
नई दिल्ली: सरकार ने रिसर्च इन मोशन की लोकप्रिय ब्लैकबेरी इंटरप्राइज सेवा सहित सभी अन्य सेवाओ तक सुरक्षा एजेंसियो को पहुंच उपलब्ध कराने की योजना सौंपने की समयसीमा 31 मार्च तय कर दी है।
गृह मंत्रालय ने दूरसंचार विभाग को निर्देश दिया है कि सभी आपरेटर बीईएस सहित अपनी सेवाओ की निगरानी की योजना इस माह के अंत तक सौंप दें। जबकि आठ आपरेटरो के जरिए ब्लैकबेरी सेवाएं उपलब्ध करा रही रिम लगातार कह रही है कि उसके पास बीईएस के लिए कोई चाभी नहीं है और दुनिया भर में इसका सुरक्षा ढाचा एक समान है।
भारतीय सुरक्षा एजेंसिया आतंकवाद तथा सुरक्षा खतरो से निपटने के लिए ब्लैकबेरी की सभी सेवाओ तक पहुंच उपलब्ध कराने की मांग कर रही हैं। पिछले महीने गृह सचिव गोपाल के पिल्लई ने कहा था कि दूरसंचार आपरेटरों को उन सेवाओ को बंद करना होगा, जिनकी निगरानी के तरीके से सुरक्षा एजेंसिया संतुष्ट नहीं हो जाती हैं।
हाल ही में भारत आए रिम के उपाध्यक्ष [उद्योग, सरकार और विश्वविद्यालय संपर्क] रॉबर्ट ई क्रो ने कहा था कि हमारी ओर से कोई साल्यूशन मुहैया कराए जाने की संभावना नहीं है। हमारे पास इसका कोई समाधान नहीं है, न ही कोई चाभी है। हमारे लिए यह करना संभव नहीं है, क्योंकि इसकी चाभी कारपोरेट इकाइयो के पास है।
गौरतलब है कि कंपनियो में इंटरप्राइज मेल सेवा के लिए ब्लैकबेरी काफी लोकप्रिय सेवा है और ब्लैकबेरी भारती, वोडाफोन, आइडिया, रिलायंस कम्युनिकेशस, टाटा और सार्वजनिक क्षेत्र की बीएसएनएल और एमटीएनएल सहित आठ कंपनियों को सेवाएं दे रही हैं। इतना ही नहीं भारत में ब्लैकबेरी के ग्राहकों की संख्या दस लाख से अधिक है और इसमें तेजी से बढ़ोतरी हो रही है।
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