
एफसीआई की लापरवाही से सड़ रहे गेहूं के मामले में कृषि मंत्री शरद पवार ने कहा है कि इस मामले में दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कृषि मंत्री ने ये बात दिल्ली में हो रही राज्यों के खाद्य सचिवों की कांफ्रेंस में कही। गौरतलब है कि एफसीआई का लाखों क्विंटल गेंहू अलग- अलग शहरों में बारिश से भीग कर बर्बाद हो चुका है। कितना गेहूं बरबाद हुआ है, ये तो एफसीआई को पता होगा, या स्टॉक रजिस्टर से पता चलेगा। लेकिन हिंदुस्तान में 58 हज़ार करोड़ का अनाज हर साल यूं ही गोदामों में सड़ जाता है। एक आरटीआई एप्लिकेशन के तहत सामने आई जानकारी के मुताबिक पिछले दस साल में भारत ने 10 लाख टन अनाज गंवाया जिससे हर साल 1 करोड़ लोगों का पेट भरा जा सकता था। हर साल एफसीआई गोदामों के रख-रखाव पर 242 करोड़ रुपये खर्च करती है और सालाना ढाई करोड़ से ज़्यादा रकम सिर्फ बरबाद अनाज को ठिकाने लगाने में खर्च होती है। अब देखना ये है कि कृषि मंत्री शरद पवार अब इस मामले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्यवाही करते है।
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