
क्राइस्टचर्च : भूकंप के कारण तहस नहस हुए इस शहर में अब धूल भरी आधी ने वहां चल रहे राहत कार्य को पूर्ण रूप से बाधित कर दिया। शायद ये क़ुदरत की मार ही थी कि 22 फ़रवरी को आए भूकंप ने इस शहर को तबाह और बर्बाद कर दिया। इस कारण 150 से ज़्यादा लोगों की जानें चली गई थीं और शहर के लोगों को बेहद माली नुक़सान भी पहुंचा था।
अब भूकंप से तबाही के बाद बचाव कार्य में लगे लोगों को धूल भरी आंधी ने अपना निशाना बनाया। न्यूजीलैंड के दूसरे सबसे बड़े शहर ’क्राइस्टचर्च’ में आई इस धूल भरी आधी ने बचाव कार्य में बाधा डाल दी। जिस कारण लगभग करीब 70 किमी प्रति घटे की रफ्तार से चल रही हवाओं के मद्देनजर आपात सेवाएं तत्काल सक्रिय हो गईं।
जिला पुलिस आयुक्त डेव क्लिफ ने संवाददाताओं को बताया हालात मुश्किल हो गए हैं। शहर के भीतरी हिस्से में धूल भरी आधी आई। तेज हवाओं ने सब कुछ अस्तव्यस्त कर दिया और बचाव कार्य रोकना पड़ा। क्राइस्टचर्च में 22 फरवरी को भूकंप आने की वजह से मिट्टी की पकड़ बेहद ढीली हो गई है। तेज हवाओं के साथ करीब 200,000 टन से अधिक धूल फैल गई।
बचाव कार्य में लगे कर्मियों को धूल फैलने की वजह से सास लेने में दिक्कत होने लगी। इन्फ्लुएंजा के फैलने की आशका की वजह से क्राइस्टचर्च में बड़ी संख्या में चेहरा ढकने के लिए मास्क की आपूर्ति की जा रही है। पिछले सप्ताह शहर में 6.3 तीव्रता का भूकंप आने के कारण मरने वालों की संख्या बढ़ कर आज 159 हो गई। पुलिस ने आशका जताई है कि मृतक संख्या 240 तक पहुंच सकती है। बचाव कर्मियों का कहना है कि उन्हें और लोगों के जीवित बचने की उम्मीद नहीं है।

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