
मुंबई : देश भर में इन दिनों मालेगांव ब्लास्ट मामले मे गिरफ़्तार किये गये मुस्लिम युवकों की रिहाई की मांग की जा रही है। अब जबकि महाराष्ट्र और देश भर के लिये एक कलंक साबित हुए मालेगांव ब्लास्ट मामले में हिंदू कट्टरपंथी स्वामी असीमानंद द्वारा पुलिस के सामने अपना गुनाह क़ुबूल किया जा चुका है। लेकिन इसके बाद भी इस मामले में गिरफ़्तार मुस्लिम युवकों की रिहाई के कोई आसार नज़र नहीं आ रहे है। अब इस मामले में, केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री सलमान खुर्शीद ने अफ़्सोस जताते हुए कहा है कि मालेगांव विस्फोट मामले में सही जांच नहीं हुई है। इस मामले में अभी न्याय की जरूरत है।
एक उर्दू समाचार चैनल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित सलमान खुर्शीद ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, ‘यह एकदम साफ है कि अन्याय हुआ है। हालांकि 100 प्रतिशत साफ-सुथरी जांच की गुंजाइश किसी भी केस में नहीं होती। कई लोगों को गिरफ्तार किया जाता है। कुछ छोड़ भी दिए जाते हैं। लेकिन कुछ लोगों को लगातार निशाना बनाना यकीनन गलत है।’
मालेगांव केस में नौ मुस्लिम युवकों को गिरफ्तार किया गया है। इनकी गिरफ्तारी पर कई लोगों ने सवाल उठाए हैं। और अब इनकी रिहाई की लगातार मांग की जा रही है।
खुर्शीद ने बताया, ‘केंद्रीय गृह मंत्री लगातार इस मामले पर नजर रख रहे हैं। वे इस मामले में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण और केंद्रीय कानून मंत्री एम. वीरप्पा मोइली के भी संपर्क में हैं।’ महाराष्ट्र के मालेगांव में 8 सितंबर 2006 को हुए बम विस्फोट में 36 लोग मारे गए थे। करीब 100 लोग घायल हुए थे। इस मामले में हिंदू कट्टरपंथी स्वामी असीमानंद पुलिस के सामने अपना गुनाह कबूल कर चुका है।
वहीं इसी कार्यक्रम में मह्जूद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री चव्हाण ने भरोसा दिलाते हुए कहा कि "मालेगांव मामला महाराष्ट्र के इतिहास का दुखद अध्याय है। इसमें जो लोग गलत तरीके से गिरफ्तार किए गए हैं, उन्हें न्याय मिलेगा।"
No comments:
Post a Comment