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Tuesday, April 12, 2011

भूकंप से फ़िर थर्राया जापान


टोक्यो : ठीक एक महीने बाद जापान में सोमवार को दोबारा भूकंप के झटके मह्सूस किये गये । उत्तर पूर्व में आए इस भूकंप की तीव्रता 7.1 दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र राजधानी टोक्यो से 164 किलोमीटर दूर विकिरण प्रभावित फुकुशिमा प्रांत था। झटके के कारण टोक्यो शहर लगभग एक मिनट तक हिलता रहा।

11 मार्च को भूकंप और सुनामी से आई भीषण तबाही के बाद एक बार फ़िर एक महीने के बाद भूकंप के झटकों से जापान दहल उठा। भूकंप के बाद जापान के मौसम विभाग ने मियागी, फुकुशिमा, चीबा और इब्राकी में दो मीटर ऊंची सुनामी आने की चेतावनी जारी की। बृहस्पतिवार को ऐसे ही एक भूकंप में चार लोगों की जान गई थी।

सोमवार को आए भूकंप में पावर सप्लाई में बाधा पड़ने से लाखों घरों की बिजली जाने के साथ फुकुशिमा स्थित परमाणु संयंत्र के रिएक्टर नंबर एक, दो और तीन की कूलिंग प्रणाली भी प्रभावित हुई, जिससे विकिरण का खतरा फिर से बढ़ गया।

खतरे के कारण जापानी सरकार ने संयंत्र के आस पास का वह दायरा बढ़ा दिया है, जहां से लोगों को हटना होगा। संयंत्र का संचालन करने वाली टोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी [टेपको] ने भी अपने कर्मचारियों को फिलहाल रिएक्टरों से हटा लिया है।

जापान के मुख्य केंद्रीय सचिव युकियो इदानो ने कहा कि बृहस्पतिवार और सोमवार को आए भूकंप के कारण नए निर्देश जारी किए गए हैं। गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बीमार लोगों को संयंत्र से 20 से 30 किलोमीटर की दूरी पर रहने को कहा गया है।

भूकंप के ताज़ा झटकों ने एक बार फ़िर फ़ुकुशिमा परमाणु संयंत्र के लिये ख़तरा पैदा कर दिया है, जिससे विकिरण के और बढ़ने की आशंका है।

Tuesday, March 15, 2011

फुकुशिमा संयंत्र के ऊपर विमान उड़ानों पर लगी पाबंदी


टोक्यो : फुकुशिमा संयंत्र से निकलने वाले विकिरण के खतरों को देखते हुए जापान ने संयंत्र के ऊपर से विमानों की उड़ानों पर पाबंदी लगा दी है। जापान ने मंगलवार को फुकुशिमा संयंत्र के 30 किलोमीटर के दायरे में विमानों के उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिया है। जबकि राहत एवं बचाव कार्य में लगे विमानों और हेलीकाप्टरों को इससे अलग रखा गया है। इससे व्यावसायिक विमानों की उड़ान पर कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ने की बात कही जा रही है।

पिछले सप्ताह शुक्रवार को पूर्वोत्तर जापान में भूकंप और सुनामी की भीषण तबाही में हजारों लोग मारे जा चुके है। इस तबाही के बाद से ही जापान गहरे संकट से गुज़र रहा है। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर नौ मापी गई थी। इस विनाशकारी विपदा के बाद फुकुशिमा संयंत्र में विस्फोट हो गया, जिससे रेडियोधर्मी विकिरण निकल रहे है।

Saturday, March 12, 2011

फुकुशिमा परमाणु संयंत्र में हुआ धमाका, चार लोग घायल


टोक्यो : कल सुनामी और भूकंप के रूप में टूटे क़ुदरत के क़हर ने जापान को तहस नहस कर कर दिया है। इस तबाही के कारण प्रभावित हुई चीज़ें भी अब नुक़सान के रूप में उभर कर सामने आनी शुरू हो गई हैं। अब ताज़ा घटना में भूकंप प्रभावित फुकुशिमा परमाणु संयंत्र में आज विस्फोट होने से चार लोग घायल हो गए। भूकंप और सुनामी से जूझ रहे जापान के समक्ष एक बहुत बड़ा संकट सामने आ गया है।

उत्तरी जापान में भूकंप से हुई तबाही के बाद फुकुशिमा दायची परमाणु संयंत्र में परमाणु विकिरण सामान्य से 1,000 गुना ज्यादा दर्ज किया गया है। कूलिंग सिस्टम खराब होने के बाद संयंत्र से रिसाव शुरू हो गया है।

हालांकि इसकी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है। खराबी के बाद सरकार ने पहली बार किसी परमाणु संयंत्र पर आपातकाल लगाया है। जापान के प्रधानमंत्री ने फुकुशिमा प्लाट का दौरा किया है और वे परमाणु विशेषज्ञों के साथ हालात पर खुद नजर रख रहे हैं। इस बात की आशका व्यक्त की जा रही है कि अत्यधिक गर्म हो रहे संयंत्र में भारी दबाव की वजह से रेडियोधर्मी विकिरण बाहर फैल रहा है। भूकंप के कारण संयंत्र को मिलने वाली बिजली और जल आपूर्ति बाधित हो गई है जिससे संयंत्र को ठंडा करने के उपकरण बंद हो गए हैं।

जापान के प्रधानमंत्री नाओतो कान ने संयंत्र के आसपास के खाली कराए जाने वाले इलाके का दायरा बढ़ाकर 10 किलोमीटर करने की घोषणा भी कर दी है। भूकंप के बाद प्रशासन ने संयंत्र के आस-पास के दो किलोमीटर के दायरे को खाली कराने की घोषणा की थी। अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा है कि अमेरिकी वायुसेना ने जापान के संकटग्रस्त परमाणु संयंत्र के लिए शीत उपकरण भेजे हैं। नाओतो ने हेलीकाप्टर से आपदाग्रस्त इलाके का दौरा किया।

अपने परमाणु संयंत्रों से रिसाव रोकने की कोशिश के तहत जापान ने आज पाचों परमाणु संयंत्रों पर आपातकाल लगा दिया और आसपास से हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है। इस बीच जापान ने भूकंप से तबाह हुए उत्तरपूर्वी हिस्से में जोरदार राहत अभियान शुरू किया है।

फुकूशिमा इलाके में परमाणु ऊर्जा संयंत्र के नियंत्रण कक्ष में रेडियोधर्मी विकिरण में अचानक सामान्य से एक हजार गुणा ज्यादा इजाफे का पता चला। अधिकारियों का कहना है कि दरवाजे के बाहर यह मात्रा सामान्य से केवल आठ गुणा ज्यादा है और उससे फिलहाल स्वास्थ्य को कोई खतरा नहीं है। जापान की परमाणु सुरक्षा एजेंसी का कहना है कि फुकुशिमा दायिचि परमाणु संयंत्र के छह में से एक 'बायलर' में प्रेशर सामान्य से 1.5 प्रतिशत बढ़ गया है। परमाणु एवं औद्योगिक सुरक्षा एजेंसी ने कहा है कि उसने परमाणु इकाई का संचालन करने वाली बिजली कंपनी को आदेश जारी किया है कि संयंत्र के कंटेनर से दाब घटाने के लिए वाल्व को खोल दिया जाए।

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