कानपुर में पीएम के काफिले के दौरान हुई एक बच्चे की मौत को यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने पूरे मामले की जांच के लिए कानपुर के सांसद श्रीप्रकाश जयसवाल को भेजा है। गौरतलब है कि मरने वाले बच्चे की मां ने सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखी थी, जिसमें उन्होंने पीएम के कानपुर दौरे के वक्त वीआईपी वाहनों को गुजरने के लिए रोके जाने वाले ट्रैफिक को अपने बेटे अमन की मौत का जिम्मेदार बताया था।
उनका कहना था कि वीआईपी वाहनों को गुजरने के लिए रोके जाने वाले रास्ते से ही 8 साल के घायल अमन को अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन ट्रैफिक रोके जाने के कारण अमन को समय से अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका और रास्ते में ही उसकी मौत हो गई थी। श्यामनगर की रहने वाली ऊषा शर्मा ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिख कर गुहार लगाई थी कि भविष्य में किसी वीआईपी की यात्रा के दौरान ऐसे ट्रैफिक न रोका जाए, जिससे कोई घायल अस्पताल न पहुंच सके। उन्होंने बच्चे अमन की मौत पर 10 लाख रुपये का मुआवजा देने की भी मांग की है। ऊषा शर्मा और उनके पति तसदुद हुसैन का इकलौता बेटा अमन सिविल लाइन इलाके के एक स्कूल में कक्षा 2 का छात्र था। 3 जुलाई को वह घर में खेलते हुए गिर गया था, जिसके कारण उसके सिर में गंभीर चोट लग गई थी। जब ऊषा अपने पति के साथ बच्चे को अस्पताल ले जा रहे थे तो प्रधानमंत्री की सुरक्षा में लगे सुरक्षाकर्मियों ने उनके अनुरोध के बाद भी रास्ते से नहीं गुजरने दिया। लंबे रास्ते से अस्पताल पहुंचने की वजह से अमन ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।

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