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Wednesday, March 9, 2011

छेड़छाड़ के आरोपी धर्मगुरू को 14 साल की जेल


हयूस्टन : अमेरिका में दो लड़कियों का यौन उत्पीड़न करने के मामले में दोषी क़रार दिये जाने के बाद से फरार चल रहे हिन्दू धर्मगुरु प्रकाशानंद सरस्वती आख़िरकार क़ानून के शिकंजे में आ गये हैं। अय्याश बाबा को 14 वर्ष की क़ैद की सज़ा सुनाई गई है। साथ ही बाबा पर 20 आरोपों में प्रत्येक पर 10,000 डॉलर का जुर्माना भी लगाया गया है। गौरतलब है कि प्रकाशानंद सरस्वती अपने अनुयायियों के बीच श्री स्वामीजी के के नाम से जाने जाते हैं। बाबा का सेन्ट्रल टेक्सास में आश्रम है।

अपने भक्‍तों के बीच ‘श्री स्‍वामी जी’ नाम से मशहूर प्रकाशानंद सरस्‍वती को 20 अपराधों का दोषी करार दिया गया है। इसमें हर एक अपराध के लिए अधिकतम 20 साल की कैद हो सकती है। एक हिंदू आश्रम के प्रमुख, 82 साल के इस महंत को यौन उत्‍पीड़न का दोषी करार दिए जाने की खबर से यहां रहने वाले हिंदू समुदाय के और दुनिया भर में फैले इनके भक्तों को गहरा सदमा लगा है।

उल्लेखनीय है कि बाबा के मौजूदा संस्थान के अंतर्गत बरसाना धाम संचालित होता है। इसके तहत भारत सहित विदेशों में कई मंदिर और अस्पतालों का संचालन होता है।

हेज काउंटी की अदालत ने बाबा (82) को 1990 के दशक के दौरान अपने आश्रम बरसाना धाम में दो लड़कियों का यौन उत्पीड़न करने के मामले में 14 वर्ष की जेल और दस हजार डॉलर का जुर्माना लगाया है। धर्मगुरु प्रकाशानंद देश-विदेश में उनके हजारो अनुयायी होने का दावा करते हैं। ऐसे में बाबा को 14 वर्ष लंबे कारावास की सजा मिलने से आश्रम के भविष्य पर सवालिया निशान लग गया है।

गौरतलब है कि अदालत की कार्रवाई के बाद से ही ‘स्‍वामी जी’ लापता बताए जा रहे हैं। हेज काउंटी शेरिफ के दफ्तर की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि सजा के दिन अदालत में मौजूद नहीं होने के चलते प्रकाशानंद सरस्‍वती के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया, हालांकि अब बाबा को 14 वर्ष जेल की सजा सुनाई गई है।

यौन शोषण मामला, 21 पादरी निलंबित


न्यूयॉर्क: अमेरिका के फिलाडेल्फिया में 21 रोमन कैथोलिक पादरीयों को बच्चों के यौन शोषण मामले में जाँच के चलते निलंबित कर दिया गया हैं। यह निलंबन ‘ग्रांड जूरी’ की जाँच रिपोर्ट के बाद किया गया। इस मामले में 37 वर्तमान या पूर्व पादरियों की पहचान की है।

आर्कबिशप कार्यालय के मुताबिक 21 पादरियों को प्रशासनिक अवकाश पर भेजे जाने के साथ ही तीन अन्य के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई। इसके अलावा पाँच अन्य पादरियों को भी निलंबित किया जाना है लेकिन इनमें से एक पहले से ही अवकाश पर है। दो सक्रिय रूप से कार्यरत नहीं हैं तथा दो कहीं और काम कर रहे हैं। जिनके बारे में इनके वरिष्ठ पदाधिकारियों को सूचित कर दिया गया है।

उधर फिलाडेल्फिया के आर्कबिशप कार्डिनल जस्टिन रिगाली ने कल एक बयान में पादरियों द्वारा बच्चों के यौन शोषण को लेकर अपनी तरफ से खेद व्यक्त किया है।

Thursday, February 3, 2011

एम्स:यौन शोषण आरोपी डॉक्टर का लाइसेंस रद्द


नई दिल्ली: यौन शोषण मामले में एम्स के आरोपी डॉक्टर को पेशेवर लाइसेंस जांच समिति द्वारा निलंबित कर दिया गया है। डॉक्टर पर ब्रेन ट्यूमर का इलाज कराने आए एक बच्चे के साथ दुराचार करने का आरोप था। बच्चे के पिता द्वारा अस्पताल में शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद अस्पताल प्रशासमन ने मामले की जांच की। आरोपी डॉक्टर के दोषी पाये जाने के बाद उसका प्राईवेट प्रैक्टिस का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है।

पीड़ित बच्चा 18 जनवरी को ब्रेन ट्यूमर के ऑपरेशन के लिए अस्पताल में भर्ती हुआ था, जहां उसका 20 जनवरी को ऑपरेशन किया गया था। बच्चे को चार दिन बाद छुट्टी मिलनी थी लेकिन 24 जनवरी को बच्चे के पिता ने अस्पताल प्रशासन से शिकायत की कि उसके बेटे का 23 जनवरी की रात को यौन शोषण किया गया।

एम्स के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) के एक वरिष्ठ सदस्य ने कहा, कि "घटनास्थल पर मौजूद सबूतों और जांच के बाद यह आरोप सही पाया गया है। इसलिये उस डॉक्टर का प्राइवेट प्रैक्टिस लाइसेंस रद्द करने के साथ ही उसका मास्टर्स ऑफ चिरुरजिकल डिग्री का पंजीकरण भी रद्द कर दिया गया है। मामले की जांच के लिए एक तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है। यह समिति आज एम्स के अधिकारियों को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप देगी।

गौरतलब है कि पुलिस ने सोमवार को आरोपी डॉक्टर श्रीजय पी. जोसुआ के खिलाफ मामला दर्ज किया था। उस पर मरीज का यौन उत्पीड़न का आरोप है। शिकायत में कहा गया कि आरोपी डॉक्टर आईसीयू में भर्ती पीड़ित को ड्यूटी रूम में लेकर गया था और उसी दौरान उसने उसके साथ दुराचार किया।

Thursday, January 27, 2011

यौन उत्पीड़न से त्रस्त महिला प्रिंसिपल ने ख़ुद को आग लगाई


जौनपुर : जिले के एक निजी स्कूल के प्रबंधक की कथित यौन प्रताड़ना से त्रस्त होकर स्कूल की महिला प्रिंसिपल ने खुद को आग लगा ली। बुरी तरह से झुलसी प्रिंसिपल की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक प्रबंधक काफ़ी अरसे से उक्त महिला प्रिंसिपल के साथ शादी का झांसा देकर उसका यौन उत्पीड़न कर रहा था।
जिले के शाहगंज कस्बे में स्थित सेंट जेवियर्स स्कूल की 30 वर्षीया प्रिंसिपल ने बुधवार देर रात स्कूल के प्रबंधक के घर के सामने खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली।

पुलिस के मुताबिक प्रिंसिपल के पास से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने प्रबंधक पर जीवन समाप्त करने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। जौनपुर के एसएसपी एसके भगत ने बताया कि अपने सुसाइड नोट में प्रिंसिपल ने प्रबंधक पर शादी का झांसा देकर लंबे समय से यौन प्रताड़ना का आरोप लगाया है।

एसएसपी ने कहा कि प्रारम्भिक जांच से पता चलता है कि प्रधानाचार्य को जब यह पता चला कि प्रबंधक का मकसद केवल उससे अवैध संबंध बनाना था न की शादी करना, तो उसने अपनी जान देने का फैसला किया।

पुलिस के मुताबिक आरोपी प्रबंधक घटना के बाद से फरार है। हालांकि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा लगातार दबिश दी जा रही है। प्रिंसिपल के शरीर का पचास फीसदी से ज्यादा भाग जल चुका है और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।

Tuesday, September 14, 2010

स्टिंग ऑपरेशन में खुलासा: अनाथालय का रक्षक ही भक्षक

हैदराबाद:पुलिस ने शहर के वनस्‍थलीपुरम थाना क्षेत्र में सिरिया अनाथालय के संचालक को लड़कियों का यौन शोषण करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। संचालक मलयाद्री (37) यहां रहने वाली लड़कियों के साथ शराब के नशे में आपत्तिजनक हरकतें करता था और ऐसा करने से मना करने पर उन्‍हें प्रताडि़त करता था। अनाथालय में मासूमों के साथ हो रहे इस अत्‍याचार का खुलासा एक स्‍थानीय टीवी चैनल के स्टिंग ऑपरेशन में हुआ। 2006 में महज पांच बच्‍चों से शुरू हुए अनाथालय में इस समय 130 अनाथ बच्‍चे रहते हैं। इनमें 90 से अधिक लड़कियां हैं। इन बच्‍चों की उम्र पांच से 15 साल है। स्टिंग ऑपरेशन के मुताबिक मलयाद्री ने 2000 रुपये लेकर अनाथालय की 11 लड़कियों को एक कर्मचारी प्रवीण के साथ परिसर से बाहर भेजा।
पुलिस के मुताबिक शहर के कई रईस लोग अपने बच्‍चों के जन्‍मदिन की पार्टी पर इन अनाथ बच्‍चों को बुलाते थे। हालांकि ऐसे मौके के दौरान अनाथालय प्रबंधन को ऐसे परिवार के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए लेकिन मलयाद्री ऐसा नहीं करता था। पीडि़तों का बयान दर्ज करने के बाद पुलिस ने मलयाद्री के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354 के तहत मामला दर्ज कर मलयाद्री को 14 दिनों की न्‍यायिक हिरासत में रखा है। हालांकि अपने ऊपर लगे आरोपों का खंडन करते हुए मलयाद्री ने कहा, मैंने अपने दम पर इस अनाथालय की स्‍थापना की और इसका संचालन भी खुद ही करता था। मेरे खिलाफ साजिश की जा रही है।




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