
गाजियाबाद से 70 किलोमीटर दूर अमरगढ़ गांव की पंचायत ने एक सगोत्रिय जोड़े को साथ रहने की इजाज़त दे दी। भारतीय पंचायतों के इतिहास में ये 1 एतिहासिक फ़ैसला है । गांव में रहने वाले बबलू और गुडि़या ने प्रेम संबंधो के चलते परिवार के विरोध के ड़र से 15 दिन पहले गांव छोड़ दिया था। उनकी सबसे बड़ी परेशानी थी उनका गोत्र, एक होना।
फिर उनके परिवारों ने उन्हें दिल्ली से ढूंढ निकाला और कड़ी से कड़ी सज़ा दिलाने के लिए पंचायत के आगे पेश कर दिया, पहले तो पंचायत ने प्रेमी बबलू के परिवार से कहा कि वे गुडि़या के पिता को सवा लाख रुपये जुर्माना दें और गुडि़या की किसी अन्य युवक से शादी की जाए। लेकिन गुड़िया ने भरी पंचायत में किसी और से शादी ना करने का ऐलान कर दिया। उसका बेइंतहा प्यार देख पंचायत को उस पर दया आ गयी और दोनों को साथ रहने की इजाज़त दे दी साथ ही यह भी कहा की दोनों को गांव छोड़ना पड़ेगा।पंचायत ने दोनों के परिवारों को आदेश दिया कि लड़का-लड़की को वे पांच-पांच हज़ार रुपये अपनी ओर से दें। प्रेमी जोड़े ने परिवारों से पैसा लिया और हमेशा के लिए वह गांव छोड़ दिया और हमेशा के लिया एक-दूजे के हो गए ।
: न्यूज़लाइन एजेंसीज़