
फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप-2010 के पहले सेमीफ़ाइनल में हालैंड ने उरुग्वे को 3-2 से हराकर फ़ाइनल में प्रवेश किया।
मैच का पहला गोल हॉलैंड के कप्तान जियोवानी हार्स्ट ब्रांकहार्स्ट ने 18वें मिनट में किया था जबकि उरुग्वे के स्ट्राइकर डिएगो फोर्लान ने 41वें मिनट में गोल करके अपनी टीम को 1-1 की बराबरी पर ला दिया था।
मध्यांतर तक दोनों टीमें इसी स्कोर पर थीं। इसके बाद हॉलैंड ने 70वें मिनट में अपना दूसरा और 73वें मिनट में तीसरा गोल किया। हॉलैंड के दूसरा गोल वेस्ले श्नाइडर ने किया जबकि तीसरा गोल अर्जेन रोबेन के नाम रहा।
मैच के अंतिम क्षणों में उरुग्वे ने हॉलैंड के गोलपोस्ट पर जोरदार हमला बोला। इसका फायदा उसे 92वें मिनट में मिला, तब मैक्सीमिलानो पेरेरा ने गोल करके अपनी टीम को 2-3 के स्कोर तक पहुंचा दिया। हालांकि उनका यह प्रयास टीम को फाइनल में नहीं पहुंचा सका।
श्नाइडर ने इस विश्व कप में अपना पांचवां गोल किया। इस तरह वह सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी को दिए जाने वाले 'गोल्डन बूट' की दौड़ में स्पेन के डेविड विला की बराबरी पर आ गए हैं।
हॉलैंड की टीम 1978 के बाद पहली बार और कुल तीसरी बार फाइनल में पहुंची है। यही नहीं, वह लगातार 25 मैचों से अजेय है। इस हार के साथ उरुग्वे की टीम का 60 साल बाद एक बार फिर खिताबी मुकाबला खेलने का सपना अधूरा रह गया।
न्यूज़लाईन स्पोर्ट्स डेस्क
मैच का पहला गोल हॉलैंड के कप्तान जियोवानी हार्स्ट ब्रांकहार्स्ट ने 18वें मिनट में किया था जबकि उरुग्वे के स्ट्राइकर डिएगो फोर्लान ने 41वें मिनट में गोल करके अपनी टीम को 1-1 की बराबरी पर ला दिया था।
मध्यांतर तक दोनों टीमें इसी स्कोर पर थीं। इसके बाद हॉलैंड ने 70वें मिनट में अपना दूसरा और 73वें मिनट में तीसरा गोल किया। हॉलैंड के दूसरा गोल वेस्ले श्नाइडर ने किया जबकि तीसरा गोल अर्जेन रोबेन के नाम रहा।
मैच के अंतिम क्षणों में उरुग्वे ने हॉलैंड के गोलपोस्ट पर जोरदार हमला बोला। इसका फायदा उसे 92वें मिनट में मिला, तब मैक्सीमिलानो पेरेरा ने गोल करके अपनी टीम को 2-3 के स्कोर तक पहुंचा दिया। हालांकि उनका यह प्रयास टीम को फाइनल में नहीं पहुंचा सका।
श्नाइडर ने इस विश्व कप में अपना पांचवां गोल किया। इस तरह वह सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी को दिए जाने वाले 'गोल्डन बूट' की दौड़ में स्पेन के डेविड विला की बराबरी पर आ गए हैं।
हॉलैंड की टीम 1978 के बाद पहली बार और कुल तीसरी बार फाइनल में पहुंची है। यही नहीं, वह लगातार 25 मैचों से अजेय है। इस हार के साथ उरुग्वे की टीम का 60 साल बाद एक बार फिर खिताबी मुकाबला खेलने का सपना अधूरा रह गया।
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