Wednesday, July 7, 2010

सार्वजनिक क्षेत्र की दो बड़ी कंपनियों को अमेरिकी कंपनी ने दी रिश्वत


वॉशिंगटन: एक अमेरिकी कंपनी ने बीएचईएल (भेल) और एनटीपीसी जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की बड़ी कंपनियों से ठेके हासिल करने के लिए रिश्वत दी। कोर्ट में पेश अमेरिकी न्याय विभाग के एक दस्तावेज से इस रिश्वतखोरी का खुलासा हुआ है।ये ठेके परमाणु बिजलीघरों के निर्माण में काम आने वाले कल-पुर्जे की आपूर्ति से संबंधित हैं। रिश्वत पाने वाली कंपनियों में भिलाई इलेक्ट्रिक समेत महाराष्ट्र और हरियाणा राज्य बिजली बोर्ड भी शामिल हैं। रिश्वत देने वाली अमेरिकी कंपनी कैलीफोर्निया की है, जिसका नाम कंट्रोल कंपोनेंट्स इंक (सीसीआई) है। कंपनी ने माना है कि उसने 2003 से 2007 के बीच सिर्फ भारतीय ही नहीं, बल्कि 36 अन्य देशों की कंपनियों को भी रिश्वत दी है। कोर्ट में पेश दस्तावेजों से साफ जाहिर होता है कि भारतीय कंपनियों को रिश्वत 2004 से 2007 के बीच दी गई। सबसे ज्यादा रिश्वत पाने वाली कंपनियों में एनटीपीसी (सीपत प्लांट) शामिल है। इसे 1,63,449 डॉलर (करीब 77लाख रु.) दो किस्तों में मिले।भेल को कई बार किस्तों में रिश्वत दी गई, लेकिन हर मौके पर यह रकम 5000 डॉलर (2.35 लाख रु. से अधिक) थी। अमेरिका ने सीसीआई के एक पूर्व अधिकारी फ्लावियो रिकोटो को गिरफ्तार किया है। उस पर विदेशी कंपनियों को रिश्वत देने का आरोप है।

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