
हाथरस : उत्तर प्रदेश में इन दिनों मनचले युवकों ने बलात्कारियों का रूप धारण कर जमकर उत्पात मचाया हुआ है। इन दिनों, ये हवस के पुजारी सारी मान मर्यादा को ताक पे रखते हुए बेख़ौफ़ होकर लडकियों की इज़्ज़त से खेल रहे हैं। मुख्यमंत्री मायावती के "महिलाओं की सुरक्षा" के दावे की जमकर खिल्ली उडाई जा रही हैं। एक ताज़ा घटना में यहां बलात्कार में विफल हुए एक युवक ने लड़की को जिंदा जला कर मार डाला।
हाथरस जिले में 21 साल की संगीता को अपनी इज्जत बचाने की कीमत जान देकर चुकानी पड़ी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक जब संगीता खेतों की तरफ गई तो उसके पड़ोसी कालू लाल ने उसको अपनी हवस का शिका बनाना चाहा। लेकिन संगीता वहां से भागने में कामयाब रही और इसकी अपने माता-पिता को घटना की जानकारी दे दी।
हालांकि कालू लाल ने लड़की को इस मामले को दबाने की धमकी दी थी लेकिन इसके बावजूद लड़की ने हिम्मत जुटाकर पुलिस से शिकायत कर डाली। ख़बर के मुताबिक़ इससे उत्तेजित होकर कालू ने संगीता के घर में घुस कर उसे घसीटते हुए घर से बाहर निकाल लिया। उसने लड़की के शरीर पर किरोसिन तेल छिड़क कर आग लगा दी।
लड़की को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया। बाद में उसे अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय मेडिकल कॉलेज रिफर किया गया। लेकिन लड़की ने आखिरकार दम तोड़ दिया।
एक ऐसी ही दूसरी घटना को गाजियाबाद के हापुड़ के मोहल्ला पन्नापुरी में अंजाम दिया गया। एक छात्रा को छेड़छाड़ का विरोध करना इतना महंगा पड़ा कि एक मनचले युवक ने उस पर ब्लेड से हमला कर उसे घायल कर दिया। घायल छात्रा को उपचार के लिए तत्काल निजी अस्पताल ले जाया गया।
जब मामले की जानकारी लेने के लिए घायल छात्रा की बहन मनचले युवक के घर पहुंची तो युवक ने अपने परिवार के साथ मिलकर उस पर लाठी डंडों से हमला कर दिया। घटना की सूचना तुरन्त पुलिस को दी गई, लेकिन पुलिस करीब एक घंटे बाद घटनास्थल पर पहुंची। तब तक हमलावर फरार हो चुका था। मामले को ज्यादा तूल पकड़ता देख पुलिस ने मनचले युवक के भाई व उसकी मां को गिरफ्तार कर लिया है।
आए दिन हो रही इन घटनाओं ने उत्तर प्रदेश पुलिस की पोल खोल कर रख दी है। आरोपियों के दिल से पुलिस व क़ानून का ख़ौफ़ ख़त्म हो चुका है। प्रदेश में सुरक्षा नाम की कोई चीज़ बाक़ी नहीं रह गई है। आरोपी, धडल्ले से घटना को अंजाम देकर बेख़ौफ़ होकर घूमते हैं। जबकि उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई ना के बराबर ही होती है।
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