
नई दिल्ली: मंहगाई के खिलाफ विपक्ष द्वारा भारत बंद का असर पूरे देश में दिख रहा है। महाराष्ट्र, इलाहाबाद, लखनऊ, भोपाल, कोलकता, दिल्ली जैसे शहरों में बंद से जनजीवन काफी प्रभावित हुआ है। वहीं मुंबई की सड़कों से बंद के एक दिन पहले ही ऑटो और टैक्सियां गायब हो गई है, जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है। विपक्ष द्वारा यह बंद पेट्रोलियम उत्पादों की मूल्यवृद्धि को लेकर लगाया गया है। आज सुबह से ही बीजेपी और अन्य विपक्षी दलों के कार्यकर्ता यूपीए सरकार के खिलाफ जमकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। जहां बढ़ती महंगाई के खिलाफ तकरीबन समूचे विपक्षी दलों की एकजुटता के बावजूद यूपीए सरकार ने कीमतें घटाने से इनकार कर दिया है, वहीं पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा ने बंद को गैरवाजिब करार दिया है। मंहगाई के खिलाफ कोलकता में सबसे ज्यादा असर हवाई सफर पर पड़ा है, वहीं दिल्ली, पटना, वाराणसी और इलाहाबाद में लोगों ने रेलवे ट्रैक पर बैठकर ट्रेनों को रोकने का प्रयास किया। संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले विपक्ष के इस शक्ति प्रदर्शन को नाकाम करने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। बंद से आवश्यक सेवाओं को दूर रखा गया है। वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि पेट्रोलियम पदार्र्थो की मूल्यवृद्धि वापस लेने का कोई सवाल नहीं पैदा होता। बंद से चिंतित केंद्र सरकार ने तेल की कीमतों में वृद्धि को जायज ठहराया है, लेकिन सरकार ने यह दावा भी किया है कि भारत में अधिकतर देशों के मुकाबले तेल उत्पादों की कीमत सबसे कम रखी गई है।
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