कोलंबो। श्रीलंका सरकार ने सौ से ज्यादा पार्न साइटों पर प्रतिबंध लगा दिया है। इंटरनेट पर सेंसरशिप लागू करने के मामले में अभी तक ये सरकार का सबसे बड़ा कदम है। जो पॉर्न साइटें प्रतिबंधित की गई हैं उनमें यहां के पुरूषों व महिलाओं को बेहद आपत्तिजनक रूप में दिखाया गया है। श्रीलंका में लगभग 107 अश्लील वेबसाइटों को ब्लॉक कर दिया है। हालांकि, गैर श्रीलंकाई पुरूषों व महिलाओं वाली अश्लील वेबसाइटें यहां इंटरनेट पर अब भी उपलब्ध रहेंगी। सरकार ने यह फैसला पॉर्न वेबसाइटों को लॉग इन करने में बढ़ रही बच्चों की संख्या को देखते हुए और किशोर न्यायालय में शिकायतों की सुनवाई के बाद लिया है। सरकार का कहना है कि इन वेबसाइटों तक बच्चों की पहुंच बहुत आसान है और बच्चों पर इसका दुष्प्रभाव पड़ रहा था। पिछले साल जुलाई में भी श्रीलंका के दूरसंचार नियामक आयोग ने 12 अश्लील वेबसाइटों को ब्लाक कर दिया था जिसमें रेडट्यूब डॉट कॉम प्रमुख थी।
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Friday, August 27, 2010
श्रीलंका में 107 पॉर्न साइटें प्रतिबंधित
कोलंबो। श्रीलंका सरकार ने सौ से ज्यादा पार्न साइटों पर प्रतिबंध लगा दिया है। इंटरनेट पर सेंसरशिप लागू करने के मामले में अभी तक ये सरकार का सबसे बड़ा कदम है। जो पॉर्न साइटें प्रतिबंधित की गई हैं उनमें यहां के पुरूषों व महिलाओं को बेहद आपत्तिजनक रूप में दिखाया गया है। श्रीलंका में लगभग 107 अश्लील वेबसाइटों को ब्लॉक कर दिया है। हालांकि, गैर श्रीलंकाई पुरूषों व महिलाओं वाली अश्लील वेबसाइटें यहां इंटरनेट पर अब भी उपलब्ध रहेंगी। सरकार ने यह फैसला पॉर्न वेबसाइटों को लॉग इन करने में बढ़ रही बच्चों की संख्या को देखते हुए और किशोर न्यायालय में शिकायतों की सुनवाई के बाद लिया है। सरकार का कहना है कि इन वेबसाइटों तक बच्चों की पहुंच बहुत आसान है और बच्चों पर इसका दुष्प्रभाव पड़ रहा था। पिछले साल जुलाई में भी श्रीलंका के दूरसंचार नियामक आयोग ने 12 अश्लील वेबसाइटों को ब्लाक कर दिया था जिसमें रेडट्यूब डॉट कॉम प्रमुख थी।
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