Showing posts with label 12-03-2011. Show all posts
Showing posts with label 12-03-2011. Show all posts

Saturday, March 12, 2011

वर्ल्ड कप: अच्छी शुरूआत के बाद ढ़ह गई टीम इंडिया


नागपुर : वर्ल्ड कप 2011 के ’ग्रुप बी’ के मैच में टीम इंडिया टास जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 296 रनों पर सिमट गई। सचिन-सहवाग की सलामी जोड़ी ने टीम को तेज़ शुरूआत दी। इन दोनों ने पहले विकेट के लिये 17.4 गेंदों में 142 रन जोड़े। दोनों ने अफ़्रीक़ी गेंदबाज़ों की जमकर ख़बर ली। सहवाग ने अपने विस्फोटक अंदाज़ में खेलते हुए पिछले 4 मैचों की तरह इस मैच में भी अपना खाता चौके से खोला। जबकि उम्मीद के मुताबिक़, सहवाग ज़्यादा लंबी पारी नहीं खेल सके और 66 गेंदों में 73 रन पर प्लेसिस की गेंद पर बोल्ड हो गए। सहवाग ने अपनी पारी में 12 चौके लगाए।

सचिन ने अपने वनडे करियर का 48वां और विश्व कप का 6ठा शतक लगाया। फिर दूसरे विकेट के लिये सचिन ने गौतम गंभीर के साथ मिलकर 125 रनों की साझेदारी निभाई। आज, सचिन भी बेहद विस्फोटक अंदाज़ में नज़र आए सचिन ने 101 गेंदों में 111 रनों की पारी खेली जिसमें 8 शानदार चौके और 3 छक्के शामिल हैं। गंभीर ने भी सचिन का बख़ूबी साथ निभाया। इस साझेदारी के दौरान ऐसा लग रहा था कि भारत, बांग्लादेश के ख़िलाफ़ बनाए गए अपने पिछले स्कोर 370 को पार कर लेगा। लेकिन इस साझेदारी के टूटते ही भारत के विकेटों की झड़ी लग गई। टीम इंडिया पूरे 50 ओवर भी नहीं खेल पाई और 48.4 ओवरों में आल आउट हो गई।

सचिन के बाद गंभीर भी ज़्यादा देर नहीं टिक सके और अगले ही ओवर में स्टेन की गेंद पर कैलिस को कैच थमा बैठे। गंभीर ने 7 चौकों की मदद से 75 गेंदों में 69 रनों की पारी खेली। अफ़्रीक़ी गेंदबाज़ों नें शानदार वापसी करते हुए बड़े स्कोर की ओर बढ़ रही टीम इंडिया को ढ़ेर कर दिया। डेल स्टेन ने अपने दूसरे स्पेल में टीम इंडिया की बल्लेबाज़ी की कमर तोड़ कर रख दी। टीम इंडिया ने अपने आख़िरी 9 विकेट महज़ 30 रनों में खो दिये। चौथे नंबर पर बल्लेबाज़ी करने आए यूसुफ़ पठान अपना खाता भी नहीं खोल सके और स्टेन का शिकार बने। फिर युवराज सिंह 1 छक्का लगाकर 9 गेंदों में 12 रन बनाकर कैलिस की गेंद पर कैच आउट हो गए।

विराट कोहली भी केवल 1 रन बनाकर चलते बने। और हरभजन सिंह 3 रन बनाकर स्टेन का शिकार बने। जबकि कप्तान महेंद्र सिंह धोनी एक छोर पर खेड़े रह गए और सारे बल्लेबाज़ आउट हो गए। धोनी ने नाबाद 12 रन बनाए। आख़िर में बल्लेबाज़ी करने आए भारत के तीनों तेज़ गेंदबाज़ अपना खाता भी नहीं खोल सके।

दक्षिण अफ़्रीक़ा की ओर से स्टेन सबसे घातक गेंदबाज़ साबित हुए जिनहोंने 50 रन देकर 5 भारतीय खिलाड़ियों को आउट किया। आर पीटरसन ने 52 रन देकर 2 विकेट लिये। जबकि मोर्कल, कैलिस और प्लेसिस को 1-1 विकेट मिला। वर्ल्ड कप की मज़बूत दावेदार मानी जा रही टीम इंडिया के बल्लेबाज़ों ने आज अपने समर्थकों को ख़ासा निराश किया है।

बेलगांव जाकर ऐश्वर्या ने शिवसेना को दिखाया ठेंगा


मुंबई : अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन, शिवसेना की धमकी की परवाह किये बिना बेलगाम जा पहुंची हैं। ऐश्वर्या ने शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे की चेतावनी को दरकिनार करते हुए शुक्रवार को बेलगांव में शुरू हुए तीन दिवसीय विश्व कन्नड़ सम्मेलन में शिरकत की। महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद के कारण शिवसेना ने उन्हें इस सम्मेलन में नहीं जाने की चेतावनी दी थी।

इस आयोजन के लिए कर्नाटक सरकार द्वारा करीब 3 करोड़ रुपए खर्च करने की योजना है। तीन दिवसीय विश्व कन्नड़ सम्मेलन में करीब 4 हजार प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है।

शिवसेना का कहना है कि बेलगांव में विश्व कन्नड़ सम्मेलन के आयोजन के नाम पर मराठी भाषियों का दमन किया जा रहा है। वहां रहने वाले मराठियों की दुकानें जबरन बंद कराई जा रही हैं।

जिन लोगों ने दुकान का साइन बोर्ड मराठी में लगाया है, उसे तोड़ने की भी कुछ घटनाएं सामने आई हैं। यही कारण है कि शिवसेना चाहती थी कि अभिनेत्री ऐश्वर्या मराठी भाषियों का पक्ष लेते हुए सम्मेलन का बहिष्कार करें।

जापान: 1,000 के पार पहुंची मरने वालों की संख्या


टोक्यो : शुक्रवार को आए भूकंप और सुनामी से मरने वालों की संख्या में काफ़ी तेज़ी से इज़ाफ़ा हो रहा है। जापान सरकार के मुख्य कैबिनेट सचिव यूकियो इदानो ने जानकारी दी कि उत्तर पूर्वी जापान में आए 8.9 तीव्रता के भूकम्प और इसके बाद समुद्र में उठी भयावह सुनामी लहरों से मरने वालों की संख्या 1,000 से ज्यादा हो सकती है। विभिन्न सूचनाओं के मुताबिक करीब 1,000 लोग लापता हैं और कई लोग घायल हुए हैं।

बचावकर्मी ढह गई इमारतों में जिंदा बचे लोगों को तलाशने का प्रयास कर रहे हैं। जापान के सेल्फ डिफेंस फोर्सेज (एसडीएफ) के जवान बचाव कार्य में लगे है और राहत कार्य के लिए अन्य दल भेजे जा रहे हैं। सरकार द्वारा बचाव कार्य के लिये 20,000 जवान, 190 विमान और 25 पोत तैनात किए गए हैं। एसडीएफ अमेरिकी सैन्य स्टेशन की मदद से 600 जापानी सैनिकों को अमेरिकी जहाजों से 250 वाहनों के परिवहन के लिए काम कर रहा है। हजारों घर गिर गए है कई पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं और बस एवं रेल सेवाएं बंद कर दी गई हैं। कई स़डकें बंद हैं और दूरसंचार सेवाएं ठप्प हो चुकी हैं।

टोक्यो के शहर नियोजन विशेषज्ञ मिनरोउ वेटेनावे ने कहा कि उत्तरी जापान में हुई तबाही सुमात्रा में दिसम्बर 2004 में हुई तबाही जैसी ही है। फुकुशिमा के मियामी सोमा में 1,800 घर तबाह हुए हैं और मदद केवल हेलीकॉप्टरों के जरिए ही पहुंच रही है।

फुकुशिमा परमाणु संयंत्र में हुआ धमाका, चार लोग घायल


टोक्यो : कल सुनामी और भूकंप के रूप में टूटे क़ुदरत के क़हर ने जापान को तहस नहस कर कर दिया है। इस तबाही के कारण प्रभावित हुई चीज़ें भी अब नुक़सान के रूप में उभर कर सामने आनी शुरू हो गई हैं। अब ताज़ा घटना में भूकंप प्रभावित फुकुशिमा परमाणु संयंत्र में आज विस्फोट होने से चार लोग घायल हो गए। भूकंप और सुनामी से जूझ रहे जापान के समक्ष एक बहुत बड़ा संकट सामने आ गया है।

उत्तरी जापान में भूकंप से हुई तबाही के बाद फुकुशिमा दायची परमाणु संयंत्र में परमाणु विकिरण सामान्य से 1,000 गुना ज्यादा दर्ज किया गया है। कूलिंग सिस्टम खराब होने के बाद संयंत्र से रिसाव शुरू हो गया है।

हालांकि इसकी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है। खराबी के बाद सरकार ने पहली बार किसी परमाणु संयंत्र पर आपातकाल लगाया है। जापान के प्रधानमंत्री ने फुकुशिमा प्लाट का दौरा किया है और वे परमाणु विशेषज्ञों के साथ हालात पर खुद नजर रख रहे हैं। इस बात की आशका व्यक्त की जा रही है कि अत्यधिक गर्म हो रहे संयंत्र में भारी दबाव की वजह से रेडियोधर्मी विकिरण बाहर फैल रहा है। भूकंप के कारण संयंत्र को मिलने वाली बिजली और जल आपूर्ति बाधित हो गई है जिससे संयंत्र को ठंडा करने के उपकरण बंद हो गए हैं।

जापान के प्रधानमंत्री नाओतो कान ने संयंत्र के आसपास के खाली कराए जाने वाले इलाके का दायरा बढ़ाकर 10 किलोमीटर करने की घोषणा भी कर दी है। भूकंप के बाद प्रशासन ने संयंत्र के आस-पास के दो किलोमीटर के दायरे को खाली कराने की घोषणा की थी। अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा है कि अमेरिकी वायुसेना ने जापान के संकटग्रस्त परमाणु संयंत्र के लिए शीत उपकरण भेजे हैं। नाओतो ने हेलीकाप्टर से आपदाग्रस्त इलाके का दौरा किया।

अपने परमाणु संयंत्रों से रिसाव रोकने की कोशिश के तहत जापान ने आज पाचों परमाणु संयंत्रों पर आपातकाल लगा दिया और आसपास से हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है। इस बीच जापान ने भूकंप से तबाह हुए उत्तरपूर्वी हिस्से में जोरदार राहत अभियान शुरू किया है।

फुकूशिमा इलाके में परमाणु ऊर्जा संयंत्र के नियंत्रण कक्ष में रेडियोधर्मी विकिरण में अचानक सामान्य से एक हजार गुणा ज्यादा इजाफे का पता चला। अधिकारियों का कहना है कि दरवाजे के बाहर यह मात्रा सामान्य से केवल आठ गुणा ज्यादा है और उससे फिलहाल स्वास्थ्य को कोई खतरा नहीं है। जापान की परमाणु सुरक्षा एजेंसी का कहना है कि फुकुशिमा दायिचि परमाणु संयंत्र के छह में से एक 'बायलर' में प्रेशर सामान्य से 1.5 प्रतिशत बढ़ गया है। परमाणु एवं औद्योगिक सुरक्षा एजेंसी ने कहा है कि उसने परमाणु इकाई का संचालन करने वाली बिजली कंपनी को आदेश जारी किया है कि संयंत्र के कंटेनर से दाब घटाने के लिए वाल्व को खोल दिया जाए।

दारिया एनकाउंटर: चार पुलिसकर्मी सीबीआई की गिरफ़्त में


जयपुर : देश के चर्चित दारासिंह उर्फ दारिया एनकाउंटर में सीबीआई ने राजस्थान पुलिस के आरोपी पुलिसकर्मियों पर अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मानसरोवर में 23 अक्टूबर 2006 को हुए दारिया एनकाउंटर की जांच में जुटी सीबीआई ने इस एनकाउंटर को फर्जी क़रार दिया है। इस फर्जी एनकाउंटर में एसओजी के तत्कालीन एडीजी ए.के जैन, एसपी ए. पोन्नूचामी, एएसपी अरशद अली, इंस्पेक्टर राजेश चौधरी समेत 14 पुलिसकर्मी आरोपी है। एनकाउंटर टीम में शामिल राजस्थान पुलिस के दो इंस्पेक्टर, एक उपनिरीक्षक और एक एएसआई को सीबीआई ने शुक्रवार शाम को गिरफ्तार कर लिया है।

इस मामले में खास बात यह है कि इस एनकाउंटर को लेकर एक पूर्व मंत्री भी शक के घेरे में हैं और सीबीआई उनसे पूछताछ भी कर चुकी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 9 अप्रेल 2010 से इस केस की जांच कर रही सीबीआई टीम, गिरफ्तारी के बाद चारों आरोपियों को अशोक नगर थाने के समीप स्थित सीबीआई के स्थानीय ऑफिस में ले गई। शनिवार को आरोपियों को स्टेशन रोड के समीप स्थित सीबीआई कोर्ट में पेश किया जाएगा।

शेष आरोपियों की तलाश में देर रात तक दबिश दी जा रही थी। कार्रवाई में मदद के लिए जिला पुलिस लाईन से सीबीआई ने 20 पुलिसकर्मी मांगे थे। सीबीआई के एसपी आर. एस पूनिया के नेतृत्व में दिल्ली से आई टीम 9 मार्च से ही जयपुर में डेरा डाले हुए है। चारों आरोपियों को गुरुवार को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था, लेकिन रात को छोड़ दिया था। सीबीआई सूत्रों ने बताया कि दारासिंह को मानसरोवर में ले जाकर 23 अक्टूबर 2006 की सुबह गोली मारने वाली एसओजी टीम में शामिल इंस्पेक्टर नरेश शर्मा, निसार खान, एसआई सत्यनारायण गोदारा, एएसआई सुरेंद्र सिंह चौधरी आदि को गिरफ्तार किया गया है।

दारिया की पत्नी सुशीला की शिकायत में राज्य पुलिस ने कोई एफआईआर दर्ज नहीं की थी। बाद में सुशीला ने सीबीआई जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई थी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी दारिया एनकाउंटर की सीबीआई जांच कराने की मांग को लेकर केंद्र सरकार को पत्र लिखे थे। बाद में सुशीला की याचिका पर 9 अप्रेल 2010 को सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को दारिया एनकाउंटर की जांच सौंपी थी।

दारिया एनकाउंटर के नामजद आरोपियों में एडीजी ए.के जैन, आईपीएस ए. पोन्नूचामी, एएसपी अरशद अली, इंस्पेक्टर राजेश चौधरी, जुल्फिकार, नरेश शर्मा, सुभाष गोदारा, एसआई सत्यनारायण गोदारा, एएसआई अरविंद भारद्वाज, सुरेंद्र सिंह चौधरी, हैड कांस्टेबल बद्रीप्रसाद, कांस्टेबल जगराम एवं ड्राइवर सरदार सिंह आदि के खिलाफ दारिया की पत्नी सुशीला ने साजिश रचकर हत्या करने का आरोप लगाया था।

एक बात और, इस मामले में पुलिस की गतिविधि को शक़ के घेरे में ला देती है। दारिया का एनकाउंटर करने से पांच दिन पहले एडीजी ए.के जैन ने रातों-रात 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। दारिया के खिलाफ 21 गंभीर मुकदमें होना बताए थे। जांच में पता चला कि उनमें से 11 मुकदमों दारिया बरी हो चुका था, और बाक़ी के 9 मामले अदालत में विचाराधीन थे। एक भी मुकदमा हत्या का नहीं था। दारिया को किसी कोर्ट से सजा भी नहीं हुई थी। दारिया के खिलाफ 29 जनवरी 2005 को अंतिम मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद कोई मुकदमा दर्ज हीं नहीं हुआ था।

जांच में ये पता चला था कि स्थानीय एसपी और आईजी की ओर से इनाम घोषित नहीं किया था। इसके बावजूद नियमों के विपरीत एडीजी ए. के जैन ने पहली बार में ही दारिया पर 25 हजार का इनाम घोषित कर दिया। दारिया पर दर्ज सारे मुकदमें शराब तस्करी एवं चुनावी रंजिश को लेकर थे। दारिया मुकदमों की पेशी पर नहीं जा रहा था। क्योंकि पिछली बार जब वो कोर्ट में पेश होकर जेल गया था, तो जेल में मारपीट हुई थी। इसकी रिपोर्ट पर आरोपियों को सजा हुई थी।

जाटों ने दी दिल्ली का पानी रोकने की चेतावनी


हिसार/लखनऊ : जाटों द्वारा आरक्षण की मांग को लेकर चालाया गया ये आंदोलन दिन ब दिन उग्र होता जा रहा है। कई दिनों से अपनी आरक्षण की मांग को लेकर हरियाणा और उत्तर प्रदेश में कई जगह रेलवे ट्रैक पर धरना दे रहे जाटों ने केंद्र सरकार द्वारा कोई ख़ास तवज्जो ना मिल पाने के कारण अब दिल्ली की पानी सप्लाई रोकने की चेतावनी दे डाली है। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष हवा सिंह सांगवान ने हिसार के मय्यड़ गांव में रेलवे ट्रैक पर धरने के दौरान कहा कि ट्रैक जाम करने के बाद भी आरक्षण की मांग पूरी नहीं हुई तो हरियाणा और उत्तरप्रदेश से दिल्ली में होने वाली पानी सप्लाई बंद कर दी जाएगी।

जाट समुदाय के लोग एक बार पहले भी ऐसा कर चुके हैं। इसके बाद पानीपत और मथुरा रिफाइनरी से होने वाली गैस व तेल सप्लाई को रोक दिया जाएगा। उधर रोहतक जिले के जाट समुदाय के लोग शनिवार से दिल्ली में जंतर मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे। आरक्षण समिति के मुताबिक धरना का नेतृत्व राष्ट्रीय महासचिव रामकरण हुड्डा और रोहतक के जिला उपप्रधान धर्मपाल हुड्डा करेंगे।

एक ओर तो आरक्षण के मामले में जाट समुदाय को उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती का समर्थन प्राप्त हो चुका है। तो दूसरी ओर जाट आरक्षण को लेकर आंदोलन कर रही अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति को एक गांव में रेल ट्रैक जाम करने को लेकर अपने ही लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा।

बहादुरगढ़ में जब आंदोलनकारी रेल रोको अभियान के तहत बहादुरगढ़ के असौदा स्टेशन पहुंचे तो असौदा के सरपंच ने रेल ट्रैक जाम करने से मना करते हुए स्पष्ट कर दिया कि उनको गांव के कुछ राजनीतिक दल के लोग अपने निजी स्वार्थ के चलते जाम, धरने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। गांव दलाल बारह के निर्णय के बगैर इस प्रकार का कोई कदम नहीं उठाएंगे, जिससे कि आम लोगों के लिए परेशानी पैदा हो।

गुस्साए ग्रामीणों ने घर फूंका, ज़िंदा जलकर 10 की मौत


लखनऊ : उत्तर प्रदेश के महाराजगंज में कुछ ग्रामीणों ने एक ख़ौफ़नाक वारदात को अंजाम दिया। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान की हत्या का बदला आरोपियों के घरवालों को ज़िंदा जलाकर लिया। प्रधान की हत्या की सज़ा आरोपियों के घरवालों को ज़िंदा जलकर भुगतनी पड़ी। उन लोगों ने भागने की कोशिश भी की लेकिन जल्लाद बन चुके ग्रामीणों ने उन्हें वापस आग में धकेल दिया। ग्राम प्रधान की हत्या से गुस्साए प्रधान समर्थकों ने आरोपियों के घरों में आग लगा दी, जिसमें पांच बच्चों सहित 10 व्यक्तियों की जिंदा जल कर मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम और तनाव का माहौल है और वहां बड़े पैमाने पर सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है। मृतकों की संख्या में इजाफा हो सकता है।

महाराजगंज जिले के डिगही गांव के ग्रामीणों के मुताबिक़, गांव के अयोध्या दुबे, दशरथ दुबे, कृष्ण मुरारी और एक अन्य ने रंजिश के चलते ग्राम प्रधान दीनानाथ सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना से ग्रामीण काफी नाराज हुए। उन्होंने एकजुट होकर चारों आरोपियों के घरों पर हमला कर आग लगा दी। भीड़ ने उनके वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया। इन मकानों में पांच बच्चे, दो महिलाएं और तीन पुरुष थे। इन लोगों ने आग लगने के बाद भागने की कोशिश की, लेकिन भीड़ ने उन्हें वापस आग में धकेल दिया। सूचना मिलने पर पुलिस गांव में पहुंची, लेकिन तब तक उनकी मौत हो गई थी।

गांव के प्रधान दीनानाथ का गांव के ही कुछ लोगों से लंबे समय से करीब 10 एकड़ जमीन को लेकर जमीनी विवाद चल रहा था। गुरुवार को भी इनमें विवाद हुआ था, जिसमें आपसी सुलह हो गई थी। लेकिन दूसरे दिन दीनानाथ सिंह पर घात लगाकर हमला किया गया, जिससे उनकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। ग्रामीणों ने प्रधान की मौत का बदला उनके परिवार वालों से लिया।

ADS

चिट्ठाजगत तुरंत छापो

चिट्ठाजगत

The Alex hotel New York