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Monday, January 24, 2011

कलमाड़ी पर गिरी गाज, खेल मंत्री ने किया बर्खास्त

नई दिल्ली : आखिरकार राष्ट्रमंडल खेलों में हुई गड़बड़ी पर आयोजन समिति के अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी को विदा होना पड़ा। कलमाड़ी के साथ-साथ आयोजन समिति के सचिव ललित भनोट को भी पद से हाथ धोना पड़ा है। देर से ही सही इसे केंद्र सरकार का एक बड़ा फैसला माना जा रहा है। केंद्रीय खेल मंत्री अजय माकन ने बताया कि कलमाड़ी, भनोट को इसलिये हटाया गया है ताकि जांच में कोई बाधा न पड़े।

माकन ने कहा है कि कलमाड़ी अपनी जिम्मेदारी करनैल सिंह को सौंपेंगे। कॉमनवेल्थ खेलों की आयोजन समिति पर बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और घपले-घोटाले के आरोप लगे थे। विभिन्न जांच एजेंसियां इस मामले में जांच कर रही हैं। सुरेश कलमाड़ी और उनके खास सहयोगी ललित भनोट पर कई गंभीर आरोप लगे हैं।

कुछ दिनों पहले ही भारत सरकार की कलमाड़ी के चलते उस समय फजीहत हो गई जब ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री केविन रड ने भारत के विदेश मंत्री एसएम कृष्णा के सामने कॉमनवेल्थ खेलों के उद्घाटन और समापन समारोह की तैयारियों में सेवाएं देने वाली ऑस्ट्रेलियाई कंपनियों को भुगतान न किए जाने का मसला उठाया। यह पहला मौका नहीं था जब कलमाड़ी के चलते देश को शर्मसार होना पड़ा है। कॉमनवेल्थ खेलों की तैयारियों में देरी, खेल गांव की खराब हालत को लेकर पूरी दुनिया में भारत की बदनामी हुई। हालांकि, सुरेश कलमाड़ी ने अपने और आयोजन समिति के सदस्यों पर लगे आरोपों से हमेशा इनकार किया है। बहरहाल, देर आयद दुरुस्त आयद की तर्ज़ पर केंद्र सरकार के इस फ़ैसले पर अब जांच में तेज़ी आने की उम्मीद है।

Saturday, October 23, 2010

हरियाणा सरकार नारंग को देगी 60 लाख रूपए

हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने शुक्रवार की घोषणा की है कि राष्ट्रमंडल खेलों चार स्वर्ण पदक जीतने वाले निशानेबाज गगन नारंग को हरियाणा सरकार की तरफ से 60 लाख रूपए का नगद पुरस्कार दिया जायेगा। हुड्डा ने कहा नारंग का संबंध हरियाणा से है और हमने राष्ट्रमंडल खेलों में जीतने वाले राज्य के हर खिलाडी को पुरस्कार देने की घोषणा की है। इस आधार पर नारंग भी पुरस्कार के हकदार हैं।

उन्होंने कहा कि निशानेबाज गगन नारंग मूल रूप से हरियाणा के निवासी हैं और यह पूरे प्रदेश की जनता के लिए गर्व की बात है। हरियाणा सरकार ने स्वर्ण पदक विजेताओं को 15 लाख रूपए देने की घोषणा की है।


Tuesday, October 19, 2010

सीडब्ल्यूजी घोटाले की जांच में छापामारी शुरु


नई दिल्ली : राष्ट्रमंडल खेलों से जु़डे भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर चल रही जांच ने अब तेज़ी पकड़ ली है। इसी क्रम में आयकर विभाग ने आज भारतीय जनता पार्टी के नेता सुधांशु मित्तल के आवास सहित दिल्ली में कुल 25 स्थानों पर छापे मारे।

आयकर विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मित्तल के दिल्ली स्थित आवास व कार्यालय पर की गई छापेमारी खेल उपकरणों की आपूर्ति से जु़डे अनुबंध के संदर्भ में की गई है।गौरतलब है कि भाजपा के दिवंगत नेता प्रमोद महाजन के साथ मित्तल की बहुत नज़दीकियां थी। राष्ट्रमंडल खेलों में कथित घोटाले को लेकर कांग्रेस को कटघरे में ख़डा करने की भाजपा की कोशिशों को यह तग़डा झटका है। राष्ट्रमंडल खेलों के खत्म होने के बाद सरकार की ओर से भ्रष्टाचार की जांच के लिए एक समिति का गठन किया था।

Thursday, October 14, 2010

19वें राष्ट्रमण्ड़ल खेलों का भव्य समापन, भारत दूसरे स्थान पर


नई दिल्ली: जवाहर लाल नेहरु स्टेड़ियम में 19वें राष्ट्रमण्ड़ल खेलों का आज भव्य समारोह के साथ समापन हो गया।

राष्ट्रमण्ड़ल खेलों में भारत ने 38 स्वर्ण, 27 रजत और 36 कांस्य पदकों के साथ कुल 101 पदक जीतकर पदकतालिका में दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि आस्ट्रेलिया ने 74 स्वर्ण, 55 रजत और 48 कांस्य पदकों के साथ कुल 177 पदक जीतकर पहला स्थान हांसिल किया। वहीं इंग्लैंण्ड़ 37 स्वर्ण, 59 रजत और 46 कांस्य कुल 142 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा।

यह पहला मौका है, जब भारत ने राष्ट्रमण्ड़ल खेलों की पदकतालिका में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। इससे पहले मैनचेस्टर में हुए राष्ट्रमण्ड़ल खेलों में भारत ने 30 स्वर्ण जीते थे। हांलाकि भारत को मुक्केबाजी में और अधिक स्वर्ण मिलने की उम्मीद थी लेकिन मुक्केबाजी में भारत को सिर्फ 3 स्वर्ण पदकों से संतोष करना पड़ा। इस बार निशानेबाजी, तीरंदाजी, एथलैटिक्स और हाकी ने भारत के लिये पदकों का खाता खोला। कुल मिलाकर यह खेल आयोजन भारत के लिये मेजबान होने के नाते काफी अच्छा रहा। चीन में होने वाले एशियन गेम्स के लिये भारत को एक बड़ी खेल शक्ति के रुप में देखा जा रहा है

हाकी में गोल्ड का सपना टूटा, फ़ाइनल में भारत की करारी हार


नई दिल्ली : पिछले दो मैचों में ज़बर्दस्त खेल का प्रदर्शन करने वाली भारतीय हॉकी टीम फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से बुरी तरह हार गई एकतरफा मुकाबले में 0-8 से शर्मनाक पराजय का सामना करने के बाद भारत को राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा।वैसे राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में पुरुष हॉकी स्पर्धा में भारत का यह पहला पदक है। इन खेलों में 1998 में हॉकी को शामिल किए जाने के बाद भारत चौथे स्थान पर रहा, जबकि मैनचेस्टर (2002) में उसने स्पर्धा में हिस्सा नहीं लिया और मेलबर्न (2006) में पांचवें स्थान पर रहा था।दूसरी ओर ऑस्ट्रेलियाई टीम ने राष्ट्रमंडल खेलों में लगातार चौथा स्वर्ण पदक जीतकर विश्व हॉकी में अपनी बादशाहत पर फिर मुहर लगा दी। एक ही साल में विश्व कप, चैंपियंस ट्रॉफी और राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली वह पहली टीम बन गई है।ऑस्ट्रेलिया के लिए जॉसन नीलसन (17वां और 28वां मिनट), क्रिस सिरियेलो (20वां), ल्यूक डोरनर (34वां और 51वां मिनट), साइमन ओर्चार्ड (60वां) और जैमी ड्वायेर (67वां मिनट) और ग्लेन टर्नर (70वां) ने गोल किए।पहले ही मिनट से आक्रामक खेल दिखाने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम ने भारतीय गोल पर लगातार हमले बोले। वहीं प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत कई विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी में खेल रही भारतीय टीम वह जोश, जुनून और आक्रामकता नहीं दिखा सकी, जो उसने पाकिस्तान और इंग्लैंड के खिलाफ दिखाई थी।

Friday, October 8, 2010

भारत को महिला तीरंदाजों ने दिलाया 15वां स्वर्ण पदक

नई दिल्ली: राष्ट्रमंडल खेलों की महिला तीरंदाजी टीम ने भारत को 15वां स्वर्ण पदक दिला दिया है। डोला बैनर्जी, दीपिका कुमारी और बोम्बयाला देवी लैशराम की तिकड़ी ने इंग्लैंड को 207-206 के स्कोर से रिकर्व श्रेणी में मात दी।

इससे पहले भारत की महिला तीरंदाजी टीम ने 19वें राष्ट्रमंडल खेलों के कम्पाउंड मुकाबलों में कांस्य पदक जीता था। यह पहला मौका है जब भारत को तीरंदाजी में स्वर्ण पदक मिला है।

महिला रिकर्व टीम ने इससे पहले सुबह हुए सेमीफाइनल में मलेशिया को एकतरफा मुकाबले में 213-185 से रौंद दिया था। दूसरे सेमीफाइनल में इंग्लैंड ने कनाडा की कड़ी चुनौती पर 208-200 अंकों से काबू पा लिया। सेमीफाइनल में मिली शानदार जीत से उत्साहित होते हुए भारतीय तिकड़ी ने इंग्लैंड की कड़ी चुनौती पर एक अंक के मामूली अंतर से काबू पा लिया।

भारत और इंग्लैंड की तीरंदाज़ों के बीच सांसों को रोक देने वाला रोमांचक मुकाबला हुआ। तीरंदाज़ी स्टेडियम भारतीय महिला तीरंदाज़ों के स्वर्ण पदक की पहले से ही उम्मीद होने के कारण खचाखच भरा हुआ था।


ऑस्ट्रेलियाई धावक से स्वर्ण छिना, नाइजीरिया की ओसायेमी विजेता घोषित


इंग्लैंड के विरोध पर ऑस्ट्रेलियाई धावक सैली पियरसन से उनका स्वर्ण पदक छीन लिया गया है। पियरसन ने विवादास्पद दौड़ 11.28 सेकेंड में पूरी की जो राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में तीसरा सबसे कम समय का रिकार्ड है। लेकिन ज्यूरी की जांच के बाद उन्हें दोषी पाया गया और विजेता का खिताब छीन लिया गया।

इंग्लैंड के मुताबिक ऑस्ट्रेलियाई धावक सैली पियरसन ने 100 मीटर स्पर्धा में गलत तरीके से शुरुआत की थी। इंग्लैंड की धावक लारा टर्नर को अधिकारियों ने गलत शुरुआत के लिए लाल कार्ड दिखा दिया लेकिन पियरसन ने भी गलत शुरुआत की थी और उन्हें निराशा में अपना हाथ चेहरे पर रखते हुए देखा गया।

टरनर और पियरसन में टरनर अंतिम आईं और बाद में आधिकारिक रूप से उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया। बाद में इंग्लैंड ने आधिकारिक रूप से शिकायत दर्ज कराई और अपीली ज्यूरी ने यह फैसला देने में तीन घंटे से ज्यादा समय लिया कि पियरसन ने भी गलत तरीके से शुरूआत की। उनसे पदक छिन लिया गया और नाइजीरिया की ओसायेमी ओलुडामोला को विजेता घोषित किया गया जिन्होंने 11.32 सेकेंड का समय लिया था। सेंट विसेंट की नताशा मेयर्स को रजत पदक और इंग्लैंड की कैथरीन एंडाकोट को कांस्य पदक हासिल हुआ।

Thursday, October 7, 2010

क़ॉमनवेल्थ खेलों ने बदली आम लोगों की ज़िन्दगी

नई दिल्ली: कॉमनवेल्थ खेलों के चलते सरकार ने दिल्ली को ही नहीं बल्कि कई लोगों की जिन्दगी को भी बदल दिया है। रेलवे स्टेशन पर धड़ाधड़ अंग्रेजी बोल रहे कुलियों को अच्छी मेहमानवाजी के लिए अंग्रेजी सिखाने के इंतजाम सरकार की ओर से किए गए हैं। जिसके चलते मोहम्मद अंसार के लिये विदेशी मेहमानों से बात करना आसान हो गया है।

आप जानकर हैरान होंगे कि अंसार ने महज़ चौथी क्लास तक पढ़ाई की है। लेकिन कॉमनवेल्थ गेम्स का ऐसा रंग चढ़ा कि पहले उसने रेलवे की तरफ से चलाई जाने वाली तीन दिन की इंगलिश की क्लास अटेंड की और इतने से मन नहीं माना तो अपने बेटे से ही पढ़ना शुरू कर दिया। अंसार जैसे तमाम कुलियों को विदेशी मेहमानों से बिना किसी झिझक के बात करते देखा जा सकता है। वैसे नॉदर्न रेलवे ने दो हजार कुलियों को इंगलिश की बेसिक जानकारी दी है। जिससे विदेशी मेहमानों के सामने रेलवे की अच्छी इमेज बने।

खेल के बहाने ही सही रेलवे की इस छोटी सी पहल ने कुलियों को नई सोच और नई दिशा दी है।

खेलगांव के टॉयलेट कंडोम से अटे


नई दिल्ली : कॉमनवेल्थ गेम्स में खिलाड़ियों के लिये बने खेलगांव के टॉयलेट्स में भारी मात्रा में कंडोम मिल रहे हैं परेशानी की बात यह है कि इनसे टॉयलेट ब्लॉक हो रहे हैं। अक्षरधाम के पास बने खेलगांव में विभिन्न देशों से आए खिलाड़ी बड़ी तादाद में कंडोम इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं, राष्ट्रमंडल खेल महासंघ यानि सीजीएफ़ के प्रमुख माइक फेनेल का इस पर कहना है कि खिलाड़ी सुरक्षित सेक्स को बढावा दे रहे हैं।
खेलगांव के टॉयलेट कंडोम के कारण अवरूद्ध होने के बारे में पूछने पर सीजीएफ अध्यक्ष ने कहा, 'यदि ऐसा हो रहा है तो इससे साबित होता है कि कंडोम का इस्तेमाल हो रहा है और यह सकारात्मक बात है।'
उन्होंने कहा, 'कुछ साल पहले यह मसला विवादास्पद था, लेकिन अब नहीं। सुरक्षित सेक्स को बढ़ावा देना अच्छी बात है।'
बार्सिलोना में 1992 के बाद से हर खेलगांव में कंडोम मुफ्त बांटे जाते हैं, ताकि एड्स के प्रति जागरूकता फैलाई जा सके।गौरतलब है कि पेइचिंग ओलिंपिक में भी एक लाख कंडोम बांटे गए थे।

कॉमनवेल्थ गेम्स-२०१०: निशानेबाज़ों का स्वर्णिम अभियान जारी


नई दिल्ली : कॉमनवेल्थ गेम्स के चौथे दिन भी भारतीय शूटर्स का स्वर्णिम अभियान जारी रहा। शूटरों ने चौथे दिन भारत के लिए 2 गोल्ड मेडल जीते। भारत के निशानेबाज ओंकार सिंह और गुरप्रीत सिंह ने 10 मीटर एयर पिस्टल पेयर्स स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता। इसके पहले विजय कुमार और गुरप्रीत सिंह की जोड़ी ने 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल इवेंट में देश के लिए 12वां गोल्ड मेडल जीता।
शूटिंग इवेंट के तीसरे दिन भारत के गोल्ड मेडल अभियान की शुरूआत विजय और गुरप्रीत की जोड़ी ने 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल में स्वर्ण पदक के साथ की। इन दोनों ने दिन के पहले फाइनल में 1162 पॉइंट के नए कॉमनवेल्थ रेकॉर्ड के साथ भारत को निशानेबाजी में छठा पदक दिलाया। इस जोड़ी ने विजय कुमार और पेम्बा तेमांग के मेलबर्न में 2006 में बनाए 1134 पॉइंट के रेकॉर्ड को काफी पीछे छोड़ा। इस इवेंट का सिल्वर मेडल मलेशिया के हासली इजवान आमिर हसन और हाफिज आदजा (1144 अंक) को मिला, जबकि बुस क्विक और डेविड चेपमैन (1125 अंक) की ऑस्ट्रेलियाई जोड़ी को ब्रॉन्ज से संतोष करना पड़ा।
इसके बाद ओंकार सिंह और गुरप्रीत सिंह ने 10 मीटर एयर पिस्टल पेयर्स स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता।

Wednesday, October 6, 2010

भारतीय शूटरों का गोल्ड मेडल पर निशाना

नई दिल्ली: शूटिंग प्रतियोगिता में भारत की सफलता का सिलसिला जारी है। गगन नारंग द्वारा 10 मीटर एयर राइफल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने के बाद महिला वर्ग में अनीसा सईद ने भी 25 मीटर एयर पिस्टल में गोल्ड मेडल जीत लिया। इस प्रतियोगिता में भारत की ही राही सरनोबत ने रजत पदक जीता।

इससे पहले सुबह नारंग ने 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में गोल्ड मेडल हासिल करते हुए अपने ही वर्ल्ड रिकॉर्ड की एक बार फिर बराबरी कर ली। इसी इवेंट में ओलिंपिक चैंपियन अभिनव बिंद्रा को सिल्वर मेडल मिला।

उधर, शूटिंग के डबल ट्रैप पेयर इवेंट में रजन सोढ़ी और अशेर नोरिया ने सिल्वर मेडल जीता। वह गोल्ड मेड़ल जीतने वाले इंग्लैंड के शूटर से बस 1 पॉइंट पीछे रह गए। इन पदकों के साथ ही भारत ने आज फिर दो स्वर्ण और तीन रजत पदकों पर अपना कब्जा जमा लिया है।

Tuesday, October 5, 2010

भारत के पहले 2 स्वर्ण पदक निशानेबाजी के नाम

नई दिल्ली:राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के निशानेबाजों अभिनव बिंद्रा और गगन नारंग की जो़डी ने आज 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में भारत को स्वर्ण दिलाया। वहीं दूसरी ओर निशानेबाजी में महिलाओं ने भी एक स्वर्ण पदक हासिल किया।
दिल्ली में तीन अक्टूबर से शुरू हुए इन खेलों में भारत के लिए यह पहला स्वर्ण पदक रहा। बिंद्रा और नारंग ने 1,193 अंक हासिल करके चार साल पहले मेलबर्न में बनाए अपने रिकार्ड़ को तो़ड़ दिया। भारत के इन दोनों स्टार निशानेबाजों ने मेलबर्न में 1,189 अंक हासिल किए थे। इंग्लैंड के जेम्स हकल और केनी पार ने 10 मीटर एयर राइफल मुकाबले में 1,174 अंकों के साथ रजत पदक जीता। वहीं बांग्लादेश के अब्दुल्ल हेल बाकी और मोहम्मद आसिफ हुसैन ने 1,173 अंको के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। जीत के बाद ओलम्पिक चैम्पियन बिंद्रा ने कहा, कि बीजिंग ओलम्पिक में स्वर्ण पदक जीतने के बाद यह मेरा दूसरा सबसे खुशी का पल है। देश के लिए पदक जीतना हमेशा खास मौका होता है।
उधर, महिलाओं की 25 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में भारत की महिला निशानेबाजों अनीशा सईद और राही सरनोबत ने स्वर्ण पदक जीता। इसके साथ ही भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या दो हो गई। गौरतलब है कि सोमवार को भारत को भारोत्तोलन में दो रजत और दो कांस्य मिले थे।

Monday, October 4, 2010

कॉमनवेल्थ खेलों का भव्य आग़ाज़, विश्व में जमीं भारत की धाक


लंदन/मेलबोर्न: आखिरकार 19वें कॉमनवेल्थ गेम्स के भव्य आयोजन ने सभी शंकाओं को गलत साबित करते हुए दुनिया का दिल जीत लिया है। ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन के अखबारों में कॉमनवेल्थ के लिए की गई तारीफे इस बात का प्रमाण है कि भारत ने इतनी मुसीबतों के बाद भी अपनी तैयारी का लोहा मनवाया है।
ब्रिटेन के एक अखबार ‘द डेली टेलीग्राफ’ में लिखा है कि समारोह में कहीं कोई कमी नहीं। कलाकारों में समन्वय, कोरियोग्राफी, साउंड सिस्टम सब कुछ बेदाग रहा। तैयारियों के दौरान भले ही कुछ कमी रह गई हो, लेकिन भारत ने दिखाया कि इतने बड़े आयोजन का आग़ाज़ कैसे किया जाता है।
वहीं ऑस्ट्रेलिया के एक अखबार ने लिखा है कि उद्घाटन समारोह में भारत अपना सर्वश्रेष्ठ व सक्षम स्वरूप लेकर प्रकट हुआ। इस शानदार आयोजन में सांस्कृतिक विरासत से लेकर तकनीकी कौशल तक सब झलक रहा था। इसमें वह सब कुछ था, जिसका आयोजकों ने दावा किया था।
वहीं एनआरआई उद्योगपति स्वराज पाल का कहना है कि इस भव्य उद्घाटन समारोह ने भारत का मान बढ़ाया है। उधर, ब्रिटिश अखबार ‘द गार्जियन’ ने उद्घाटन समारोह की जमकर तारीफ की है।

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