तक पहुँचने की आशंका है, लेकिन विशेषज्ञों ने कहा है कि विकिरण ‘सुरक्षित सीमा’ के भीतर होगा और इससे कोई बड़ा खतरा नहीं है।

लॉस एंजिलिस टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक रेडियोधर्मी समस्थानिक (आइसोटोप) ‘प्रशांत महासागर पर वातावरण के काफी उपर’ उत्तर अमेरिका की ओर बढ़ रहे हैं। इतना ही नहीं आज रेडियोधर्मी सामग्री अमेरिका के पश्चिमी तट तक पहुँचने की शुरुआत हो सकती है हालाँकि जापान से दक्षिणी कैलीफोर्निया तक पाँच हजार मील की दूरी तय करने में इसे एक हफ्ते का समय और लग सकता है।

जहां अमेरिका का सेंसर नेटवर्क ‘रेडनेट’ जापान से अमेरिका के पश्चिमी तट की ओर आ रहे विकिरण के स्तर की निगरानी कर रहा है। वहीं पर्यावरण रक्षा एजेंसी द्वारा संचालित रेडनेट के तहत देशभर में 100 विकिरण मॉनिटर लगे हुए हैं।


Friday, March 11, 2011

जापान में सुनामी-भूकंप से तबाही, 32 मौतों की पुष्टि

जापान में ज़बर्दस्त भूकंप और सुनामी से जान-माल का भारी नुक़सान हुआ है। 8.9 की तीव्रता वाले जबरदस्त भूकंप और उससे प्रशांत तट पर उठी भयानक सूनामी लहरों से भारी तबाही हुई है। अभी तक इस त्रासदी में 32 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। सैक्ड़ों लोग अब भी लापता हैं, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। हालांकि राष्ट्रीय पुलिस एजेंसी देश भर में भूकंप से हुई तबाही के आंकड़े जुटा रही है|
रिक्टर पैमाने पर 8.9 की तीव्रता वाले भूकंप से 10 मीटर ऊंची सूनामी लहरें उठी जो अपने रास्ते में आई हर चीज को बहा कर ले गईं। यहां तक कि घर और कारें भी बह गए। भूकंप के कारण कई इमारतों में आग लग गई। टोक्यो में लगभग चालीस लाख घरों की बिजली गुल हो गई। शेनदाई शहर में एक होटल की छत ध्वस्त होने की खबर है जिसके नीचे कईं लोगों के दबे होने की आशंका है।

जापान के सरकारी मीडिया संस्थान एनएचके ने खबर दी है कि भूकंप से बहुत से लोग घायल हुए हैं और लोगों को ऊंची इमारतों और तटीय इलाकों में ना जाने को कहा गया है| जापान में आए शक्तिशाली भूंकप के बाद फिलीपींस, ताइवान और इंडोनेशिया में सूनामी चेतावनी जारी की गई है| शुक्रवार को आए भूकंप ने 2004 की सूनामी की याद दिला दी है जिसमें जानमाल की भयानक तबाही हुई थी|

प्रशांत सूनामी चेतावनी केंद्र ने पूरे प्रशांत क्षेत्र के अलावा कोलंबिया और पेरू जैसे दूरदराज के देशों के लिए भी सूनामी चेतावनी जारी की है. भूकंप का केंद्र राजधानी टोक्यो से 300 किलोमीटर दूर सेंदाई शहर में बताया जा रहा है। वहीं इस भयानक तबाही के बाद लोगों में दहशत का माहौल है।

Tuesday, November 2, 2010

अब खतरे से खाली नहीं, नोएडा की ऊंची इमारतों में रहना



नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट ने खुलासा किया है कि दिल्ली से सटे नोएडा में बन रही ऊंची- ऊंची इमारतों में रहना कितना खतरनाक हो सकता है। उन्होंने बताया कि नोएडा की एक तिहाई इमारतों को भूकंपरोधी नहीं बनाया गया है। इसका पता लगाने के लिए एक सर्वे कराया गया था। जिसमें सामने आया है कि अगर रिक्टर स्केल पर 7 से ज़्यादा का भूकंप आता है, तो नोएडा में जान माल का भारी खतरा हो सकता है।

नोएडा अथॉरिटी की ओर से कराई गई एक रिसर्च में पता लगा है कि यहां के 30 फीसदी मकान भूकंप के लिहाज से सुरक्षित नहीं है। आपको बता दें कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा को भूकंप के लिहाज से हाई रिस्क जोन में रखा गया है। बावजूद इसके बड़ी संख्या में बिल्डर भूकंप के खतरे के हिसाब से इमारतें तैयार नहीं कर रहे हैं। डिजास्टर मैनेजमेंट की जांच में यह भी साफ हुआ है कि अगर इन इलाकों में भूंकप आता है, तो जान माल का भारी नुकसान हो सकता है। नोएडा अथॉरिटी को खुद पता है कि बिल्डर कितनी बड़ी गड़बड़ी कर रहे हैं। इसके बाद भी अभी तक ऐसे बिल्डरों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसे में घर खरीदनेवालों को खुद ही इसकी पड़ताल करनी चाहिए कि बिल्डर ने भूकंपरोधी सर्टिफिकेट हासिल किया है या नहीं।

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