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Sunday, November 14, 2010

नक्सली इलाकों में चल रही अनोखी आउटसोर्सिंग


नक्सल प्रभावित कई दूरस्थ इलाकों में एक अलग तरह की आउटसोर्सिंग का तेजी से प्रसार हो रहा है। ऐसे इलाकों में जान के खतरे के डर के चलते लंबे समय तक स्कूलों से अनुपस्थित रहने वाले शिक्षक अब अपनी ओर से कक्षाओं में पढ़ाने के लिए स्थानीय युवकों को किराए पर नियुक्त कर रहे हैं। ये शिक्षक ऐसे युवकों को अपना आधा वेतन देते हैं।

यह स्थिति दोनों के लिए करीब करीब फायदेमंद होती है। शिक्षकों का काम हो जाता है और स्थानीय, अर्धशिक्षित बेरोजगार युवकों को काम मिल जाता है। लेकिन इसमें छात्रों की शिक्षा दाँव पर लग जाती है। क्योंकि शिक्षकों को घर पर रहते हुए भी आधा वेतन मिल जाता है और अर्धशिक्षित होने के बावजूद युवक स्कूलों में छात्रों को पढ़ाते हैं तथा आधा वेतन भी पा जाते हैं। एक सरकारी अधिकारी का कहना है कि यह चिंताजनक बात है। हम कल्पना कर सकते हैं, ऐसे स्कूलों में शिक्षा का स्तर क्या होगा। हम उम्मीद करते है कि जैसे जैसे सुरक्षा बल ज्यादा से ज्यादा नक्सली बहुल इलाकों पर नियंत्रण करेंगे, वैसे-वैसे स्थिति में सुधार होगा।

छत्तीसगढ़, झारखंड और उड़ीसा में यह चलन बढ़ता जा रहा है क्योंकि यहां के दूरस्थ इलाकों में माओवादियों की मौजूदगी और सुरक्षा के अभाव के कारण स्कूल के निरीक्षक कभी कभार ही असलियत का पता करने जा पाते हैं।

Friday, October 1, 2010

नक्सलियों द्वारा CRPF के 2 जवानों की हत्या


छत्तीसगढ़: नक्सलियों द्वारा किये जा रहे हमले थमने का नाम नहीं ले रहे है। देश के लिए नासूर बने नक्सलियों का तांडव कभी कहीं तो कभी कहीं जारी है। इस बार नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर में CRPF के 2 जवानों की गला रेतकर हत्या कर दी है। यह नक्सली घटना बस्तर के केरला पाल इलाक़े की है।

Wednesday, September 15, 2010

नक्सलियों की दहशत, 70 परिवारों ने ली जिला मुख्यालय में शरण

नक्सलियों की वजह से एक बार फिर छत्तीसगढ़ के लोगो में दहशत का महौल है। छत्तीसगढ़ में नक्सलियों ने बीजापुर जिले के तीन गांवों को खाली करने का फरमान जारी किया है। नक्सलियों ने आदेर, गुड्डीपाल और कांदुलनार गांवों को खाली करने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा है कि हमने ऐसा इसलिये किया क्योंकि ग्रामीणों ने हमारी मदद नहीं की। कांदुलनार की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता फुलसे रावना ने बताया कि नक्सलियों ने 16 अगस्त को उसके पिता को मुखबिर बताकर मार डाला था। वहीं 3 सितंबर को आदेड़ गांव से 14 लोगों को अगवा कर लिया गया था। इनमें से चार पर मुखबिरी का आरोप लगाकर उनकी हत्या कर दी गई, जबकि 10 को दो दिन बाद छोड़ा गया। दहशत के चलते इन गांवों के 70 परिवारों ने घर, जमीन छोड़कर जिला मुख्यालय में शरण ली है।


Monday, June 14, 2010

झारखंड पुलिस ने मार गिराए दर्जन भर नक्सली

चक्रधरपुर. बंदगांव के बेहद दुर्गम ममाईल-गेराई क्षेत्र में पुलिस व नक्सलियों के बीच जिले की अब तक की सबसे भीषण मुठभेड़ 24 घंटे से अधिक वक्त तक चली। इस मुठभेड़ का नतीजा अंतत: पुलिस के हक में सुखद रहा। पुलिस के अनुसार यह घटना रविवार की रात सोनवा थानांतर्गत बोराहाट के जंगलों में हुई है |
नक्सलियों को न केवल बड़े प्रशिक्षण शिविर से हाथ धोना पड़ा, बल्कि दर्जन भर नक्सलियों के मारे जाने की भी संभावना व्यक्त की जा रही है। चाइबासा के पुलिस अधीक्षक अखिलेश झा ने बताया कि इस आपरेशन को ग्रीन हॉक नाम दिया गया था और अभियान में दो हज़ार से अधिक पुलिसकर्मियों ने हिस्सा लिया |
इस अभियान में कई पुलिसकर्मियों के चोटें भी आई है। अभियान में कुछ पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं जिन्हें सेना के हेलीकॉप्टरों के ज़रिए नज़दीकी अस्पताल ले जाया गया |न्यूज़लाइन ब्यूरो :

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