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Saturday, February 26, 2011

साध्वी प्रज्ञा, अब सुनील जोशी हत्याकांड में गिरफ्तार


मुम्बई : मध्य प्रदेश पुलिस ने समझौता एक्सप्रेस विस्फोट के संदिग्ध सुनील जोशी की हत्या के मामले में मालेगांव विस्फोट की प्रमुख आरोपी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। विशेष सरकारी वकील रोहिणी सालियान ने जानकारी दी कि मध्य प्रदेश पुलिस ने यहां विशेष मकोका अदालत में आवेदन दायर किया और अदालत की अनुमति मिलने के बाद सुनील जोशी हत्याकांड में साध्वी को गिरफ्तार कर लिया गया।

ग़ौरतलब है कि महाराष्ट्र के मालेगांव में 2008 में हुए विस्फोट की मुख्य आरोपी प्रज्ञा सिंह का यहां के जेजे अस्पताल में इलाज चल रहा है। सूत्रों के अनुसार, मध्य प्रदेश पुलिस की टीम ने शुक्रवार को वहां पहुंच कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

हालांकि, प्रज्ञा के वकील गणेश सोवानी के मुताबिक़ यह सिर्फ एक औपचारिक गिरफ्तारी है। उन्हें परिवहन के इंतजाम होने के बाद मध्य प्रदेश ले जाया जाएगा।

समझौता एक्सप्रेस विस्फोट के संदिग्ध जोशी की मध्य प्रदेश के देवास में 29 दिसंबर 2007 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दिल्ली से लाहौर के बीच चलने वाली समझौता एक्सप्रेस के दो डिब्बों में 18 फरवरी 2007 को पानीपत के नजदीक दिवाना में विस्फोट हुए थे जिनमें 68 लोग मारे गए थे।

Thursday, February 17, 2011

सरकारी गवाह बनेंगे असीमानंद




जयपुर: मालेगांव, समझौता एक्सप्रेस और अजमेर दरगाह ब्लास्ट का मुख्य आरोपी असीमानंद सरकारी गवाह बन के लिए तैयार हो गया है। एटीएस के बढ़ते दबाव के कारण असीमानंद को इसके लिए मजबूर होना पड़ा।

अजमेर सेंट्रल जेल में बंद असीमानंद ने एक गोपनीय पत्र जेल से अदालत को भिजवाया है। 15 फरवरी को जब असीमानंद जेल से पेशी पर लाया गया तो सीजेएम ने उससे पत्र के बारे में पूछा तब असीमानंद ने अदालत से इस पत्र को गोपनीय रखने का आग्रह किया। माना जा रहा है कि असीमानंद दरगाह ब्लास्ट में सरकारी गवाह बनना चाहता है। इसी वजह से उसने जेल से सीधे अदालत को पत्र भेज दिया।

हालांकि एटीएस अधिकारी इस बारे में कुछ भी कहने को तैयार नहीं है, लेकिन विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक एटीएस के वरिष्ठ अधिकारी इस बारे में केंद्रीय गृह मंत्रालय, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और गृहमंत्री शांति धारीवाल को जानकारी दे चुके है। एटीएस अधिकारियों का कहना है कि असीमानंद के सरकारी गवाह बनने से जांच में कई नए तथ्य समाने आएंगे और इन मामलों में शामिल अन्य आरोपियों के बारे में भी जानकारी मिलेगी। साथ ही राजनीति से जुडे़ कुछ बड़े लोगों के नाम इसमें सामने आ सकते है।

इधर एटीएस इस बार भी असीमानंद, हर्षद सोलंकी और मुकेश वसानी के खिलाफ चालान पेश नहीं कर सकी। अब अदालत ने एक मार्च तक चालान पेश करने का समय दिया है। स्वामी असीमानंद के बयान के आधार पर एटीएस द्वारा पकड़े गए भरत शाह को 18 फरवरी को अदालत में पेश किया जाएगा। दरगाह ब्लास्ट मामले में ही पहले गिरफ्तार किए जा चुके चन्द्रशेखर, लोकेश और देवेन्द्र के मामले में सुनवाई 19 फरवरी को होगी। दरगाह ब्लास्ट मामले में ही आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक इन्द्रेश कुमार के बारे में एटीएस ने कुछ नए तथ्य जुटाए हैं। जिनकी पुष्टि में एटीएस के वरिष्ठ अधिकारी जुटे है।

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