
कोलंबो : वर्ल्ड कप 2011 का अपना पहला मैच खेल रहे श्रीलंका के तेज गेंदबाज लासिथ मलिंगा अपनी कला और उपयोगिता को बख़ूबी साबित कर दिखाया है। इस वर्ल्ड कप के प्रारंभिक दो मैचों में मलिंगा को अंतिम एकादश में स्थान प्राप्त नहीं हुआ था। लेकिन मलिंगा ने ’मौके पे चौका’ के बजाए ’मौके पे छक्का’ लगाया है। मलिंगा ने आज के मैच में कन्या के 6 बल्लेबाज़ों को अपनी घातक गेंदबाज़ी का शिकार बनाया।
मलिंगा ने केन्या के खिलाफ ग्रुप ए मुकाबले में शानदार हैट्रिक लगाकर क्रिकेट वर्ल्ड कप के इतिहास के पन्नों पे सुनहरे अक्षरों से अपना नाम दर्ज कराया है। मलिंगा ने दूसरी बार ये इतिहास रचा है। मलिंगा वर्ल्डकप में दो हैट्रिक लगाने वाले पहले और एकमात्र गेंदबाज बन गए हैं।
मलिंगा ने केन्या के 42वें ओवर की अंतिम गेंद और 44वें ओवर की पहली दो गेंदों पर विकेट चटकाए। मलिंगा ने इससे पहले 2003 वर्ल्डकप में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले में लगातार गेंदों पर चार विकेट चटकाए थे।
मलिंगा ने मैच के 42वें ओवर की आखिरी गेंद पर तन्मय मिश्रा को पगबाधा आउट किया। इसके बाद 44वें ओवर में मलिंगा ने पहली गेंद पर पीटर ओनगोंडो को क्लीन बोल्ड और फिर शेम नगोचे को बोल्ड कर अपनी दूसरी हैट्रिक पूरी कर ली। 44वें ओवर में मलिंगा हैट्रिक लगाकर शांत नहीं हुए। ओवर की चौथी गेंद पर मलिंगा ने ओटियेनो को भी बोल्ड कर दिया। मलिंगा ने मैच में 38 रन देकर कुल छह विकेट चटकाए।

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