
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी के मुताबिक़ देश में रहने वाले लाखों गरीब, शोषित और दलित लोग उनकी पार्टी के लिए भगवान के समान हैं और भाजपा सामाजिक और आर्थिक स्थिति के सुधार के लिए राजनीति को एक उपकरण मानकर कार्य करती है।
गडकरी आज उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के साथ उत्तराखंड सरकार द्वारा राज्य में अटल खाद्यान्न योजना का लोकार्पण करने के लिये राजधानी देहरादून पहुंचे। इसी दौरान कार्यक्रम में उपस्थित जन समूह को संबोधित करते हुए गडकरी ने ये बातें कही।
उन्होंने बताया कि भाजपा के महान चिंतक दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर शुरू की गई इस योजना से राज्य के करीब 30 लाख लोगों को लाभ मिलेगा। ऐसी योजनाएँ देश के अन्य हिस्सों में भी निरंतर चलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि केन्द्रीय कृषि मंत्री का कहना है कि देश में प्रतिवर्ष 58 हजार करोड़ रूपये का अनाज सड़ जाता है। यदि ऐसा है तो सरकार द्वारा अनाज को सड़ाने की बजाए उसे क्यों नहीं उन गरीबों, शोषितों और जरूरतमंद लोगों में बाँट दिया जाता है जिन्हें इसकी सबसे अधिक जरूरत है।
साथ ही गडकरी ने निशंक सरकार की पीठ थपथपाते हुए कहा कि गरीबों के कल्याण के लिए इस तरह की अन्य योजनाओं की भी शुरुआत की जानी चाहिए क्योंकि दीनदयाल उपाध्याय का स्पष्ट मानना था कि शोषित, दलित, पीड़ित, आर्थिक रूप से जरूरतमंद व्यक्ति भगवान का स्वरूप होता है और उसकी सेवा की जानी चाहिए।

No comments:
Post a Comment