Showing posts with label Journalist Hemachandra Panday. Show all posts
Showing posts with label Journalist Hemachandra Panday. Show all posts

Sunday, July 4, 2010

नई दुनिया और राष्ट्रीय सहारा के पत्रकार की हत्या


दिल्ली: भ्रष्टतम विभागों में से एक पुलिस विभाग के 'जांबाजों' ने एक नक्सली नेता को मारने के चक्कर में एक पत्रकार को भी मार डाला। उत्पीड़न, वसूली और अमानवीयता के लिए कुख्यात पुलिस वालों की नाक में नकेल लगाने में सफल रहे नक्सलियों को तबाह कर देने के लिये पुलिस के लोग कुछ भी कर गुजरने को तैयार रहते हैं। इसी कारण सूचनाओं को वेरीफाइ कर सही 'एक्शन' लेने की जगह ये आंख मूंद कर किसी को भी गोली मार देते हैं। अगर पुलिस के लोग ऐसी हरकत करेंगे तो इनमें और दूसरों में क्या फर्क रह जाएगा। मामला एक पत्रकार के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने का है। शीर्ष नक्सली नेता आजाद के साथ मारा गया दूसरा शख्स नक्सली नेता नहीं बल्कि हेमचंद्र पांडेय नाम का एक पत्रकार था। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, 1990 के आसपास पुलिस ने हैदराबाद के करीब एक माओवादी नेता के साथ उर्दू पत्रकार गुलाम रसूल को उस समय गोली मार दी थी, जब वे इंटरव्यू ले रहे थे। हेमचन्द्र पांडे दिल्ली स्थित पत्रकार थे जो नई दुनिया और राष्ट्रीय सहारा समाचार पत्रों के लिए लिखते थे। गुड्सा उसेंडी का कहना है कि पत्रकार को केवल इसलिए मारा गया क्योंकि वो आज़ाद के पकड़े जाने और उनकी हत्या के गवाह थे, और पुलिस ने इस घटना की सच्चाई को छुपाए रखना चाहती थी। उसेंडी ने यह भी कहा कि आज़ाद चाहते थे कि ऑपरेशन ग्रीन हंट को रोका जाए और दोनों ही तरफ़ से एक साथ युद्ध विराम लागू किया जाए, जिस तरह से आज़ाद को पकड़ कर मारा गया उससे यह साबित हो गया है कि चिदंबरम के प्रस्ताव झूठे थे।



ADS

चिट्ठाजगत तुरंत छापो

चिट्ठाजगत

The Alex hotel New York