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Wednesday, July 14, 2010

मुंबई में गैस रिसने से 3 की मौत, दर्जनों बीमार।


मुंबई के शिवड़ी में बॉम्बे पोर्ट ट्रस्ट के एक गोदाम में रखे सिलेंडरों से क्लोरीन गैस के रिसने से 3 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा और 60 लोग बीमार पड़ गए हैं। सूत्रों के मुताबिक ये सिलेंडर नीलामी के लिए रखे गए थे। घायलों में से छह लोगों की हालत गंभीर है। उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया है। इस प्लांट के पास ही लाल बहादुर शास्त्री कॉलेज का हॉस्टल है जिसमें रहने वाले 25 छात्र भी गैस की चपेट में आए हैं। लाल बहादुर शास्त्री कॉलेज और पास के मैरीटाइम इंस्टीट्यूट को भी खाली करा लिया गया है। ये भी दिल्ली में हुए रेडियो एक्टिव विकीरण में हुई लापरवाही के जैसा ही मामला है , बताया जा रहा है कि जिन सिलेंडरों से गैस लीक हुई थी, वे निष्क्रिय थे, और नीलामी के लिये रखे हुए थे।

Tuesday, June 15, 2010

भोपाल गैस सिलसिले में अर्जुन सिंह के खिलाफ़ मुकदमा दर्ज़!


भोपाल: भोपाल की एक स्थानीय अदालत ने मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के खिलाफ वारेन एंडरसन को गलत तरीके से देश से जाने देने के आरोप में आपराधिक केस दर्ज कर लिया है। वहीं तत्कालीन जिला कलेक्टर मोती सिंह एवं पुलिस अधीक्षक स्वराज पुरी के खिलाफ भी एंडरसन को सुरक्षित रूप से देश से बाहर जाने देने के आरोप में अलग से एक मुकदमा दायर किया गया है। अर्जुन सिंह के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आर जी सिंह के कोर्ट में दायर याचिका में वकील फुरकान खान ने अदालत से श्री सिंह के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की अपील की, कोर्ट ने इस मामले में बहस के लिए 29 जून की तिथि निर्धारित की है। दूसरा मुकदमा गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन के कन्वीनर अब्दुल जब्बर के द्वारा दायर किया गया है जिसमें तत्कालीन जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की अपील की गयी है। इसपर बहस के लिए कोर्ट ने 24 जून की तिथि निर्धारित की है.

Friday, June 11, 2010

सही वक्त आने पर खोलूंगा जुबान : अर्जुन सिंह

विपक्षी पार्टियों से लेकर अपनी पार्टी के नेताओं का निशाना बन रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अर्जुन सिंह ने कहा कि मीडिया में उनकी भूमिका पर आ रही खबरें गलत हैं और वक्त पर आने वह इसका जवाब देंगे।
एक पत्रकार से बातचीत में उन्होंने कहा कि भोपाल गैस कांड के बारे में आ रही खबरें सही नहीं हैं। गौरतलब है कि यूनियन कार्बाइड के पूर्व प्रमुख वॉरेन एंडरसन को देश से भगाने में मदद करने को लेकर तत्कालीन मध्य प्रदेश सरकार की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
पूर्व सांसद और पत्रकार संतोष भारतीय के अनुसार, अर्जुन ने कहा कि वह भोपाल गैस कांड के 3 दिन बाद राज्य सरकार द्वारा एंडरसन को भोपाल से निकालकर भागने में मदद करने में अपनी कथित भूमिका से जुड़ी रपटों से परेशान हैं |
उन्होंने साफ़ तौर पर कहा कहा कि उन्होंने उन हालात में सर्वश्रेष्ठ तरीके से अपनी भूमिका निभाई थी। अर्जुन सिंह ने सही वक्त आने पर इस मामले पर बोल कर अपना पक्श रखने की बात कही |

पूर्व आईजी के खिलाफ केस दर्ज कराने वाली महिला हुई गायब


चंडीगढ़। हरियाणा के पूर्व आईजी महेंद्रसिंह अहलावत के जुल्मों के खिलाफ आठ साल से ल़डाई ल़ड रही अरविंदर कौर पुलिस सुरक्षा के बीच अचानक से लापता हो गई है।
हाल ही में उस महिला की शिकायत पर अहलावत के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। अरविंदर के परिजनों ने आरोप लगाया है कि है कि उसे साज़िश के तहत लापता कर दिया गया है। हालांकि हरियाणा पुलिस ने अरविंदर कौर की सुरक्षा में तीन सुरक्षाकर्मी तैनात किए हुए थे। यमुना नगर निवासी अरविंदर कौर ने आठ साल तक अपने ऊपर हुए यौन उत्पी़डन के जुल्म के आरोपी को सजा दिलवाने के लिए एडी चोटी एक कर दी। अरविंदर कौर को आंशिक सफलता उस समय मिली जब पूर्व आईजी महेंद्रसिंह अहलावत के खिलाफ छे़डछ़ाड और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज किया गया। मगर अरविंदर के सुरक्षा व्यवस्था के बीच से अचानक गायब हो जाने से पुलिस सुरक्षा पर कई सवालिया निशान लगा दिये हैं | इस घटना ने एक बार फिर " ख़ाकी " को " दाग़दार " कर दिया है |

Wednesday, June 9, 2010

मुख्य सचिव के इशारे पर छोडा गया था एंडरसन को

न्यूज़लाईन डेस्क

भोपाल। वारेन एंडरसन को बचाने में मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्य सचिव ब्रह्मस्वरूप का नाम सामने आया है। भोपाल के तत्कालीन डीएम मोती सिंह ने ये सनसनीखेज खुलासा किया। मोती सिंह का कहना है कि उस वक्त मध्य प्रदेश में अर्जुन सिंह सरकार के मुख्य सचिव ब्रह्मस्वरूप ने उन्हें वारेन एंडरसन को छोड़ने के निर्देश दिये थे। हालांकि ब्रह्मस्वरूप अब इस दुनिया में नहीं है, मोती सिंह के मुताबिक 7 दिसंबर 1984 को उन्हें जानकारी मिली की एंडरसन, केशव महेंद्र और विजय गोखले भोपाल आ रहे हैं। इस जानकारी के बाद इन सब लोगों को एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया और श्यामला हिल्स ले जाकर कंपनी के गेस्ट हाउस में अलग-अलग कमरों में बंद कर दिया गया। लेकिन इन लोगों की गिरफ्तारी के कुछ देर बाद ही उन्हें और एसपी को मुख्य सचिव ब्रह्मस्वरूप ने बुलाया। जहां उनसे कहा गया कि एंडरसन को छोड़ना है और दिल्ली भी पहुंचाना है।बहरहाल इस सनसनीखेज़ खुलासे के बाद एक बात पूरी तरह साफ़ हो गई है कि तत्कालीन राज्य सरकार ने यूनियन कार्बाइड के आला अधिकारियों को बचाने मे कितनी तेज़ी दिखाई थी।

न्यूज़लाईन डेस्क

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