
संयुक्त राष्ट्र - ईरान ने यूरोपीय संघ ईयू के सदस्य देशों को धमकी देते हुए कहा है कि अगर उसके खिलाफ कठोर प्रतिबंध लगाए गए तो परिणाम काफी गंभीर हो सकते हैं| ईरान के विदेश मंत्नी मनोचेर मोत्तकी ने ईयू के विदेश मंत्नियों को लिखे एक पत्न में कहा है, "निस्संदेह ऐसी टकराव की स्थिति से ईरान और ईयू के आपसी रिश्ते बुरी तरह प्रभावित हो सकते हैं, ईयू के इस फैसले से ईरान के बजाए उसे ही नुकसान होगा जैसा कि पहले भी कई बार साबित हो चुका है" |
मोत्तकी ने कहा कि ईरान मध्यपूर्व और पारस की खाडी जैसे अहम इलाके में 27 सदस्यों वाले ईयू के लिए अहम रणनीतिक साझीदार बन सकता है लेकिन ईयू के इस फैसले से यह संभावना समाप्त हो जाएगी |
उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह ईयू ने ईरान के विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम को हतोत्साहित करने के लिए उसके खिलाफ और कठोर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया था । इसमें ईरान में तेल और गैस के क्षेत्न में निवेश को बंद करना और उसकी तेल तथा गैस शोधन की क्षमताओं को प्रभावित करना शामिल है |
अमरीका सहित पश्चिमी ताकतों का दावा है कि ईरान गुपचुप तरीके से परमाणु हथियार विकसित कर रहा है जबकि तेहरान का तर्क है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है|मोत्तकी ने कहा हमें पूरा विश्वास है कि ईयू अमरीका के दबाव में आकर ऐसा गलत कदम नहीं उठाएगा क्योंकि इससे दुनिया के मुक्त विचारों वाले देशों के सामने उसका सिर हमेशा के लिए शर्म से झुक जाएगा |
: न्यूज़लाइन एजेंसीज़
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