Friday, March 4, 2011

अमेरिका में अजीत सिंह के दामाद को 3 साल की सजा


वाशिगटन : अमेरिका की एक अदालत ने ईरान को सैन्य स्तर के माइक्रोवेव रेडियो बेचने के मामले में भारत के पूर्व केंद्रीय मंत्री एंव राष्ट्रीय लोकदल के नेता अजित सिंह के दामाद विक्रमादित्य सिंह को छह महीने घर में नजरबंदी की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उन्हें निर्वासन का सामना भी करना पड़ेगा। इस मामले में सुरक्षा एजेंसियों ने एक स्टिंग ऑपरेशन कर उन्हें पकड़ा है।

उनकी कंपनी ने एक दलाल को माइक्रो वेव रेडियो सप्लाई किए, जो ईरानी सेना तक पहुंचने थे। आशंका है कि इस साल के अंत तक उन्हें वापस भारत भेजा जा सकता है।

माइक्रो वेव रेडियो काफी संवेदनशील उपकरण है, जिसके लिए सरकार से इजाजत लेना जरूरी है, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। 34 साल के सिंह एरिजोना में इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं के डीलर हैं। फिलाडेल्फिया में अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग के खुफिया एजेंटों ने ईरान के हथियारों के दलाल आमिर अरदेबिली को लेकर किए गए एक स्टिंग ऑपरेशन में सिंह को पकड़ा था।

सजा पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली में रालोद सुप्रीमो अजित सिंह के करीबी सूत्रों ने बताया कि विक्रमादित्य सिंह को जानकारी नहीं थी कि इन उपकरणों को बेचने से पहले एक ऐसे समझौते पर दस्तखत करने पड़ते हैं जिसमें जानकारी देनी होती है कि यह सामान आखिर में किन हाथों में जाएगा। अमेरिकी गुप्तचर गोपनीय कार्रवाई कर ईरान के लिए हथियारों की दलाली करने वाले आमिर आर्देबिली को गिरप्तार कर चुके हैं।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति में बताया गया कि जाच के दौरान मिली जानकारी के मुताबिक ईरान के हथियार दलाल आमिर अरदेबिली की गिरफ्तारी के बाद अमेरिकी गृह रक्षा विभाग के एक खुफिया एजेंट ने सिंह से संपर्क साधा। वक्तव्य में बताया गया कि अरदेबिली के कंप्यूटर की तलाश के दौरान सिंह के साथ उसके ईमेल संपर्क की जानकारी मिली जिसमें सिंह ने डिजिटल माइक्रोवेव रेडियो सहित कई वस्तुओं की मूल्य सूची और बैंक खाते की जानकारी भेजी।

सितंबर 2008 से मई 2010 के बीच प्रतिवादी के व्यवसाय की 20 महीने तक चली छानबीन के दौरान खुफिया एजेंट ने कई बार सिंह से डिजिटल माइक्रोवेव रेडियो की खरीद का प्रबंध करने को कहा। सिंह डेलावेर में 'ओरियन टेलीकॉम नेटवर्क' के मालिक हैं। जिला न्यायाधीश ग्रेगरी एम स्लीट ने सिंह को छह महीने की घर में नजरबंदी सहित तीन साल की परिवीक्षा और 100,000 अमेरिकी डॉलर याने 45 लाख भारतीय रुपयों के जुर्माने की सजा सुनाई। पहले 6 महीने वह घर में नजरबंद रहेंगे और बाकी के ढाई साल प्रोबेशन यानी निगरानी में रखे जाएंगे। संभव है नजरबंदी के बाद उन्‍हें भारत भेज दिया जाए।

हालांकि, सिंह के वकील डैनी सी ओनोरटो ने अदालत से उनके लिए केवल 1 साल की सजा का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा कि सिंह के खिलाफ यह पहला मामला है और इसके पहले उन पर कोई आरोप नहीं लगे हैं। लेकिन जज ने इसे नहीं माना।

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