Thursday, June 24, 2010

जसवंत सिंह की 'घर वापसी'


नई दिल्ली:जसवंत सिंह 10 महीने के वनवास के बाद आज पार्टी में लौट आए हैं।पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के सामने उन्होंने भाजपा में वापसी की। मोहम्मद अली जिन्ना पर किताब लिखने की वजह से जसवंत सिंह को बीजेपी से निकाल दिया गया था।पार्टी मुख्यालय में वरिष्ठ नेता नेता लालकृष्ण आडवाणी और लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज की उपस्थिति में भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने जसवंत सिंह की पार्टी में वापसी की घोषणा की।
जसवंत सिंह ने बार बार कहा था कि वह बीजेपी से दूर रह कर अच्छा नहीं महसूस कर रहे हैं। उन्होंने हाल ही में कहा था कि बीजेपी तो उनके खून में है। इसके बाद पार्टी ने 72 साल के इस वरिष्ठ नेता को एक बार फिर पार्टी में लौटाने का फैसला किया था।
जसवंत सिंह के घर वापसी के कार्यक्रम में बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी, लालकृष्ण आडवाणी, सुषमा स्वराज सहित बीजेपी के कई बड़े नेता और कार्यकर्ता शामिल थे। जिस जसवंत सिंह को कुछ महीने पहले पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था, आज बकायदा ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया गया।
बीजेपी सूत्रों ने बताया था कि जसवंत सिंह बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं लालकृष्ण आडवाणी और पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी के सामने बीजेपी में लौट रहे हैं। जसवंत सिंह पिछले कुछ दिनों से आडवाणी के संपर्क में थे।तभी से ऐसे क़यास लगाये जा रहे थे कि जसवंत सिंह की बीजेपी में वापसी हो जायेगी।
पिछले साल जसवंत सिंह उस वक्त विवादों में घिर गए थे,जब उन्होंने पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना पर किताब लिखी थी। उनके किताब कि विमोचन के वक्त पार्टी के ज्यादातर नेता दूर रहे थे इसके बाद अगस्त, 2009 में शिमला में हुई बीजेपी की बैठक के दौरान जसवंत सिंह को पार्टी से निकाल दिया गया था।
जसवंत सिंह ने इसके बाद से खुल कर पार्टी की अंदरूनी बातें मीडिया के सामने बताईं। यहां तक कि उन्होंने कहा था कि कंधार विमान अपहरण कांड के दौरान उस वक्त के उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को हालात की पूरी जानकारी थी और जिन संदिग्ध आतंकवादियों को भारत ने रिहा किया था, उस बारे में भी आडवाणी जानते थे।बहरहाल जसवंत सिंह की वापसी को बीजेपी एक अच्छा संकेत मान रही है

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