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Wednesday, March 9, 2011

तिहाड़ जेल:46 कैदियों में से 14 को जॉब प्लेसमेंट


नई दिल्ली: निजी कंपनियों और गैर सरकारी संगठनों की ओर से तिहाड़ जेल के 14 कैदियों को नौकरियों की पेशकश की गई है।

सजा के दौरान पेशेवर प्रशिक्षण हांसिल करने वाले इन कैदियों को नौकरी की पेशकश कैम्पस प्लेसमेंट के जरिए की गई है। जेल प्रशासन ने पिछले दिनों अच्छे बर्ताव, शैक्षिक योग्यता और सजा समाप्त होने की अवधि को ध्यान में रखते हुए जिन 43 कैदियों के नामों की छँटनी की थी जिनमें से 14 कैदियों को अब तक नौकरियों के पत्र मिल गये हैं।

गृह राज्य मंत्री गुरुदास कामत ने लोकसभा को लिखित जवाब में कहा है कि अन्य कैदियों के बारे में कंपनियाँ जेल प्रशासन को आने वाले समय में सूचित करेंगी।

कैम्पस प्लेसमेंट के जरिए इन कैदियों को चुनने वाली कंपनियों और एनजीओ में अग्रवाल पैकर्स एंड मूवर्स, प्रेडे सिक्योरिटी, एएसपी सीलिंग प्राडक्टस लिमिटेड, वेदांत फाउण्डेशन, क्रिएटिव इनोवेशन, गुड हाउस कीपिंग, जेआरए एंड एसोसिएटस, दिव्य ज्योति जागृति संस्थान, रिलेक्सो फुटवियर लिमिटेड शामिल हैं।

Wednesday, February 16, 2011

अब तिहाड़ जेल में होगी औषधीय पौधों की खेती


नई दिल्ली : अब प्रदेश सरकार ने तिहाड़ जेल में बंद कैदियों को एक अनोखा काम सौंपने की योजना बनाई है। तिहाड़ में बंद ये क़ैदी अब आयुर्वेदिक उत्पाद तैयार करेंगे, साथ ही इन उत्पादों को कैदियों के उपचार के लिये भी इस्तेमाल किया जाएगा। गुणों के विवरण के साथ इन्हें आकर्षक पैकिंग में बाजार में भी उतारा जाएगा। उम्मीद है कि जेल प्रशासन की इस महत्वाकांक्षी योजना पर सप्ताह भर में ही काम प्रारंभ हो जाएगा, लेकिन इसके अपेक्षित परिणाम सामने आने में करीब एक साल का समय लगेगा।

जानकारी के मुताबिक आगामी सप्ताह से तिहाड़ की जेल नं. 1, 3, 5, 6, 7 में औषधीय पौधे रोपे जाएंगे। इनमें चंदन, रूद्राक्ष, अमलतास, जटामासी, आंवला, बेलगिरि, बेलपत्र, सीता अशोक, भृंगराज, कपूर, सफेद मूसली, मुश्क दाना, हार- श्रृंगार, हरड़, बहेड़ा, गिलोय, लेमन तुलसी, लेमन ग्रास, अर्जुन की छाल एवं गुड़मार इत्यादि प्रमुख रूप से शामिल हैं। इस्के लिये जिम्मेदार व पर्यावरण प्रेमी कैदियों का एक विशेष समूह बनाकर उनको इन सभी पौधों की देखरेख का कां सौंपा जाएगा।

ये एक अहम योजना है, जिसे जेल प्रशासन एवं दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में शुरू किया जाएगा। इसके बारे में संस्थान के मीडिया प्रमुख स्वामी विशालानंद ने जानकारी दी कि बहुत से पौधे साल भर के भीतर अपने गुणों का लाभ देने के लिए तैयार हो जाएंगे तो कुछ पौधों को दो से तीन साल का वक्त लगेगा। इनसे प्राप्त होने वाली जड़ी बूटियों, पत्तों, फलों और छाल आदि के प्रयोग से विभिन्न रोगों का उपचार किया जा सकेगा। मसलन, अमलतास के पत्ते कब्ज में, गुडमार के पत्ते मधुमेह में, गिलोय प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, हरड़ बहेड़ा पेट संबंधी रोगों तो आंवला ’विटामिन सी’ की कमी से होने वाले रोगों के उपचार में काफी मददगार साबित होता है।

तिहाड़ के महानिदेशक नीरज कुमार के मुताबिक हालांकि बाजार में उक्त आयुर्वेदिक उत्पाद इस समय भी उपलब्ध हैं लेकिन उन्हें पूरी तरह से प्रामाणिक और मिलावट रहित नहीं कहा जा सकता है। जबकि तिहाड़ के सभी उत्पाद पूर्णतया शुद्ध एवं प्रामाणिक होते हैं।

Friday, January 14, 2011

मिर्चपुर कांड के आरोपी गए तिहाड़ जेल


हरियाणा के बहुचर्चित मिर्चपुर काण्ड के 97 आरोपियों को शुक्रवार को छह दिनों की न्यायिक हिरासत में दिल्ली के तिहाड़ जेल में भेज दिया। शुक्रवार को इन्हें दिल्ली के रोहिणी कोर्ट में पेश किया गया था। कोर्ट के आदेश के बाद इन आरोपियों को तीन बसों में भरकर तिहाड़ जेल भेज दिया गया। न्यायालय की कार्यवाही के दौरान कोर्ट के बाहर हिसार पुलिस और दिल्ली पुलिस के जवान पूरी मुस्तैदी से तैनात दिखाई दिए। अब इस मामले में सभी आरोपियों को इसी महीने की बीस तारीख़ को फिर से पेश होने के लिए कहा गया है।

ग़ौरतलब है कि पिछले साल 21 अप्रैल को हरियाणा के हिसार जिले के मिर्चपुर गांव में समाज के कुछ रसूखदार लोगों की भीड़ ने दलितों के घरों में आग लगाने की घटना ने पूरे देश में तूफ़ान खड़ा कर दिया था। मिर्चपुर के मामले में गवाहों ने हरियाणा में कोर्ट में चल रही सुनवाई से संतुष्ट न होने पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की अपील की थी। इन गवाहों का कहना था कि हिसार की कोर्ट वहां के प्रशासन और सरकार के दबाव में काम कर रही है और उन्हें वहां से न्याय मिलने की आशा नहीं है।

इसी सिलसिले में दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में मिर्चपुर काण्ड की सुनवाई हो रही है। हालांकि आरोपी पक्ष के परिजनों ने इस मामले में सज़ा सुनाने के बाद आरोपियों को हरियाणा की जेल में रखे जाने की अर्ज़ी दी थी, जिसे कोर्ट ने ठुकरा दिया और सभी को दिल्ली की तिहाड़ जेल भेज दिया।

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