Wednesday, March 2, 2011

पाकिस्तान: अल्पसंख्यक मंत्री की गोलियों से भून कर हत्या


इन दिनों पाकिस्तान के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। आतंक फैलाने वाले लोग पूर्ण रूप से सरकार पर हावी हैं। इन आतंकियों द्वारा आए दिन क़ानून की खिल्लियां उडाई जाने लगी हैं। या फिर यूं कहा जाए कि पाकिस्तान में क़ानून नाम की कोई चीज़ ही नहीं रह गई है। अब ताज़ा जानकारी के मुताबिक़, इस बार अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री शहबाज भट्टी को निशाना बनाया गया है। आज दिन में करीब 11.30 बजे वह जैसे ही घर से बाहर निकले, दो नामालूम हमलावरों ने उनकी कार पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं और भट्टी की मौत हो गई।

पाकिस्तान की मीडिया का कहना है कि अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री भट्टी पर बुधवार को जानलेवा हमला हुआ, जिसके बाद अस्पताल में उनकी मौत हो गई। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के पास हमलावरों ने उनकी गाड़ी पर हमला किया और उन पर गोलियां चलाईं. भट्टी ईसाई समुदाय से ताल्लुक रखते थे और सरकार में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री थे।

पुलिस अधिकारी मोहम्मद इकबाल के मुताबिक़, भट्टी जैसे ही घर से निकले, उन पर गोलियां चला दी गईं। वह उदारवादी नेता समझे जाते थे और वह पाकिस्तान के विवादित ईशनिंदा कानून के खिलाफ थे। हाल ही में उन्होंने पाकिस्तान के विवादित आसिया बीबी मामले में बयान दिया था और कहा था कि उसे माफ कर दिया जाना चाहिए। उसके बाद से उन्हें जान से मारने की धमकी मिलने लगी थी। अभी इस बात का पक्का पता नहीं लग पाया है कि इस हमले में क्या किसी और को चोट पहुंची है। बताया जाता है कि उन पर करीब 20 गोलियां चलाई गईं।

सूत्रों के मुताबिक हमले के बाद 45 साल के भट्टी को अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक वहां पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई। पाकिस्तानी मीडिया का कहना है कि हमले के बाद घटनास्थल के पास से कुछ पोस्टर मिले हैं, जिसमें कहा गया है कि जो भी ईशनिंदा कानून का विरोध करेगा, उसका यही हश्र होगा। अभी तक इस मामले में सरकार ने ओर से कोई बयान नहीं दिया गया है।

केंद्रीय मंत्री की हत्या के बाद इस्लामाबाद में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। घटना के बाद प्रधानमंत्री युसुफ रजा गिलानी भी अस्पताल पहुंचे। पाकिस्तानी सरकार ने केंद्रीय मंत्री की हत्या की कड़ी निंदा की है। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के प्रवक्ता फरहनाज इस्फानी ने कहा कि पाकिस्तान में योजनाबद्ध तरीके से उदारवादी लोगों की हत्या की जा रही है।

ब्‍लैसफेमी कानून की आलोचना करने के बाद इसी साल 4 जनवरी को पंजाब प्रांत के गवर्नर सलमान तासीर की हत्या कर दी गई थी। उन्हें, उनकी सुरक्षा में लगे सुरक्षाकर्मी ने ही गोली मार दी थी। वे भी इस कानून की लगातार निंदा कर रहे थे और इस कारण कट्टरपंथियों के निशाने पर थे। सलमान तासीर पाक राष्ट्रपति जरदारी और उनकी बीवी बेनजीर भुट्टो, जो स्वयं वर्ष 2007 में मार दी गई थीं, के साथी थे। वे पाकिस्तान में महिलाओं और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाले लोगों में से एक थे और उन्होंने ईशनिंदा कानून को समाप्त करने की मांग की थी, जिसके तहत इस्लाम का अपमान करने वाले किसी भी व्यक्ति को मौत की सजा सुना दी जाती है।

इस बीच पाकिस्तान की प्रमुख मानवाधिकार कार्यकर्ता आसमां जहांगीर ने भट्टी को एक साफ सुथरा नेता बताया। पाकिस्तान के एक प्रमुख टेलीविजन चैनल से बातचीत में जहांगीर ने कहा कि भट्टी ने किसी की तौहीन नहीं की थी और जिन लोगों ने उन पर हमला किया है, वे पाकिस्तान को बदनाम कर रहे हैं. आसमां जहांगीर ने कहा, "जो लोग ऐसे हमले कर रहे हैं, सरकार को उन्हें पकड़ना चाहिए. सरकार उनसे डर कर छिपी बैठी है."

जहां एक ओर आतंकी, पाकिस्तान के राजनेताओं को चुन-चुन कर निशाना बना रहे हैं, तो ऐसे में पाकिस्तान की आम जनता की सुरक्षा की उम्मीद किससे की जा सकती है। इन दिनों पाकिस्तान उस आग में झुलस रहा है जिसे बुझाने के लिये शायद पाकिस्तान के पास कोई साधन भी मौजूद नहीं है। ये आतंकी बडी से बडी घटना को धडल्ले से अंजाम देकर अपने ठिकानों में वापस लौट जाते हैं। लेकिन पाकिस्तानी सरकार कोई भी कार्रवाई करने में बेहद नाक़ाम रहती है। इन आतंकियों के सामने पाकिस्तानी सरकार बिलकुल लाचार और बेबस साबित होती है।

No comments:

Post a Comment

ADS

चिट्ठाजगत तुरंत छापो

चिट्ठाजगत

The Alex hotel New York