Thursday, July 8, 2010

ऑनर किलिंग पर सरकार असमंजस में

नई दिल्ली - इज़्ज़त के लिए जान लेने का फरमान सुना देने वाली खाप पंचायतों पर लगाम कसने को लेकर सरकार दो फाड़ हो गई है। सरकार के दो मंत्री, कपिल सिब्‍बल और कमलनाथ, चाहते हैं कि इस मामले से निपटने के लिए अलग कानून बनाया जाए। उसी तरह जैसे सती के मामलों से निपटने के लिए अलग कानून बनाया गया था । दोनों मंत्रियों का मानना है कि मौजूदा कानून ऑनर किलिंग के गुनहगारों से निपटने के लिए पर्याप्‍त नहीं हैं। पर सरकार मौजूदा कानून में ही संशोधन करने के पक्ष में है। इससे संबंधित विधेयक संसद के मानसून सत्र में रखा जाएगा । गुरुवार को इस मामले पर विचार के लिए कैबिनेट की बैठक हुई। पर एक राय नहीं होने के चलते कोई ठोस फैसला नहीं हो सका। तय हुआ कि ऑनर किलिंग के मामलों से निपटने के सुझाव देने के लिए मंत्रियों का एक समूह बना दिया जाए। यह समूह संबंधित कानून में संशोधन के बारे में सुझाव देगा ।


प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्‍यक्षता में हुई इस बैठक में लिए गए इस फैसले की जानकारी मीडिया को सूचना व प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने दी। ऑनर किलिंग के मामलों से निपटने के लिए भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और आपराधिक विधि संहिता (सीआरपीसी) में संशोधन के बारे में राज्‍यों से भी सुझाव मांगे गए हैं ।



: न्यूज़लाइन एजेंसीज़

( इन्डेपेंडेंट न्यूज़ नेटवर्क )

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